Asian Games 2026 | 147 रन की जीत और Gold Medal.. भारत की बेटियों ने मचा दिया धमाल !
Asian Games 2026 में आखिरकार भारत के Gold Medal का इंतजार खत्म हो गया। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने फाइनल में श्रीलंका को 147 रन से हराकर देश के लिए इन खेलों का पहला स्वर्ण पदक जीत लिया। Harmanpreet Kaur की कप्तानी वाली टीम ने एक बार फिर महिला क्रिकेट में अपना दबदबा कायम किया और लगातार दूसरी बार Asian Games Gold अपने नाम किया। #asiangames2026 #indiacricket #indwvsliw #womenscricket #teamindia #harmampreetkaur #smritimandhana #timesnownavbharat You can Search us on YouTube by- NBT, NBT TV Live, Navbharat Times, Times Now, TNN, TNNB, Navbharat TV, Hindi News, Latest news and @timesnownavbharat About Channel: Times Now Navbharat देश का No.1 Hindi news है। यह चैनल भारत और दुनिया से जुड़ी हर Latest News और Breaking News , राजनीति, मनोरंजन और खेल से जुड़े समाचार आपके लिए लेकर आता है। इसलिए सब्सक्राइब करें और बने रहें टाइम्स नाउ नवभारत के साथ Times Now Navbharat is India's fastest growing Hindi News Channel with 24 hour coverage. Get Breaking news, Latest news, Politics news, Entertainment news and Sports news from India & World on Times Now Navbharat. ------------------------------------------------------------------------------------------------------------- Watch Live TV : https://www.timesnowhindi.com/live-tv Subscribe to our other network channels: Times Now: https://www.youtube.com/TimesNow Zoom: https://www.youtube.com/zoomtv ------------------------------------------------------------------------------------------------------------- You can also visit our website at: https://www.timesnowhindi.com Download our App for Breaking News: https://tinyurl.com/bde8rv84 Like us on Facebook: https://www.facebook.com/Timesnownavbharat Follow us on Twitter: https://twitter.com/TNNavbharat Follow us on Instagram: https://www.instagram.com/timesnownavbharat
CBFC New Rules: ड्रग्स, हिंसा और अश्लील सीन पर CBFC की सख्ती; फिल्मों के नए नियमों में हुआ बड़ा बदलाव
CBFC New Rules: CBFC ने फिल्मों के सर्टिफिकेट से जुड़े नए नियम लागू कर दिए हैं। सूचना और प्रसारण मंत्रालय की ओर से जारी इन नियमों में ड्रग्स, हिंसा, यौन हिंसा, बच्चों और महिलाओं से जुड़े संवेदनशील सीन को लेकर कई बातें साफ की गई हैं। करीब 35 साल बाद फिल्मों को सर्टिफिकेट देने की नियमों में बदलाव हुआ है। नए नियमों ने 1991 में जारी पुराने दिशा-निर्देशों की जगह ली है।
ड्रग्स वाले सीन पर चेतावनी जरूरी
फिल्म में अगर नशीले पदार्थों का सेवन, इस्तेमाल या उनकी खरीद-बिक्री दिखाई जाती है, तो उसके साथ एक तय चेतावनी दिखानी होगी। इस चेतावनी में लिखा होगा- “गैरकानूनी नशीले पदार्थ स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं और जेल की सजा दिला सकते हैं। नशे को ना कहें।” इसके अलावा शराब, नशे की लत और तंबाकू के सेवन को सही या अच्छा बताने वाले सीन पर रोक जारी रहेगी।
हिंसा को लेकर भी सख्ती
नए नियमों में फिल्मों में हिंसा और अपराध को बढ़ावा देने वाले सीन पर भी ध्यान दिया गया है। अपराध करने का तरीका इस तरह नहीं दिखाया जाना चाहिए, जिससे दर्शक उसे देखकर अपराध करने के लिए प्रेरित हों। बिना जरूरत की मारपीट, हिंसा और डरावने सीन से भी बचना होगा। खासकर ऐसे सीन, जिनका कहानी से कोई जरूरी संबंध नहीं है और जिन्हें सिर्फ मनोरंजन के लिए रखा गया है, उन्हें सीमित करना होगा।
बच्चों से जुड़े सीन में होंगे बड़े बदलाव
बच्चों को लेकर भी नए नियमों में खास सावधानी बरतने को कहा गया है। फिल्मों में बच्चों को बेवजह हिंसा का शिकार, हिंसा करने वाला या जबरन हिंसा देखने वाला नहीं दिखाया जाना चाहिए। बच्चों के साथ मारपीट, दुर्व्यवहार या शोषण से जुड़े सीन को भी सोच-समझकर दिखाना होगा।
महिलाओं को लेकर नियम सख्त
यौन हिंसा और महिलाओं के चित्रण को लेकर भी नियम सख्त किए गए हैं। अगर कहानी के लिए ऐसा कोई सीन जरूरी है, तो उसे बहुत सीमित रखना होगा। ऐसे सीन में अनावश्यक या बहुत ज्यादा साफ-साफ विवरण नहीं दिखाया जाना चाहिए। महिलाओं को नीचा दिखाने या उनका अपमान करने वाले सीन से भी बचना होगा।
धर्म और समुदाय पर भी पैनी नजर
किसी जाति, धर्म, नस्ल या समुदाय का अपमान करने वाली सामग्री को लेकर भी नियम बनाए गए हैं। इसके अलावा ऐसी कंटेंट से बचना होगा, जो सामुदायिक तनाव या विज्ञान विरोधी सोच को बढ़ावा दे।
जानवरों और दिव्यांग लोगों से जुड़े नियम
फिल्मों में जानवरों के साथ बेवजह हिंसा या क्रूरता दिखाने से भी बचना होगा। शारीरिक या मानसिक दिव्यांग लोगों का मजाक उड़ाने या उनके साथ गलत व्यवहार दिखाने पर भी सावधानी बरतने को कहा गया है।
उम्र के हिसाब से मिलेगा सर्टिफिकेट
नए नियमों में उम्र के आधार पर सर्टिफिकेट की तीन श्रेणियां भी शामिल हैं।
- यू/ए 7+: 7 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए माता-पिता की सलाह जरूरी होगी।
- यू/ए 13+: 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए माता-पिता की सलाह जरूरी होगी।
- यू/ए 16+: 16 साल से कम उम्र के दर्शकों के लिए माता-पिता की सलाह जरूरी होगी।
ये तीनों श्रेणियां सिनेमैटोग्राफ नियम, 2024 के तहत पहले ही शुरू की गई थीं। अब इन्हें नए सर्टिफिकेशन नियमों में भी शामिल किया गया है।
वयस्क फिल्मों को भी मिल सकता है प्रमाणपत्र
CBFC ऐसी फिल्मों को वयस्क यानी एडल्ट प्रमाणपत्र दे सकता है, जो बच्चों के लिए उपयुक्त नहीं हैं, लेकिन बाकी जरूरी नियमों को पूरा करती हैं। वहीं, बिना उम्र की पाबंदी वाली फिल्मों को परिवार और बच्चों के साथ देखने लायक होना चाहिए।
पूरी फिल्म देखकर होगा फैसला
नए नियमों में यह भी साफ किया गया है कि CBFC को फिल्म के किसी एक सीन को अलग से देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। पूरी फिल्म को उसके संदर्भ और कहानी के साथ देखकर निर्णय लिया जाना चाहिए।
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