एलन मस्क ने धोखाधड़ी के आरोप में ओपनएआई और माइक्रोसॉफ्ट से की 134 अरब डॉलर तक के हर्जाने की मांग
नई दिल्ली, 17 जनवरी (आईएएनएस)। टेस्ला के सीईओ और एआई कंपनी एक्सएआई के फाउंडर एलन मस्क ने ओपनएआई और माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ एक बड़ा मुकदमा दायर किया है। मस्क ने आरोप लगाया है कि ओपनएआई ने अपने गैर-लाभकारी उद्देश्य को छोड़ दिया और माइक्रोसॉफ्ट के साथ साझेदारी करके उनके साथ धोखा किया।
एलन मस्क ने इस मामले में 79 अरब डॉलर से लेकर 134 अरब डॉलर तक के हर्जाने की मांग की है।
मस्क के वकील ने शुक्रवार को अदालत में दाखिल दस्तावेज में इस हर्जाने की जानकारी दी। यह जानकारी ऐसे समय में सामने आई है, जब एक संघीय न्यायाधीश ने ओपनएआई और माइक्रोसॉफ्ट की उस मांग को खारिज कर दिया, जिसमें वे अप्रैल के अंत में होने वाले जूरी ट्रायल से बचना चाहते थे। यह मुकदमा अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के ऑकलैंड शहर में चलेगा।
अदालत में दाखिल दस्तावेज के अनुसार, मस्क ने साल 2015 में ओपनएआई की स्थापना में मदद की थी और उस समय 38 लाख डॉलर की शुरुआती राशि दी थी। मस्क का कहना है कि आज ओपनएआई की कीमत करीब 500 अरब डॉलर हो चुकी है और उन्हें इस मूल्य का हिस्सा मिलना चाहिए।
मस्क के वकील स्टीवन मोलो ने कहा कि जैसे किसी स्टार्टअप में शुरुआती निवेश करने वाला व्यक्ति बाद में बहुत बड़ा मुनाफा कमा सकता है, उसी तरह ओपनएआई और माइक्रोसॉफ्ट ने जो गलत फायदा कमाया है, उस पर अब एलन मस्क का भी हक बनता है।
एलन मस्क ने साल 2018 में ओपनएआई के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने साल 2023 में अपनी खुद की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी शुरू की। साल 2024 में उन्होंने ओपनएआई के प्रमुख सैम ऑल्टमैन के खिलाफ कानूनी लड़ाई शुरू की।
मस्क का आरोप है कि सैम ऑल्टमैन ने ओपनएआई को गैर-लाभकारी संस्था से मुनाफे वाली कंपनी में बदलने की योजना बनाई, जो गलत है। हालांकि, ओपनएआई और माइक्रोसॉफ्ट ने एलन मस्क के सभी आरोपों को गलत बताया है।
ओपनएआई ने अपने बयान में कहा कि एलन मस्क का मुकदमा बेबुनियाद है और यह सिर्फ कंपनी को परेशान करने की कोशिश है। कंपनी ने कहा कि वह अदालत में सच साबित करने के लिए तैयार है।
ओपनएआई ने निवेशकों को पहले ही चेतावनी दी थी कि जैसे-जैसे मामला आगे बढ़ेगा, एलन मस्क इस तरह के चौंकाने वाले दावे करते रहेंगे। वहीं, माइक्रोसॉफ्ट ने इस पूरे मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
चैटजीपीटी निर्माता ओपनएआई ने अक्टूबर में अपनी कंपनी की संरचना में बदलाव की घोषणा की थी। इसके तहत माइक्रोसॉफ्ट को कंपनी में 27 प्रतिशत हिस्सेदारी दी गई, लेकिन गैर-लाभकारी संस्था का नियंत्रण अभी भी बना रहेगा।
सैम ऑल्टमैन ने एलन मस्क के मुकदमे को कानूनी प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल बताया और कहा कि इसका मकसद सिर्फ एक प्रतिस्पर्धी कंपनी की रफ्तार को धीमा करना है।
अदालत में पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार, ओपनएआई ने गलत तरीके से 65.50 अरब से 109.43 अरब डॉलर तक का फायदा कमाया, जबकि माइक्रोसॉफ्ट को 13.30 अरब से 25.06 अरब डॉलर तक का लाभ हुआ।
एलन मस्क ने यह भी कहा है कि वे सिर्फ नुकसान की भरपाई ही नहीं, बल्कि अतिरिक्त जुर्माने की मांग भी करेंगे।
--आईएएनएस
डीबीपी/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
बांग्लादेश चुनाव से पहले जमात गठबंधन में दरार, सीट बंटवारे को लेकर आईएबी ने छोड़ा अलायंस
ढाका, 17 जनवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश में आम चुनाव से कुछ ही दिन पहले, कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन में फूट पड़ गई है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, गठबंधन के घटक दल इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश (आईएबी) ने ब्लॉक से अलग होने का ऐलान किया।
आईएबी ने शुक्रवार को कहा कि वह दूसरों के एहसान पर निर्भर रहकर राजनीति में शामिल नहीं होना चाहती। वह अगले आम चुनाव में 300 में से 268 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की योजना बना रही है।
आईएबी का यह फैसला तब सामने आया है, जब जमात के नेतृत्व वाले गठबंधन ने ढाका में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान 253 सीटों के बंटवारे का ऐलान किया। बता दें, आईएबी ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का विरोध किया था।
बांग्लादेश के अखबार द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, ढाका में पार्टी के सेंट्रल ऑफिस में मीडिया से बातचीत के दौरान आईएबी के प्रवक्ता गाजी अताउर रहमान ने कहा कि सीट-शेयरिंग के दौरान पार्टी को इंसाफ नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि गठबंधन इस्लामिक विचारधारा से भटक गया है।
मीडिया ने बाद में पार्टी प्रवक्ता से सवाल पूछा कि क्या आईएबी ने सीट बंटवारे को लेकर खुद को इस गठबंधन से बाहर किया है? इसपर उन्होंने कहा, सीटों की संख्या कम या ज्यादा हो सकती है। लेकिन यहां, सीट शेयरिंग की प्रक्रिया में, हमारे आत्मसम्मान को ठेस पहुंचा है। यह भी एक बड़ा कारण है।
अताउर ने बातचीत के दौरान जमात पर मनमाने बर्ताव का आरोप लगाया और कहा कि इससे उनकी पार्टी की बेइज्जती हुई है। द डेली स्टार ने आईएबी लीडर के हवाले से कहा, हम आज (शुक्रवार) आपके सामने यह बताने के लिए मजबूर हैं कि इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश ने जिन 270 सीटों पर नामांकन पेपर जमा किए थे, उनमें से दो उम्मीदवारों को रिजेक्ट कर दिया गया। बाकी 268 उम्मीदवार वैध हैं। हमने उन्हें चुनाव लड़ने का निर्देश दिया है। उनमें से कोई भी नाम वापस नहीं लेगा।
बता दें, जमात और आईएबी बांग्लादेश के दो सबसे बड़े इस्लामी समूह हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जमात 11 पार्टी गठबंधन के तहत इस्लामी वोटों को मजबूत करने के लिए तीन महीने से ज्यादा समय से बातचीत कर रहे थे। आईएबी भी जमात के नेतृत्व वाले 11-पार्टी गठबंधन का हिस्सा था। हालांकि, पिछले कई दिनों से सीट-शेयरिंग को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया था।
इससे पहले 29 दिसंबर 2025 को नॉमिनेशन की डेडलाइन से ठीक पहले पार्टी के साथ गठबंधन की बातचीत फेल हो गई। इसकी वजह से दोनों पार्टियों को सैकड़ों सीटों पर नॉमिनेशन जमा करना पड़ा, जिससे गठबंधन के अंदर ही उथल-पुथल मच गई।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, जमात ने आखिरी दिन 276 सीटों पर नॉमिनेशन फाइल किया, जबकि इस्लामी आंदोलन ने 268 सीटों पर नामांकन पेपर जमा किए। बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले चुनाव में अब महीने भर का भी समय नहीं रह गया है। ऐसे में राजनीतिक दलों के बीच तनाव काफी बढ़ता जा रहा है।
--आईएएनएस
केके/एएस
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