बांग्लादेश चुनाव से पहले जमात गठबंधन में दरार, सीट बंटवारे को लेकर आईएबी ने छोड़ा अलायंस
ढाका, 17 जनवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश में आम चुनाव से कुछ ही दिन पहले, कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन में फूट पड़ गई है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, गठबंधन के घटक दल इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश (आईएबी) ने ब्लॉक से अलग होने का ऐलान किया।
आईएबी ने शुक्रवार को कहा कि वह दूसरों के एहसान पर निर्भर रहकर राजनीति में शामिल नहीं होना चाहती। वह अगले आम चुनाव में 300 में से 268 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की योजना बना रही है।
आईएबी का यह फैसला तब सामने आया है, जब जमात के नेतृत्व वाले गठबंधन ने ढाका में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान 253 सीटों के बंटवारे का ऐलान किया। बता दें, आईएबी ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का विरोध किया था।
बांग्लादेश के अखबार द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, ढाका में पार्टी के सेंट्रल ऑफिस में मीडिया से बातचीत के दौरान आईएबी के प्रवक्ता गाजी अताउर रहमान ने कहा कि सीट-शेयरिंग के दौरान पार्टी को इंसाफ नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि गठबंधन इस्लामिक विचारधारा से भटक गया है।
मीडिया ने बाद में पार्टी प्रवक्ता से सवाल पूछा कि क्या आईएबी ने सीट बंटवारे को लेकर खुद को इस गठबंधन से बाहर किया है? इसपर उन्होंने कहा, सीटों की संख्या कम या ज्यादा हो सकती है। लेकिन यहां, सीट शेयरिंग की प्रक्रिया में, हमारे आत्मसम्मान को ठेस पहुंचा है। यह भी एक बड़ा कारण है।
अताउर ने बातचीत के दौरान जमात पर मनमाने बर्ताव का आरोप लगाया और कहा कि इससे उनकी पार्टी की बेइज्जती हुई है। द डेली स्टार ने आईएबी लीडर के हवाले से कहा, हम आज (शुक्रवार) आपके सामने यह बताने के लिए मजबूर हैं कि इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश ने जिन 270 सीटों पर नामांकन पेपर जमा किए थे, उनमें से दो उम्मीदवारों को रिजेक्ट कर दिया गया। बाकी 268 उम्मीदवार वैध हैं। हमने उन्हें चुनाव लड़ने का निर्देश दिया है। उनमें से कोई भी नाम वापस नहीं लेगा।
बता दें, जमात और आईएबी बांग्लादेश के दो सबसे बड़े इस्लामी समूह हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जमात 11 पार्टी गठबंधन के तहत इस्लामी वोटों को मजबूत करने के लिए तीन महीने से ज्यादा समय से बातचीत कर रहे थे। आईएबी भी जमात के नेतृत्व वाले 11-पार्टी गठबंधन का हिस्सा था। हालांकि, पिछले कई दिनों से सीट-शेयरिंग को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया था।
इससे पहले 29 दिसंबर 2025 को नॉमिनेशन की डेडलाइन से ठीक पहले पार्टी के साथ गठबंधन की बातचीत फेल हो गई। इसकी वजह से दोनों पार्टियों को सैकड़ों सीटों पर नॉमिनेशन जमा करना पड़ा, जिससे गठबंधन के अंदर ही उथल-पुथल मच गई।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, जमात ने आखिरी दिन 276 सीटों पर नॉमिनेशन फाइल किया, जबकि इस्लामी आंदोलन ने 268 सीटों पर नामांकन पेपर जमा किए। बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले चुनाव में अब महीने भर का भी समय नहीं रह गया है। ऐसे में राजनीतिक दलों के बीच तनाव काफी बढ़ता जा रहा है।
--आईएएनएस
केके/एएस
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सुनीता आहूजा ने फिर साधा गोविंदा पर निशाना, बेटे की कोई मदद न करने पर बोलीं- ‘तू कैसा बाप है'
Sunita Ahuja On Govinda: बॉलीवुड एक्टर गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा का रिश्ता बीते एक साल से लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. जहां एक ओर उनके तलाक की अफवाहों ने जोर पकड़ा, वहीं दूसरी ओर गोविंदा के कथित एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की खबरें भी सामने आती रहीं. हालांकि सुनीता आहूजा कई बार तलाक की खबरों को सिरे से खारिज कर चुकी हैं, लेकिन उन्होंने अपने पति के अफेयर को लेकर खुलकर बात की है.
ऐसे में अब हाल ही में एक नए इंटरव्यू में सुनीता ने एक बार फिर गोविंदा पर निशाना साधा है. साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गोविंदा ने अपने बेटे हर्षवर्धन आहूजा के करियर में कोई मदद नहीं की. तो चलिए हम आपको सब कुछ डिटेल में बताते हैं.
गोविंदा के कथित अफेयर पर क्या बोलीं सुनीता?
मिस मालिनी को दिए एक इंटरव्यू में सुनीता आहूजा ने गोविंदा के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की ओर इशारा करते हुए कहा, “ऐसी लड़कियां बहुत आती हैं.” हालांकि यह इंटरव्यू अभी पूरी तरह रिलीज नहीं हुआ है, लेकिन मिस मालिनी के पॉडकास्ट के प्रोमो में सुनीता को कहते हुए सुना जा सकता है कि “मैं गोविंदा को माफ नहीं करूंगी. सतर्क हो जा बेटा, अभी भी.” सुनीता आगे कहती हैं, “ऐसी लड़कियां बहुत आती हैं, लेकिन तुम थोड़े बेवकूफ हो. तुम 63 के हो गए हो. तुम्हें टीना की शादी करनी होगी, यश का करियर है.”
बेटे के करियर पर भी जताई नाराजगी
अपने बेटे यश के करियर को लेकर सुनीता ने गोविंदा पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा, “गोविंदा के बेटे होने के बावजूद यश ने कभी उनसे यह नहीं कहा कि ‘आप मेरी मदद करो’. गोविंदा ने भी उसकी कोई मदद नहीं की.” सुनीता ने आगे बताया कि उन्होंने इस बात को लेकर गोविंदा से सीधे सवाल किया था, “मैंने गोविंदा के मुंह पर बोला- ‘तू बाप है क्या है कि क्या है बे?’”
तलाक की अफवाहों को कर चुकी हैं खारिज
इससे पहले 2025 के गणेश चतुर्थी उत्सव के दौरान सुनीता आहूजा ने मीडिया से बातचीत में तलाक की खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया था. उन्होंने कहा था, “आज मीडिया के मुंह पर थप्पड़ नहीं पड़ी क्या? हमको साथ में देखकर, इतना करीब… अगर कुछ होता तो इतने नजदीक होते? ऊपर से कोई भी आ जाए… मेरा गोविंदा सिर्फ मेरा ही है और किसी का नहीं है.”
1987 में हुई थी गोविंदा-सुनीता की शादी
गोविंदा और सुनीता आहूजा ने साल 1987 में शादी की थी. उन्होंने 1989 में बेटी टीना के जन्म तक अपनी शादी को निजी रखा. दशकों तक दोनों को बॉलीवुड के सबसे मजबूत और लोकप्रिय कपल्स में गिना जाता रहा है, लेकिन हाल के विवादों और बयानों ने उनकी निजी ज़िंदगी को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है.
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