Reliance Industries का शुद्ध लाभ तीसरी तिमाही में मामूली बढ़कर 18,645 करोड़ रुपये पर
विभिन्न कारोबार से जुड़ा रिलायंस इंडस्ट्रीज लि. का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में मामूली बढ़कर 18,645 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने शुक्रवार को शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि खुदरा कारोबार में कमजोर रुख ने अन्य क्षेत्रों में हुए लाभ को बेअसर कर दिया।
कंपनी के अनुसार, जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाये जाने के कारण खुदरा कारोबार में धीमी वृद्धि देखने को मिली। हालांकि इसके ऊर्जा और डिजिटल इकाइयों का प्रदर्शन अच्छा रहा।
मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में इसका शुद्ध लाभ 18,645 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक वर्ष पहले यह 18,540 करोड़ रुपये था। परिचालन राजस्व आलोच्य तिमाही में बढ़कर 2.69 लाख करोड़ रुपये हो गया जो एक साल पहले इसी तिमाही में 2.43 लाख करोड़ रुपये था।
तीन से पांच दिसंबर के बीच उड़ानों के रद्द होने से प्रभावित सभी यात्रियों के पैसे वापस किए गए: DGCA
विमानन नियामक डीजीसीए ने शुक्रवार को कहा कि घरेलू विमानन कंपनी, इंडिगो ने तीन से पांच दिसंबर के बीच उड़ान रद्द होने से प्रभावित सभी यात्रियों के पैसे वापस कर दिए हैं।
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कहा, ‘‘डीजीसीए तीन से पांच दिसंबर के बीच परिचालन रुकावटों से प्रभावित यात्रियों को वापस की जाने वाली राशि और मुआवजे के संबंध में घरेलू विमानन कंपनी इंडिगो के साथ लगातार बातचीत कर रहा है।’’
नियामक ने एक बयान में कहा, ‘‘इंडिगो ने बताया कि तीन दिसंबर से पांच दिसंबर के दौरान इंडिगो उड़ानों के रद्द होने के प्रभावित यात्रियों को पैसे वापस का काम पूरा हो गया...।’’
इसके अलावा, एयरलाइन ने प्रभावित यात्रियों की मदद के लिए एक और कदम उठाया है। इसके तहत इंडिगो 12 महीने की मान्य अवधि के साथ 5,000 रुपये के दो यात्रा वाउचर दे रही है।
डीजीसीए के नियमों के मुताबिक, यात्रियों को उन ‘सुविधाओं’ के लिए मुआवज मिलना चाहिए जो एयरलाइंस द्वारा ‘बोर्डिंग से मना करने, उड़ान रद्द करने और उड़ान में देरी’ के कारण यात्रियों को दी जाती हैं।
इस बीच, ‘‘दो से नौ दिसंबर के बीच एयरलाइन द्वारा अचानक रद्द की गई सैकड़ों उड़ानों’ के लिए रिफंड न मिलने की यात्रियों की शिकायतें सोशल मीडिया पर आ रही हैं।
केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री के राममोहन नायडू ने नौ दिसंबर को संसद को बताया था कि ‘इंडिगो को तुरंत ‘रिफंड’ जारी करने का आदेश दिया गया था और 750 करोड़ रुपये से ज्यादा पहले ही यात्रियों तक पहुंच चुके हैं।
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