बांग्लादेश में नहीं थम रही अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा, हिंदू टीचर के घर को किया आग के हवाले
ढाका, 16 जनवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार में कट्टरपंथियों के मन से कानून का भय पूरी तरह से खत्म हो चुका है। ताजा मामले में सिलहट जिले के गोवाईघाट उपजिला में एक हिंदू शिक्षक बीरेंद्र कुमार डेके घर में आग लगा दी गई।
इसकी वजह से पीड़ित के परिवार और आसपास के लोगों में डर और घबराहट फैल गई। हमले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि घर में तेजी से आग की लपटें दिख रही थीं और परिवार के सदस्य भागने की कोशिश कर रहे थे।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिलहट जिले के गोवाईघाट उपजिला के नंदिरगांव यूनियन के बहोर गांव में इस्लामी समूह ने कथित तौर पर एक स्कूल टीचर के घर में आग लगा दी।
एक अन्य मामले में इस हफ्ते की शुरुआत में फेनी जिले के दगनभुइयां उपजिला में बदमाशों ने एक हिंदू शख्स की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। 27 साल के ऑटो रिक्शा ड्राइवर समीर दास की लाश सोमवार को बांग्लादेश के जगतपुर गांव के खेत से मिली।
परिवार वालों और पुलिस के हवाले से बांग्लादेश के अखबार डेली मनोबकांठा ने बताया कि समीर रविवार शाम को अपने ऑटो रिक्शा से निकला था। जब वह देर रात तक घर वापस नहीं आया, तो उसके रिश्तेदारों ने उसे अलग-अलग जगहों पर ढूंढना शुरू कर दिया।
बाद में, वहां के लोगों को उपजिला के सदर यूनियन के तहत जगतपुर गांव के एक खेत में समीर की बॉडी मिली। खबर मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बरामद किया।
यह 24 दिनों में नौवीं घटना थी, जिसमें पूरे बांग्लादेश में हिंदू समुदायों को निशाना बनाकर हिंसा को अंजाम दिया गया। ऐसे हालात को लेकर लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जाहिर की जा रही है।
इससे पहले 9 जनवरी को भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं पर बार-बार होने वाले हमलों के परेशान करने वाले पैटर्न पर गहरी चिंता जताई थी।
भारत ने कहा था कि वह पड़ोसी देश में स्थिति पर नजर रख रहा है और उम्मीद करता है कि सांप्रदायिक हिंसा की ऐसी घटनाओं से सख्ती से निपटा जाएगा।
--आईएएनएस
केके/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
लचीलापन और तनाव मुक्त जीवन : आयुष मंत्रालय ने सूर्य नमस्कार की 12 मुद्राओं के बताए फायदे
मुंबई, 16 जनवरी (आईएएनएस)। सूर्य नमस्कार योग का एक प्राचीन हिस्सा है, जो शारीरिक और मानसिक संतुलन के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। आयुष मंत्रालय ने शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर सूर्य नमस्कार की 12 मुद्राओं को साझा करते हुए इसकी महत्ता को समझाया।
आयुष मंत्रालय ने बताया कि सूर्य नमस्कार की ये 12 मुद्राएं शरीर की लगभग हर मांसपेशी को सक्रिय करती हैं। यह शरीर में लचीलापन लाने, वजन घटाने और मेटाबॉलिज्म को सुधारने का एक कारगर माध्यम भी है। साथ ही, सही श्वास प्रक्रिया के साथ इसका अभ्यास मानसिक शांति और शारीरिक शक्ति भी प्रदान करता है।
सूर्य नमस्कार का अभ्यास करने से पहले सही श्वास का ज्ञान होना जरूरी है। आयुष मंत्रालय के मुताबिक, शुरुआत में हथेलियों को नमस्कार मुद्रा में जोड़ना चाहिए, जिससे ध्यान केंद्रित होता है और मन स्थिर होता है। यह मुद्रा न केवल मानसिक एकाग्रता बढ़ाती है, बल्कि शरीर की मुद्रा को सही दिशा में तैयार करती है।
इसके बाद, जब आप पीछे की ओर झुकते हैं, तो शरीर की रीढ़ की हड्डी लचीली बनती है और फेफड़े खुलते हैं, जिससे फेफड़ों में अधिक ऑक्सीजन जाने का मार्ग बनता है। इस प्रक्रिया में श्वास लेना बेहद महत्वपूर्ण है, जो शरीर को ऊर्जावान बनाता है।
अगले चरण में, सिर को नीचे की ओर झुकाना शरीर के खून के परिसंचरण में सुधार करता है। यह मुद्रा विशेष रूप से सिरदर्द और तनाव को कम करने में सहायक होती है। साथ ही, जब आप शरीर को आगे की ओर झुकाते हैं और कंधों और कमर को सक्रिय करते हैं, तो यह पीठ दर्द और कंधे की जकड़न को दूर करता है। सांस छोड़ते और लेते हुए इन मुद्राओं का अनुकरण शरीर की मांसपेशियों को आराम देता है और उनमें ताकत भी बढ़ाता है।
सूर्य नमस्कार की एक और खास बात यह है कि यह पूरे शरीर को एक साथ काम करने के लिए प्रेरित करता है। जैसे-जैसे आप इन 12 मुद्राओं में आगे बढ़ते हैं, आपकी छाती, पेट, हाथ, पैर और पीठ की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं। इस प्रक्रिया से रक्त संचार बेहतर होता है और शरीर के अंगों को पर्याप्त पोषण मिलता है। मेटाबॉलिज्म भी तेज होता है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है। यह खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो अपनी दिनचर्या में व्यायाम के लिए समय निकालना चाहते हैं और साथ ही तनाव से भी मुक्त होना चाहते हैं।
सूर्य नमस्कार की मुद्राओं में शरीर को मोड़ने, झुकाने और फैलाने की कई गतियां शामिल हैं, जो लचीलापन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती हैं। यह लचीलापन न केवल शारीरिक चोटों से बचाता है, बल्कि मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। इसके साथ ही, नियमित अभ्यास से शारीरिक संतुलन और सहनशीलता में भी सुधार आता है।
आयुष मंत्रालय के पोस्ट में दी गई 12 मुद्राओं का अपना एक विशिष्ट लाभ है। जैसे प्रारंभिक मुद्रा, जहां हाथ नमस्कार मुद्रा में होते हैं, यह ध्यान केंद्रित करता है। फिर धीरे-धीरे शरीर को पीछे झुकाना रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है। सिर नीचे करने से तनाव कम होता है और आगे झुकने से मांसपेशियों को खिंचाव मिलता है। इन सभी मुद्राओं के संयोजन से पूरे शरीर को एक अच्छा कसरत मिलता है, जो न केवल शरीर को फिट बनाता है बल्कि मानसिक थकान को भी दूर करता है।
सूर्य नमस्कार का नियमित अभ्यास वजन घटाने के लिए भी काफी प्रभावी माना जाता है। यह व्यायाम पूरे शरीर की कैलोरी कम करने में मदद करता है और मेटाबॉलिज्म को तेज करता है। इससे शरीर के अंदरूनी अंगों को भी लाभ मिलता है और पाचन तंत्र बेहतर काम करता है। साथ ही, यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है, जिससे हम बीमारियों से लड़ने में सक्षम होते हैं।
--आईएएनएस
पीके/एएस
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