औकात है तो सेना भेजो...ईरान ने ट्रंप की कर दी गजब बेइज्जती, दिया खुला चैलेंज
लगभग 7 महीने का वक्त बीत रहा है और अमेरिका और ईरान के बीच में कभी तेज कभी धीमी रुक-रुक कर जंग जारी है। लेकिन इन सात महीनों में अमेरिका पूरी दुनिया में एक्सपोज हो गया है। जो सो कॉल्ड एक वर्ल्ड पावर की ताकत की हैसियत और इस तरह की गलबहिया कहने वाला एक देश आज ईरान के सामने नतमस्तक है। हूती विद्रोहियों ने जो कि ईरान के समर्थन में है पूरे सऊदी अरब में तबाही मचा रखी है। रेड सी पर कब्जा करने जा रहे हैं वहां पर कि हर तरीके से बाब अल मंदेब और होर्मज स्टेट जो दो सबसे बड़े ग्लोबल एनर्जी सप्लाई के पॉइंट्स हैं उनको ब्लॉक किया जा रहा है। यानी कि पूरी दुनिया में हाहाकार मचने वाली है। लेकिन अंगल सैम को इससे कोई परवाह नहीं है। वो लगातार ईरान को धमकियां दे रहे हैं कि हर दिन हम उजाड़ देंगे। हम बर्बाद कर देंगे। लेकिन अब तक कहीं इतना भी नहीं कर पाए कि ईरान के पलटवार करने की क्षमता को कम कर कम कर पाए।
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अब ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी हैं मोहसिन रिजाई। इन्होंने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ये रोज-रोज बम फेंक कर जो तुम लोग उड़ जाते हो यह खत्म करो। एक बार आरपार की जंग करो और अगर दम है तो अपनी सेना भेजो। जब तक ग्राउंड ऑपरेशन नहीं होंगे जब तक बूट्स ऑन द ग्राउंड यानी कि जब तक ईरान पर अगर कब्जा करना है रजाई ने कहा कि अगर ईरान को जीतना है ईरान पर कब्जा करना है तो आप हवाई हमलों से नहीं कर पाओगे उसके लिए आपको ग्राउंड ऑपरेशन करना पड़ेगा और आप ग्राउंड ऑपरेशन करिए अमेरिकी सेना तो बहुत ताकतवर कही जाती है पूरी दुनिया में देख लेते हैं मैदान में किस किस में कितना दम है अब आप बताइए रिजाई ने यह खुली चुनौती अमेरिका को दी है और कहा है कि हमने सुना है कि यूरोप के कुछ देशों के साथ में अमेरिका की एक मीटिंग हुई है। इस मीटिंग के दरमियान यह कहा गया है कि ईरान पर फिर से हवाई हमले तेज किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ये हवाई हमले कर कर के 7 महीने का वक्त बीत गया है। इसको रोक दो। इसमें कोई इसमें कभी तुम युद्ध जीत नहीं पाओगे। लेकिन अगर तुमको वास्तव में ईरान को जीतना है, कब्जा करना है, हमको हराना है तो आप एक बार अमेरिकी फौज को यहां पर उतारो।
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आरपार की जंग होने दो। उसमें अगर तुम जीत जाओगे तो ईरान तुम्हारा हो गया। बहुत सिंपल सी पॉलिसी है। जब जान जितने भी बड़े रणनीतिक विशेषज्ञ हैं, डिफेंस एक्सपर्ट हैं, वह हमेशा से कहते रहे हैं कभी भी एयरफोर्स के भरोसे आप जंग जीत नहीं सकते। हां, एयरफोर्स आपको एक निर्णायक जंग के जीत के मुहाने तक पहुंचा सकती है। किसी भी युद्ध का डायग्राम चेंज कर सकती है। हारते हुए को एयरफोर्स जीता सकती है। लेकिन अगर आप यह कहो कि वो केवल एयरफोर्स के भरोसे आप जंग जीत जाओ। ऐसा मुमकिन नहीं है। आप पूरे वैश्विक इतिहास के जितने भी युद्ध हुए हो आप देख सकते हैं कि कोई भी युद्ध एयर स्ट्राइक से नहीं जीता गया।
आर्यवीर सहवाग हाफ सेंचुरी से चूके:47 पर रन आउट हुए, यशबर्धन चौहान का शतक
भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ राजकोट में खेले जा रहे दूसरे यूथ वनडे में पहले बल्लेबाजी करते हुए 46.2 ओवर में 3 विकेट पर 313 रन बना लिए। टीम ने शुरुआत में विकेट गंवाए, लेकिन बाद में यशवर्धन चौहान और वीके विनीत ने पारी को संभाला। यशवर्धन ने नाबाद शतक लगाया, जबकि विनीत ने 87 रन की पारी खेली। आर्यवीर ने पहले वनडे में 28 रन बनाए थे भारत अंडर-19 ने ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 को पहले यूथ वनडे में 7 रन से हराया था। बारिश के कारण मुकाबला 20-20 ओवर का कर दिया गया था। इस मैच में आर्यवीर ने अंडर-19 डेब्यू किया। उन्होंने ओपनिंग करते हुए 28 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने पांच चौके जड़े। राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ ने 18 गेंद में 38 रन की पारी खेली।
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