बिना लक्षणों वाला Cervical Cancer क्या होता है? डॉक्टर से जानें शुरुआती संकेत और स्क्रीनिंग कब जरूरी
Cervical Cancer Causes: कैंसर की बीमारी इन दिनों तेजी से फैल रही है. ये कई प्रकार के हो सकते हैं. महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर होता है. हर साल जनवरी का महीना Cervical Cancer Awareness मंथ के रूप में मनाया जाता है. इसलिए, इस महीने में महिलाओं के इस घातक कैंसर के बारे में सभी को जानना चाहिए. बता दें कि ये कैंसर सर्विक्स से शुरू होता है और बच्चेदानी को भी प्रभावित करता है. आइए जानते हैं इस कैंसर के बारे में सब कुछ.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
गुरुग्राम के CIFAR की डायरेक्टर-गायनेकोलॉजिस्ट और IVF एक्सपर्ट, डॉक्टर पुनीत राणा अरोड़ा बताती हैं कि यह कैंसर सर्विक्स से शुरू होता है. यह यूट्रस का पतला निचला हिस्सा होता है, जो बच्चेदानी को वजाइना से जोड़ने में मदद करता है.
सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण अमूमन ह्यूमन पेपिलोमावायरस के कुछ स्ट्रेन से लंबे समय तक रहने वाला इंफेक्शन होता है, यह एक आम वायरस है जो सेक्सुअल कॉन्टैक्ट से फैलता है.
कैसे फैलता है यह कैंसर?
डॉक्टर बताती हैं कि ज्यादातर इन्फेक्शन अपने आप ठीक हो जाते हैं, लेकिन अगर उसके कीटाणु बने रहते हैं, तो वे सर्विक्स के अंदर सेल्स में असामान्य तरीके से बढ़ने लगते हैं. असामान्य सेल्स की पहचान और इलाज न होने पर वह सर्वाइकल कैंसर में बदलने में लगता है.
कैसे होते हैं Cervical Cancer के लक्षण?
डॉक्टर के अनुसार, शुरुआत में, सर्वाइकल कैंसर के कोई लक्षण नहीं होते हैं. मगर जब कैंसर फैलने लगता है तो असामान्य वजाइनल ब्लीडिंग, पेल्विक पेन या इंटरकोर्स के दौरान पेल्विक दर्द जैसे लक्षण दिख सकते हैं. मगर ये लक्षण एडवांस स्टेज में दिखते हैं. इसलिए, सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग करवाना जरूरी है.
सर्वाइकल कैंसर क्यों बढ़ रहा है?
भारत में महिलाओं के अंदर सर्वाइकल कैंसर के मामले तेजी से इसलिए बढ़ रहे हैं क्योंकि लोगों के बीच इसकी जागरुकता काफी कम है. देश की अधिकतर महिलाओं को HPV वैक्सीन के बारे में नहीं पता है और इसलिए, उन्होंने इसे लगवाया भी नहीं है. स्क्रीनिंग न करवाना भी इस कैंसर को बढ़ा सकता है.
Screening क्यों जरूरी है?
एक्सपर्ट के मुताबिक, स्क्रीनिंग इसलिए जरूरी है क्योंकि यह एबनॉर्मल सर्वाइकल सेल ग्रोथ का उनके शुरुआती स्टेज में पता लगाने में मदद करती है और कैंसर के होने से पहले ही इलाज करने में मदद करती है. दरअसल, कैंसर के शुरुआती स्टेज का इलाज आसानी से किया जा सकता है और इसके बाद के स्टेज में इलाज करने पर सफलता मिलना और रोकथाम मुश्किल हो जाती है.
सर्वाइकल कैंसर के आम लक्षण
- संभोग के दौरान ब्लीडिंग हो जाना.
- हमेशा बदबूदार सफेद पानी का रिसाव होना.
- पेट के निचले हिस्सों में दर्द होना.
- भूख कम लगना, वजन गिरना और थकान रहना.
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के उपाय
- इसके लिए महिलाओं को पैप स्मीयर टेस्ट करवाना चाहिए.
- 30 साल और उससे अधिक की महिलाओं को HPV टेस्ट करवाना चाहिए और वैक्सीन लेनी चाहिए.
- असुरक्षित संबंध बनाने से बचना चाहिए.
- असामान्य ब्लीडिंग होने पर उसे नजरअंदाज न करें.
ये भी पढ़ें- प्रेगनेंसी में फोलिक एसिड क्यों है जरूरी? जानिए मां और बच्चे के लिए इस सप्लीमेंट के फायदे
maharashtra bmc result 2026 किन-किन सीटों पर Thackeray Brothers पर भारी पड़ी BJP-Shinde की 'सेना'
महाराष्ट्र की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद अहम है. 15 जनवरी को हुए स्थानीय निकाय चुनावों के बाद आज नतीजों की तस्वीर सामने आ रही है. सुबह 10:00 बजे से वोटों की गिनती जारी है. राज्य चुनाव आयोग के मुताबिक 893 वार्डों की 2869 सीटों के लिए मतगणना हो रही है. शाम तक साफ हो जाएगा कि शहरों की सत्ता किसके हाथ में आएगी. सबसे ज्यादा चर्चा मुंबई की बीएमसी को लेकर है. इसके अलावा पुणे, ठाणे, नवी मुंबई और पिपरी, चिंचवट जैसे बड़े शहर भी सियासी ताकत का पैमाना बने हुए हैं. महाराष्ट्र की सबसे बड़ी सियासी जंग यानी बीएमसी चुनाव में अब वार्ड के हिसाब से विजेताओं की तस्वीर सामने आ रही है. शुरुआती रुझानों में बीएमसी को कई अहम वार्डों में बढ़त और जीत मिली है. वार्ड नंबर दो से तेजस्वी घोषालकर, वार्ड नंबर नौ से शिवा शेट्टी, वार्ड नंबर 19 से प्रकाश तावरे, वार्ड नंबर 20 से दीपक तावड़े, वार्ड नंबर 36 से सिद्धार्थ शर्मा, वार्ड नंबर 50 से विक्रम राजपूत, वार्ड नंबर 87 से कृष्णा पारकर, वार्ड नंबर 103 से हेतल गाला और वार्ड नंबर 107 से नील किरीट सुमैया बीजेपी के खाते में गए हैं.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation
























