CM ने अकाल तख्त पर सफाई दी, आगे क्या होगा:5 सिंह साहिबानों की मीटिंग कब होगी, क्या मुख्यमंत्री पर कार्रवाई होगी; सवाल-जवाब में जानिए
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान गुरुवार (15) जनवरी को अमृतसर में श्री अकाल तख्त साहिब में पेश हुए। वह नंगे पैर आए। इस दौरान वह दोनों हाथ बांधे झुकी हुई नजरों से गोल्डन टेंपल और अकाल तख्त तक पैदल गए। 40 मिनट तक अकाल तख्त के सचिवालय में जत्थेदार को स्पष्टीकरण दिया। इसके बाद मीडिया से कहा- मैंने अकाल तख्त को चैलेंज नहीं किया, मेरी इतनी हिम्मत और औकात नहीं। फिर अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि स्पष्टीकरण मिल गया है। हालांकि अब इस मामले में आगे क्या होगा, क्या अकाल तख्त CM के स्पष्टीकरण से संतुष्ट है, क्या सीएम पर किसी तरह की कोई धार्मिक कार्रवाई होगी, इसके बारे में जानने के लिए आगे सवाल-जवाब पढ़िए… सवाल: CM भगवंत मान ने स्पष्टीकरण दे दिया, अब अकाल तख्त से इस पर कैसे कार्रवाई होगी? जवाब: इस बारे में अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज कह चुके कि अब पांचों तख्तों, अकाल तख्त, तख्त श्री दमदमा साहिब, तख्त श्री पटना साहिब, तख्त श्री केशगढ़ साहिब और तख्त श्री हजूर साहिब के 5 सिंह साहिबान बैठेंगे। जिसमें CM जो भी आपने साथ सबूत लाये गए थे, उनको बारीकी से देखा जाएगा। सवाल: सिंह साहिबान की मीटिंग कब होगी? जवाब: यह अकाल तख्त के जत्थेदार पर निर्भर है कि वह कब मीटिंग बुलाते हैं। इसके लिए कोई समय-सीमा तय नहीं होती। यह जल्दी भी हो सकती है या इसमें टाइम भी लग सकता है। जिसमें जत्थेदारों की उपलब्धता को भी देखा जाएगा। सवाल: अगर सिंह साहिबान स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं होते तो क्या सीएम पर कोई कार्रवाई हो सकती है? जवाब: चूंकि अकाल तख्त अमृतधारी न होने की वजह से CM भगवंत मान को पतित या सहजधारी सिख मानता है, ऐसे में उनको धार्मिक सजा तो नहीं होगी। SGPC मेंबर भाई मनजीत सिंह कहते हैं, CM विनम्र सिख के तौर पर पेश हुए। मुझे लगता है, जो गलतफहमी थी, वह सीएम की जत्थेदार के आगे पेशी के बाद दूर हो चुकी है। मुझे नहीं लगता कि अब कोई कार्रवाई होगी। सवाल: क्या इस मामले में असंतुष्ट होने की सूरत में CM के खिलाफ किसी तरह का आदेश जारी हो सकता है? जवाब: SGPC के मेंबर भाई मनजीत सिंह कहते हैं- मुझे ऐसा नहीं लगता कि सिंह साहिबान की मीटिंग में कोई ठोस फैसला आएगा। जो कुछ होना था, आज क्लियर हो चुका है। मुझे लगता है कि सबकी संतुष्टि हो चुकी है। बहुत दिनों की दुविधा बनी थी, वह दूर हो गई है, किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं होगी। सवाल: अकाल तख्त जत्थेदार ने कहा कि सीएम के नाम से वायरल हो रहे वीडियो की जांच कराएंगे, यह कितना बड़ा मामला नजर आता है? जवाब: SGPC मेंबर भाई मनजीत सिंह ने कहा कि जत्थेदार ने मुख्यमंत्री को ही अपनी 2 लैब डिसाइड करने को कहा है। अगर वीडियो असली होती तो CM भगवंत मान ने कबूल कर लेना था। यह वीडियो फेक ही लग रही है। लैब में जांच के बाद इसकी सारी सच्चाई सामने आ जाएगी। CM क्यों पेश हुए, पेशी के बाद क्या कहा, अब तक कितने मुख्यमंत्री पेश हो चुके, 6 इन्फोग्राफिक्स से जानिए... ************************** ये खबरें भी पढ़ें... जत्थेदार बोले-पंजाब CM ने माना, सिख सिद्धांत-मर्यादा का ज्ञान नहीं पेशी के बाद अकाल तख्त से बाहर निकले CM मान ने कहा कि अकाल तख्त को चैलेंज करने की औकात मेरी नहीं है और यही सफाई मैंने अंदर दी है। उधर, जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि पंजाब CM भगवंत ने स्वीकार किया है कि उन्हें सिख सिद्धांत-मर्यादा का ज्ञान नहीं है (पढ़ें पूरी खबर) जत्थेदार के आगे जमीन पर हाथ जोड़ बैठे मुख्यमंत्री: हाथ बंधे, नजरें झुकी, नंगे पैर पहुंचे; 10 PHOTOS में CM की अकाल तख्त में पेशी सर्किट हाउस से दोपहर करीब साढ़े 11 बजे निकले CM भगवंत मान सीधे गोल्डन टेंपल परिसर में पहुंचे। वह सरकारी गाड़ी से उतरे तो नंगे पैर थे। वहां से वह अपने दोनों हाथ आगे बांधे, नजरें झुकाकर नंगे पैर पहले गोल्डन टेंपल गए। CM की अकाल तख्त पेशी पर क्या हुआ, 10 फोटोज में देखिए भगवंत मान अकाल तख्त में पेश होने वाले चौथे CM:बरनाला को सबसे सख्त सजा मिली; बादल को सजा के बाद अवॉर्ड पर विवाद हुआ भगवंत मान पंजाब के चौथे मुख्यमंत्री हैं, जाे अमृतसर में श्री अकाल तख्त साहिब में पेश हुए। अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने गुरुओं के दसवंध के सिद्धांत-गुरू की गोलक, एक आपत्तिजनक वीडियो को लेकर उन्हें स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाया था। जिसपर उन्होंने दो बैग भरकर सबूत देकर सफाई दी (पढ़ें पूरी खबर)
सिरसा में हजार रुपए की शर्त लगा खिलाया गोबर, VIDEO:शराब पिलाने के बहाने पशुबाड़े में बुलाया, वीडियो वायरल की, मजाक बना तो 3 पर FIR कराई
हरियाणा के सिरसा में एक हजार रुपए की शर्त लगाकर दिव्यांग को गोबर खिला दिया गया। किसी ने इसकी वीडियो बनाकर वायरल कर दी। वीडियो वायरल होने के बाद जान-पहचान वालों और रिश्तेदारी में मजाक बन गया। इसके बाद पीड़ित ने रानियां थाने में इसकी शिकायत दी, जिसके बाद 3 लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई है। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि चार-पांच लोग पशुबाड़े में बैठे हैं। इसी दौरान एक व्यक्ति कस्सी (फावड़ा) में गोबर उठाकर लाता है। जिस व्यक्ति ने कस्सी उठाई है, उसके दूसरे हाथ में कैश दिखाई दे रहा है। वह शिकायतकर्ता का नाम लेकर कहता है- ले भाई, एक हजार रुपए ले और ये गोबर खाकर दिखा। एक बार गोबर चखने पर पीड़ित पैसे मांगता है। इस पर वह कहता है- दोबारा खाओ, फिर रुपए मिलेंगे। पीड़ित को दोबारा से गोबर खिला देता है और फिर गिनकर उसे पैसे देता है। पास में बैठे लोग ठहाके लगाते दिख रहे हैं। इस बीच उनमें से किसी ने वीडियो बना ली। कुछ देर में वीडियो वायरल कर दी। जब इसका पता पीड़ित को जानकारों से लगा तो बदनामी होने का डर दिखा। इसके बाद उसने पुलिस को शिकायत दी। दिव्यांग को गोबर खिलाने के कुछ PHOTOS... सिलसिलेवार ढंग से जानिए क्या है पूरा मामला गोबर खाने पर लगी थी एक हजार रुपए की शर्त : पुलिस के अनुसार पीड़ित पोलियो से ग्रस्त हैं। उसने शिकायत में आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने चोरी-छिपे उनका वीडियो बनाया और उन्हें गोबर खिलाया। बताया जा रहा है कि शराब पीने के बाद शर्त लगाई थी कि गोबर खाने के बदले में 1000 रुपए दिए जाएंगे। इसी दौरान पीड़ित ने गोबर खा लिया। चारों अक्सर इकट्ठे बैठते थे, सभी करते हैं खेती-बाड़ी पीड़ित और आरोपी रानियां के ही रहने वाले हैं। चारों शाम को जानकार के खाली प्लॉट या अन्य जगह पर इकट्ठे बैठते हैं। जहां पर यह घटना हुई, वहां पर गायों का बाड़ा है। शिकायत में जिन व्यक्तियों पर आरोप है, उनमें मुख्तियार सिंह, रणजीत सिंह, जसविंदर सिंह के नाम हैं। सभी खेती-बाड़ी करते हैं। जाति एक ही है, पर परिवार अलग-अलग हैं। पीड़ित अविवाहित है। वह घर में अकेला ही रहता है। अब जानिए…गोबर की शर्त पर पीड़ित और आरोपी क्या बोले जबरदस्ती शराब पिलाई, गोबर खिलाकर वीडियो बनाया : शिकायतकर्ता पीड़िता का कहना है-मुझे तीनों लोगों ने जबरदस्ती शराब पिलाई और एक हजार रुपया भी दिया। मैं पोलियोग्रस्त हूं। मेरे परिवार में कोई भी नहीं है। तीनों ने चोरी छिपे मेरी वीडियो बनाई है और मुझे गोबर खिलाया है। मेरी वीडियो बनाकर इन लोगों ने ग्रुपों में डाली। इसके कारण मेरी रिश्तेदारी में खूब बदनामी हो रही है। मैं चाहता हूं कि मेरे साथ न्याय हो। इन लोगों को इनके किए की सजा मिले। एक आरोपी बोला- मामला थाने में है, कल बैठकर बात करेंगे इस बारे में एक आरोपी मुख्तियार सिंह से दैनिक भास्कर एप ने पक्ष जानने के लिए बातचीत की। उनका जवाब था- यह मामला रानियां थाने में हैं। कल बैठकर इसके बारे में बात करेंगे। इस पर ज्यादा कुछ नहीं कहेंगे। यह कहकर कॉल काट दी। दूसरी तरफ पार्षद एमसी निक्का चीमा का कहना है कि सभी एक-साथ ही रहते हैं और खेतीबाड़ी करते हैं। इसका सभी को पता है, इस पर क्या कहें। दोनों पक्षों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था: एसएचओ इस मामले में रानियां थाना प्रभारी गुरमिंदर सिंह से बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि पीड़ित के बयानों के आधार पर 3 के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इस मामले में धारा 115 BNS 92A ACT person with disability act के तहत कार्रवाई की जा रही है। गुरुवार शाम को दोनों पक्षों को पूछताछ के लिए बुलाया था। कुछ लोग मामले में समझौते के प्रयास कर रहे है। करनाल के डॉक्टर का हो चुका गोबर खाते वीडियो वायरल हरियाणा में गोबर खिलाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी हरियाणा के करनाल के डॉ. मनोज मित्तल का वीडियो वायरल हो चुका है। हालांकि, वीडियो में डॉक्टर को किसी ने फोर्स नहीं किया, वे खुद ही गोबर खाते दिखाई देते है। साथ ही गोमूत्र और गोबर के औषधीय गुण भी गिनाते नजर आ रहे है। डॉ. मनोज मित्तल करनाल में बच्चों का अस्पताल चलाते हैं। उनके गोबर खाने और उसके फायदे बताए जाने का यह वीडियो खूब वायरल हुआ था। इसके बाद बहुत कमेंट उनकी वीडियो पर मिले। बीमार होने की भी चलाई गई थी फेक वीडियो डॉ. मनोज मित्तल ने जब सोशल मीडिया पर आए कमेंट्स पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी तो उनके बीमार होने के फोटो के साथ फेक फोटो वायरल किया गया था। इस पर डॉक्टर ने स्पष्ट किया था कि ये फोटो फेक है, वे बीमार नहीं हुए है। उनका कहना था कि गोबर पर रिसर्च होना चाहिए। इसमें पता लगाया जा सकता है कि कितनी मात्र में गोबर का सेवन किया जाना चाहिए। कहना था कि कुछ लोग अंडे पर रिसर्च कर रहे हैं। अंडा भी मल है और गोबर भी मल है। अंडे को खुश होकर लेते हैं, जबकि दोनों से मानव के शरीर में बीमारी से फायदा होता है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री से इसकी गुहार लगाता हूं कि गाय के गोबर पर रिसर्च हो। ---------------- ये खबर भी पढ़ें... डॉ.मनोज मित्तल का फेक वीडियो वायरल:बोले- मैं बीमार ही नहीं हुआ, घटिया लोकप्रियता के लिए वायरल की पोस्ट, गोबर खाने से आए थे चर्चा में गोबर खाने से चर्चा में आए करनाल के डॉ. मनोज मित्तल का फेक पोस्ट वायरल हो रहा है। इसकी पुष्टि डॉक्टर ने खुद कैमरे के सामने आकर की। डॉ. मित्तल ने कहा, वह बीमार नहीं हुआ, किसी ने TRP बढ़ाने के लिए ऐसी पोस्ट की है। डॉ. मनोज मित्तल इस पोस्ट से काफी चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर फोटो से प्रचार हो रहा है कि गोबर खाने वाले डॉक्टर को हुआ इंफेक्शन। (पूरी खबर पढ़ें)
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