कर्नाटक के मंत्री बोले- अधिकारियों को खुशी से टिप दें:जनता ने पूछा- सैलरी के बाद रिश्वत क्यों; BJP बोली- मंत्री ही रिश्वत को सही ठहरा रहे
कर्नाटक के मंत्री केएम शिवलिंगेगौड़ा के सरकारी अधिकारियों को ‘टिप’ देने वाले बयान पर विवाद हो गया। मंत्री ने कहा था कि अगर कोई अधिकारी समय पर और ईमानदारी से काम करता है, तो खुशी से सम्मान के तौर पर उसे कुछ देना गलत नहीं है। मंत्री के इस बयान पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने ही सवाल उठाए। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद विवाद और बढ़ गया। लोगों ने सवाल किया कि जब सरकारी कर्मचारियों को वेतन मिलता है, तो उन्हें अलग से पैसे क्यों दिए जाएं। कुछ लोगों ने इसे रिश्वत को सामान्य बनाने वाला बयान बताया और मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं, भाजपा MLC सीटी रवि ने भी सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ सरकार रिश्वत की शिकायत करने की बात कहती है जबकि उसके मंत्री ही अधिकारियों को पैसे देने की बात कर रहे हैं। जन शिकायत कार्यक्रम में विवाद मंत्री शिवलिंगेगौड़ा शनिवार को हासन जिले के ‘प्रजासेवा आंदोलन’ कार्यक्रम में मौजूद थे। अलूर तालुक के किसान पुनीत ने जमीन से जुड़ी शिकायत रखते हुए पूछा कि जब सरकारी अधिकारियों को वेतन मिलता है, तो उन्हें अलग से ‘टिप’ क्यों दी जाए। इसके बाद कई लोग उनके समर्थन में आ गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया। मंत्री ने सफाई में कहा- बयान का गलत मतलब निकाला विवाद बढ़ने पर मंत्री ने कहा कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया। उनका कहना था कि ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन किसी अधिकारी को लोगों से पैसे मांगने का अधिकार नहीं है। उन्होंने साफ किया कि वह रिश्वत देने या लेने का समर्थन नहीं करते। मामला बढ़ने पर हासन की डिप्टी कमिश्नर केएस लता कुमारी ने भी हस्तक्षेप कर लोगों को शांत कराया। BJP बोली- सम्मान के नाम पर रिश्वत की बात क्यों? भाजपा ने मंत्री के बयान को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। भाजपा एमएलसी सीटी रवि ने सवाल उठाया कि जब सरकार रिश्वत के खिलाफ है, तो मंत्री अधिकारियों को ‘सम्मान’ के नाम पर पैसे देने की बात क्यों कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के उस पुराने बयान का भी जिक्र किया, जिसमें अधिकारियों के रिश्वत मांगने पर शिकायत करने की बात कही गई थी। ------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… कर्नाटक- कांग्रेस विधायक की भतीजी को बिना काम ₹70 हजार सैलरी, 6 महीने से सरकारी क्लीनिक नहीं गईं कर्नाटक के बागलकोट में सरकारी क्लीनिक की मेडिकल ऑफिसर डॉ. अंकिता यरगल पर नौकरी के साथ निजी मेडिकल कॉलेज से फुल टाइम पढ़ाई करने का आरोप है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने करीब 6 महीने तक नम्मा क्लीनिक में ड्यूटी नहीं की, फिर भी उन्हें हर महीने 70 हजार रुपए से ज्यादा सैलरी मिलती रही। पूरी खबर पढ़ें…
हैदराबाद में लिफ्ट और दीवार के बीच फंसा शख्स:सेकेंड और थर्ड फ्लोर के बीच लटका रहा, पैर फ्रैक्चर; डेढ़ घंटे बाद रेस्क्यू, दीवार तोड़नी पड़ी
तेलंगाना के हैदराबाद के मूसेपेट में एक शख्स लिफ्ट से बाहर निकलते समय हादसे का शिकार हो गया। लिफ्ट अचानक ऊपर चली गई, जिससे उसका पैर ग्रिल में फंस गया और वह सेकेंड और थर्ड फ्लोर के बीच लटक गया। रेस्क्यू टीम ने करीब 90 मिनट की मशक्कत के बाद शख्स को बाहर निकाला। उसे बचाने के लिए लिफ्ट की दीवार का हिस्सा तोड़ना पड़ा और हाइड्रोलिक कटर की मदद ली गई। हादसे में उसका पैर फ्रैक्चर हो गया। पत्नी के साथ दूसरी मंजिल पर पहुंचा था मूसेपेट के अंजनैया नगर में 40 साल का मुरली अपनी पत्नी के साथ ग्राउंड फ्लोर से सेकेंड फ्लोर पर पहुंचा था। बाहर निकलते समय किसी ने थर्ड फ्लोर का बटन दबा दिया। सेंसर में खराबी के कारण लिफ्ट कुछ ही सेकंड में ऊपर चली गई। उस समय मुरली का एक पैर लिफ्ट के अंदर और दूसरा सेकेंड फ्लोर की लैंडिंग पर था। लिफ्ट ऊपर जाने से उसका पैर ग्रिल में फंस गया। पत्नी के शोर मचाने पर अपार्टमेंट के लोगों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए। इसके बाद HYDRAA यानी हैदराबाद डिजास्टर रिस्पॉन्स एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी के कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। रेस्क्यू की 2 तस्वीरें… HYDRAA और फायर टीम ने चलाया रेस्क्यू कुकटपल्ली में तैनात HYDRAA की DRF टीम मौके पर पहुंची। मुरली को निकालने के लिए टीम ने लिफ्ट की दीवार का ऊपरी हिस्सा तोड़ा। इसके बाद सैनथनगर फायर स्टाफ ने हाइड्रोलिक कटर की मदद से रेस्क्यू पूरा किया। मुरली को सुबह 10:50 बजे बाहर निकाला गया और नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। लिफ्ट और दीवार के बीच दबने से वह गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
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