हिंदू समूह ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा पर अमेरिका से की कार्रवाई की मांग
वॉशिंगटन, 17 जनवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहरी चिंता जाहिर की जा रही है। वहीं, पाकिस्तान में पहले से ही ऐसी हिंसा जारी है। ऐसे में एक हिंदू एडवोकेसी ग्रुप ने चेतावनी दी है कि बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं की हालत हाल के महीनों में बहुत खराब हुई है। इस समूह ने अमेरिकी कांग्रेस और सरकार से बढ़ती हिंसा पर और सख्ती से जवाब देने की अपील की है।
वॉशिंगटन में एक एग्जिबिशन के मौके पर हिंदू एक्शन के उत्सव चक्रवर्ती ने कहा कि संगठन पाकिस्तान और बांग्लादेश समेत दक्षिण एशिया में हिंदुओं की हालत के बारे में कांग्रेस के सदस्यों और स्टाफ को जागरूक करने के लिए इमर्सिव एग्जिबिट्स, फिल्मों और लॉमेकर्स के साथ सीधे एंगेजमेंट के जरिए काम कर रहा है।
उत्सव चक्रवर्ती ने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू हजारों सालों से वहां के मूल निवासी, आदिवासी समुदाय हैं, फिर भी आज उन्हें किडनैपिंग, जबरन धर्मपरिवर्तन और तस्करी का सामना करना पड़ता है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदुओं की संख्या मुश्किल से कुल आबादी का डेढ़ फीसदी रह गई है। उन्होंने कहा कि हिंदू एक्शन इन मुद्दों को हाईलाइट कर रहा है और साथ ही पाकिस्तान से भागकर भारत आए हिंदू शरणार्थियों के अनुभव को डॉक्यूमेंट भी कर रहा है।
उन्होंने कहा, हमारे यहां ऐसे लोग हैं जो भारत में शरणार्थियों के साथ-साथ पाकिस्तान में हिंदुओं के साथ भी काम कर रहे हैं। हम कम उम्र की हिंदू लड़कियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्हें अक्सर किडनैप करके जबरदस्ती धर्म परिवर्तन कराया जाता है और फिर उनकी ट्रैफिकिंग की जाती है।
चक्रवर्ती ने याद दिलाया कि बांग्लादेश 1971 में पाकिस्तान से अलग हुआ था और पाकिस्तानी सेना और जमात इस्लामी के सहयोगी कट्टरपंथी इस्लामिस्ट ने सिर्फ 10 महीनों में बांग्लादेश में लगभग 2.8 मिलियन हिंदुओं की हत्या कर दी थी। उन्होंने चेतावनी दी कि देश में राजनीतिक बदलावों के बाद पिछले डेढ़ साल में स्थिति फिर से खराब हो गई है।
उन्होंने कहा, “पिछले डेढ़ साल में, हमने देखा है कि बांग्लादेश में जमात इस्लामी ने बहुत ताकत हासिल कर ली है; यह समूह फरवरी में कुछ हफ्तों में होने वाले चुनाव जीतने की अच्छी स्थिति में है। हाल ही में सत्ता में बदलाव के बाद, हिंदुओं की हालत काफी खराब हो गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदुओं को सार्वजनिक रूप से पीटा जा रहा है, बेइज्जत किया जा रहा है, मारा जा रहा है और फिर जला दिया जा रहा है, यह सब खुलेआम घिनौना और हिंसा दिखाने के लिए किया जा रहा है। इन घटनाओं से दुनिया भर के समुदायों में बहुत ज्यादा गुस्सा और दुख फैल गया है। हिंदूएक्शन की योजना इन चिंताओं को आने वाली कांग्रेस की ब्रीफिंग में दूर करने की है, जिसके बारे में चक्रवर्ती ने कहा कि यह 10 फरवरी के आसपास होने की उम्मीद है।
उत्सव चक्रवर्ती ने यह भी माना कि अमेरिकी सांसदों ने बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदुओं के मुद्दे पर संवेदनशीलता नहीं दिखाई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस मौके पर उठ खड़े होने और दोनों देशों में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे जुल्म के बारे में ज्यादा आक्रामक और ज्यादा फैक्ट्स के साथ बोलने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, “अमेरिकी कांग्रेस की ओर से पर्याप्त ध्यान न देना उनकी कमजोरी और नासमझी को दिखाता है। हिंदूएक्शन का आउटरीच इसी कमी को पूरा करने के मकसद से था। हमारा मानना है कि अमेरिका में हिंदुओं के तौर पर, यह पक्का करने में हमारी भूमिका है कि हमारे सांसदों, हमारे व्हाइट हाउस, हमारे स्टेट डिपार्टमेंट को पता हो कि क्या हो रहा है, और हम यह पक्का करने की पूरी कोशिश करते हैं कि वे इन समुदाय की रक्षा के लिए काम करें।”
--आईएएनएस
केके/एएस
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सुबह-सुबह Heart Attack क्यों आता है? जानें सर्दियों में इस समस्या के बढ़ने का कारण और बचाव
Heart Attack Causes: सर्दियों के मौसम में सुबह-सुबह हार्ट अटैक आना अब एक आम समस्या बन चुकी है. पिछले कुछ समय से इन मामलों में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिली है. अस्पतालों के आंकड़े बताते हैं कि ठंड के दिनों में खासकर सुबह 5 बजे से 10 बजे के बीच दिल से जुड़ी समस्याओं को लेकर मरीज ज्यादा आते हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक, इसका कारण ज्यादा ठंड पड़ना, ब्लड वेसल्स का सिकुड़ना और शरीर में अचानक होने वाले हार्मोनल बदलाव हो सकते हैं.
अत्यधिक ठंड से हार्ट पर पड़ रहा है दबाव
एक्सपर्ट बताती हैं कि ठंड के संपर्क में आते ही हमारा शरीर खुद को गर्म रखने की कोशिश करने लगता है. इस प्रक्रिया में हार्ट को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. ठंड के कारण दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर दोनों बढ़ सकते हैं, जिससे हमारे दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ते हैं.
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क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
आकाश हेल्थकेयर, द्वारका की सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर सुकृति भल्ला कहती हैं-"सर्दियों की सुबह में तापमान सबसे कम होता है. इस समय हार्ट को शरीर में पर्याप्त ब्लड सर्कुलेशन बनाए रखने के लिए ज्यादा काम करना पड़ता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है."
ठंड में ब्लड वेसल्स का सिकुड़ना भी एक कारण
ठंड के मौसम में ब्लड वेसल्स यानी रक्त नलिकाएं सिकुड़ जाती हैं. इससे शरीर में ब्लड फ्लो बाधित होता है और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है. जिन लोगों की धमनियों में पहले से ब्लॉकेज की समस्या होती है, उनके लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक साबित हो सकती है. ये लोग Heart Attack की चपेट में ज्यादा आते हैं.
BP और हार्ट रेट में अचानक बदलाव
सुबह के समय शरीर में कॉर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है. ये हार्मोन Heart Rate और ब्लड प्रेशर को अचानक बढ़ा देते हैं. ठंड के मौसम में यह प्रभाव और ज्यादा हो जाता है, जिससे दिल पर अचानक दबाव पड़ता है.
सर्दियों में कैसे आता है Heart Attack?
कार्डियोलॉजिस्ट के मुताबिक, सुबह उठते ही अचानक बिस्तर छोड़ना, ठंडे पानी से नहाना या बिना वार्म-अप किए शारीरिक मेहनत करना हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा देता है.
किन लोगों को ज्यादा खतरा?
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, हाई बीपी, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, धूम्रपान करने वाले लोग और जिनको पहले हार्ट अटैक आ चुका है. उन्हें सुबह-सुबह हार्ट अटैक आने का खतरा ज्यादा होता है. सर्दियों के मौसम में बुजुर्गों को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है. इन्हें भी ऐसी समस्या हो सकती है.
सर्दियों में दिल के दौरे से कैसे करें बचाव?
डॉक्टर के अनुसार, सुबह के समय कुछ जरूरी सावधानियां अपनानी चाहिए. जैसे-
- सुबह अचानक बिस्तर से न उठें, पहले 2-3 मिनट बैठें.
- ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें.
- सुबह ठंडे पानी से न नहाएं.
- नियमित रूप से ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच कराएं.
- हल्की स्ट्रेचिंग के बाद ही वॉक या एक्सरसाइज करें.
डॉक्टर भल्ला बताती हैं कि हमें सर्दियों में या किसी भी सीजन में अपने दिल को स्वस्थ रखना है तो दवाओं से ज्यादा अच्छा लाइफस्टाइल फॉलो करना चाहिए.
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