मेंटल हेल्थ– पार्टी करता रहा, दोस्त का फोन नहीं उठाया:उस रात उसने आत्महत्या कर ली, क्या दोस्त की मौत का जिम्मेदार मैं हूं?
सवाल– छह महीने पहले मेरे एक दोस्त ने सुसाइड कर लिया। मैं सेकेंड ईयर पोस्ट ग्रेजुएशन का स्टूडेंट हूं। सुसाइड वाली रात उसने मेरे मोबाइल पर कई बार फोन किया, लेकिन मैंने नहीं उठाया। मैं एक दोस्त के रूम में पार्टी कर रहा था। हमारे ग्रुप के दो और लोगों को उसने फोन किया, लेकिन हममें से किसी ने फोन नहीं उठाया। वो अक्सर आधी रात शराब पीकर फोन करता था। हमें लगा कि उसने पी रखी है, फिर दिमाग खाएगा। लेकिन अगले दिन पता चला कि उसने अपने रूम में फांसी लगा ली। उस घटना को छह महीने बीत गए हैं, लेकिन मैं उस बात को भुला नहीं पा रहा। मैं एक अजीब से गिल्ट में जी रहा हूं। बार-बार लगता है कि उस रात अगर मैंने उसका फोन उठा लिया होता तो आज वो जिंदा होता। मैं कई-कई रात सो नहीं पाता। शराब बहुत बढ़ गई है। इस गिल्ट से बाहर कैसे निकलूं? एक्सपर्ट– डॉ. द्रोण शर्मा, कंसल्टेंट साइकेट्रिस्ट, आयरलैंड, यूके। यूके, आयरिश और जिब्राल्टर मेडिकल काउंसिल के मेंबर। सवाल पूछने के लिए आपका शुक्रिया। आपकी मन:स्थिति को समझा जा सकता है। लेकिन अगर सिर्फ एक लाइन में कहूं तो दोस्त की मृत्यु के लिए स्वयं को दोष देना या जिम्मेदार मानना ठीक नहीं है। आपका गिल्ट इस बात का सबूत बिल्कुल नहीं है कि अपने दोस्त की मौत के लिए आप जिम्मेदार हैं। लेकिन ये इस बात का संकेत जरूर है कि आप एक संवेदनशील और जिम्मेदार इंसान हैं, जो अब एक गहरी तकलीफ से गुजर रहा है। मैं आगे आपके मनोविज्ञान को डिकोड करने और सेल्फ एसेसमेंट के साथ सेल्फ हेल्प के कुछ टूल्स देने की कोशिश करूंगा। आगे बढ़ने से पहले बता दूं कि सवाल पूछकर आपने अपनी मदद की दिशा में पहला कदम बढ़ाया है। ये बहुत साहस का काम है। यह सिर्फ ‘दुख’ क्यों नहीं लग रहा? किसी दोस्त की मृत्यु के बाद दुख, यादें और पछतावा होना सामान्य मानवीय प्रतिक्रिया है। लेकिन यहां कुछ संकेत बताते हैं कि मामला केवल सामान्य शोक (नॉर्मल ग्रीफ) तक सीमित नहीं है। शोक (ग्रीफ) और उसके चरण शोक किसी अपने की मृत्यु के बाद होने वाली स्वाभाविक मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया है। इसमें शॉक, सुन्नपन, उदासी, गुस्सा, अपराधबोध, याद और तड़प जैसे सारे मनोभाव प्रकट होते हैं। इन सबसे गुजरते हुए इंसान धीरे-धीरे एक्सेप्टेंस यानी स्वीकार्यता की ओर बढ़ता है। ये सभी चरण किसी तय क्रम में नहीं चलते। अगर इस केस में शोक सामान्य रूप में आगे बढ़ रहा होता, तो छह महीने बाद भी दोस्त की याद आने पर दुख होता। कभी-कभी यह खयाल आता कि “काश मैंने फोन उठा लिया होता,” लेकिन ये विचार लहरों की तरह आते और फिर शांत हो जाते। नींद और पढ़ाई धीरे-धीरे सुधरती और गिल्ट पूरी जिंदगी पर हावी नहीं होता। कॉम्प्लिकेटेड ग्रीफ- यहां तस्वीर क्यों अलग दिखती है? इस केस में शोक के साथ एक अपराधबोध भी जुड़ गया है, खासकर उस चीज को लेकर गिल्ट, जो आपने नहीं किया। दिमाग उस एक पल में फंस गया है: “अगर उस दिन मैंने फोन उठा लिया होता तो आज वह जिंदा होता।” इसे कॉम्प्लिकेटेड ग्रीफ बाय ऑमिशन (complicated grief by omission) कहा जाता है। इसमें शोक आगे नहीं बढ़ता, बल्कि व्यक्ति बार-बार उसी एक पल पर लौटता रहता है। छह महीने बाद भी नींद खराब है, तबीयत बिगड़ी है और शराब बढ़ी हुई है। ये सब इस बात के संकेत हैं कि दुख हील नहीं हो रहा है, बल्कि कहीं स्टक हो गया है। शराब और कॉम्प्लिकेटेड ग्रीफ- जोखिम क्यों ज्यादा है? कॉम्प्लिकेटेड ग्रीफ की स्थिति में शराब अक्सर सेल्फ मेडिकेशन बन जाती है। शराब पीने से दर्द, गिल्ट और नींद की समस्या से अस्थाई रूप से तो राहत मिलती है, लेकिन ये राहत दरअसल होती नहीं है। ये एक तरह का भ्रम होता है, जो फिजिकल और मेंटल हेल्थ को और ज्यादा डैमेज करता है। शराब और कॉम्प्लिकेटेड ग्रीफ के जोखिम नीचे ग्राफिक में देखिए- आपके केस में शराब का बढ़ना एक वॉर्निंग साइन है। ये संकेत है इस बात का कि शोक और अपराधबोध से निपटने और उसे मैनेज करने के लिए दिमाग सुरक्षित तरीके नहीं खोज पा रहा है। CAGE क्वेश्चनायर क्या शराब समस्या बन रही है? CAGE क्वेश्चनायर एक शॉर्ट, चार सवालों वाला स्क्रीनिंग टूल है। डॉक्टर या हेल्थकेयर प्रोवाइडर इसका इस्तेमाल शराब के दुरुपयोग या उसकी लत की संभावना का पता लगाने के लिए करते हैं। CAGE क्वेश्चनायर चार शब्दों से मिलकर बना है- कम करना (Cut-down), नाराजगी (Annoyed), अपराधबोध (Guilt) और आंखें खोलने वाला (Eye-opener)। अगर इस क्वेश्चनायर के एक या अधिक सवालों का जवाब "हां" है तो इसका अर्थ है कि एल्कोहल प्रॉब्लम की संभावना है। अगर दो से ज्यादा सवालों का जवाब "हां" हो तो एल्कोहल अब्यूज की संभावना हो सकती है। आप नीचे ग्राफिक में दिए सवालों का जवाब दें और अपना स्कोर भी चेक करें। अपनी मेंटल हेल्थ का आकलन करें सेल्फ एसेसमेंट टेस्ट यहां मैं आपको एक सेल्फ एसेसमेंट टेस्ट दे रहा हूं। नीचे ग्राफिक्स में तीन सेक्शंस में कुल 12 सवाल हैं। सेक्शन A में इमोशनल और कॉग्निटिव प्रतिक्रिया, B में बिहेवियरल और फिजिकल प्रतिक्रिया और C में जीवन और खुशी से जुड़े सवाल हैं। आपको इन सवालों को ध्यान से पढ़ना है और 0 से 3 के स्केल पर इसे रेट करना है। जैसेकि पहले सवाल का आपका जवाब अगर 'बिल्कुल नहीं' है तो 0 नंबर दें और अगर आपका जवाब 'लगभग हमेशा' है तो 3 नंबर दें। अंत में अपने टोटल स्कोर की एनालिसिस करें। नंबर के हिसाब से उसका इंटरप्रिटेशन भी ग्राफिक में दिया है। जैसेकि अगर आपका स्कोर 0 से 15 के बीच है तो इसका मतलब है कि यह सामान्य ग्रीफ है। लेकिन अगर आपका स्कोर 26 से ज्यादा है तो आपको CBT थेरेपी और प्रोफेशनल हेल्प की जरूरत हो सकती है। आपकी समस्या कहां है? आप जिस मन:स्थिति से गुजर रहे हैं, अगर उसे साइकोलॉजिकली डिकोड करें तो मुख्य रूप से ये चार चीजें दिखाई देती हैं- जब सेल्फ मेडिकेशन या अपने गम के इलाज के लिए एल्कोहल का सहारा लिया जाता है तो उसका मकसद अपने गिल्ट को मिटाना नहीं, बल्कि उसे अपनी रिएलिटी और आत्मदया में बदलना होता है। चार हफ्तों का CBT आधारित सेल्फ हेल्प प्लान इस सेल्फ हेल्प प्लान में रोज नियम से कम-से-कम ये चीजें करनी हैं- सप्ताह 1 (नींद+शराब+इमोशनल लूप) इमोशनल लूप टाइमबॉक्स स्लीप फर्स्ट एल्कोहल प्लान सप्ताह 2 (गिल्ट+एल्कोहल ट्रिगर्स) ● अपने ख्यालों को रीफ्रेज करना “मुझे लगता है कि काश मैंने फोन उठाया होता, लेकिन उस वक्त तो मुझे उसके आत्महत्या के इरादे के बारे में कुछ पता नहीं था।” ● एल्कोहल ट्रिगर को मैप करना सप्ताह 3 (एक्सपोजर+मीनिंगफुल रिपेयर) सप्ताह 4 (रीलैप्स प्रिवेंशन) एक अंतिम जरूरी बात ये बात मैंने लेख के एकदम शुरुआत में भी कही थी। वही मैं फिर से दोहरा रहा हूं कि आपका अपराधबोध इस बात का सबूत नहीं है कि आपने किसी को मारा। यह इस बात का संकेत है कि आप एक संवेदनशील और जिम्मेदार इंसान हैं। आप दूसरों से जुड़ाव महसूस करते हैं, उनकी परवाह करते हैं। चूंकि आप केयर करते हैं, इसलिए आपको इतनी तकलीफ महसूस हो रही है। कॉम्प्लिकेटेड ग्रीफ से उबरने का मतलब दोस्त के जाने के दुख को भूल जाना नहीं है। इसका मतलब है दर्द को ऐसी जगह रखना, जहां वह आपकी जिंदगी और शराब दोनों को कंट्रोल न करे। ……………… ये खबर भी पढ़िए मेंटल हेल्थ– पिता से प्यार नहीं था: वो शराबी और अब्यूसिव थे, 34 साल उनसे दूर रहा, फिर उनकी मौत का इतना दुख क्यों हो रहा है एक वॉयलेंट और अब्यूसिव पिता के लिए गहरा दुख महसूस करना थोड़ा कनफ्यूजन भी पैदा कर सकता है। जब तक वे जीवित थे, उनसे कोई जुड़ाव नहीं था। और अब जब वो नहीं हैं तो उनका ख्याल आता है, याद आती है और गहरा दुख भी महसूस होता है। मन के लिए यह अंतर्विरोध परेशान करने वाला हो सकता है। आगे पढ़िए...
जरूरत की खबर- इलेक्ट्रिक केटल कैसे यूज करें:17 सेफ्टी टिप्स, खरीदते समय देखें ये 12 फीचर्स, एक्सपर्ट से जानें क्लीनिंग टिप्स
इलेक्ट्रिक केटल एक बेहद उपयोगी किचन अप्लायंस है। यह समय और मेहनत दोनों की बचत करती है। एक गिलास गर्म पानी से दिन की शुरुआत करनी हो या फिर जल्दी में सूप, चाय-कॉफी उबालना हो इलेक्ट्रिक केटल कई कामों को आसान बना देती है। यह गैस स्टोव की तुलना में तेज, सुविधाजनक और ज्यादा सुरक्षित मानी जाती है। हालांकि इस्तेमाल के दौरान थोड़ी सी लापरवाही से करंट लगने, जलने या आग लगने जैसी दुर्घटनाओं का खतरा हो सकता है। इसलिए किसी भी दूसरे इलेक्ट्रिक अप्लायंस की तरह, केटल को भी सही तरीके से यूज करना और इसकी केयर करना बेहद जरूरी है। तो चलिए, आज जरूरत की खबर में हम इलेक्ट्रिक केटल के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: शशिकांत उपाध्याय, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर, अहमदाबाद सवाल- इलेक्ट्रिक केटल क्या है और ये कैसे काम करती है? जवाब- ये एक किचन अप्लायंस है। इसका इस्तेमाल पानी उबालने के लिए किया जाता है। इसके अंदर लगा हीटिंग एलिमेंट पावर सप्लाई मिलने पर गर्म होता है और पानी को कुछ ही मिनटों में उबाल देता है। ज्यादातर केटल ऑटो शट-ऑफ और बॉयल-ड्राय प्रोटेक्शन जैसे फीचर्स के साथ आती हैं। इससे यह ज्यादा सुरक्षित मानी जाती है। सवाल- इलेक्ट्रिक केटल कितनी तरह की होती है? जवाब- इलेक्ट्रिक केटल आमतौर पर तीन तरह की होती है। तीनों केटल्स पानी उबालने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं। फर्क सिर्फ इनके मटीरियल और फीचर्स में होता है। सवाल- इलेक्ट्रिक केटल इस्तेमाल करने का सही तरीका क्या है? जवाब- सही इस्तेमाल और केयर से इलेक्ट्रिक केटल लंबे समय तक सुरक्षित और बेहतर बनी रहती है। इसके लिए कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। नीचे दिए ग्राफिक से इसे समझिए- सवाल- इलेक्ट्रिक केटल से पानी उबालने में कितना समय लगता है? जवाब- यह पानी की मात्रा पर निर्भर करता है। आमतौर पर इलेक्ट्रिक केटल में पानी उबलने में 1 से 2 मिनट का समय लगता है। दरअसल केटल गर्मी को बाहर निकलने से रोकता है। इससेपानी ज्यादा तेजी से उबल जाता है। सवाल- इलेक्ट्रिक केटल यूज करने के दौरान क्या सावधानियां बरतनी चाहिए और क्या गलतियां नहीं करनी चाहिए? जवाब- इलेक्ट्रिक केटल का इस्तेमाल करते समय थोड़ी-सी सावधानी हमें हादसों से बचा सकती है। इसके लिए कुछ जरूरी बातों का खास ध्यान रखें। नीचे दिए गए ग्राफिक से इलेक्ट्रिक केटल के इस्तेमाल से जुड़े सेफ्टी टिप्स समझिए- सवाल- क्या पानी उबालने के अलावा इलेक्ट्रिक केटल का और भी कोई इस्तेमाल कर सकते हैं? जवाब- हां, इलेक्ट्रिक केटल का इस्तेमाल सिर्फ पानी उबालने तक ही सीमित नहीं है। इससे आप चाय-कॉफी बना सकते हैं, सूप तैयार कर सकते हैं, मैगी या इंस्टेंट नूडल्स पका सकते हैं, अंडे उबाल सकते हैं और कुछ सब्जियों को भी आसानी से उबाल सकते हैं। यह छोटे-मोटे कुकिंग कामों के लिए काफी सुविधाजनक होती है। हालांकि हर केटल इन कामों के लिए नहीं बनी होती है। इसलिए किसी भी अतिरिक्त इस्तेमाल से पहले उसके मैनुअल को जरूर देखें। सवाल- इलेक्ट्रिक केटल खरीदते हुए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? कौन से जनरल और सेफ्टी फीचर्स चेक करने चाहिए? जवाब- इलेक्ट्रिक केटल खरीदते समय उसकी कैपेसिटी, मटेरियल, सेफ्टी फीचर्स, पावर, वाट और कीमत पर समेत कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- इलेक्ट्रिक केटल की सफाई का सही तरीका क्या है? जवाब- इलेक्ट्रिक केटल की रेगलुर सफाई जरूरी है। इससे उसमें मैल या स्केल नहीं जमती और वह बेहतर परफॉर्मेंस देती है। नीचे दिए ग्राफिक से इलेक्ट्रिक केटल की सफाई का सही तरीका समझिए- इलेक्ट्रिक केटल से जुड़े कॉमन सवाल–जवाब सवाल- इलेक्ट्रिक केटल की सफाई कितने दिनों में करनी चाहिए? जवाब- इलेक्ट्रिक केटल की हल्की सफाई हर 7–10 दिन में करनी चाहिए। साथ ही 15–30 दिन में एक बार डी-स्केलिंग करनी चाहिए। डी-स्केलिंग का मतलब केटल के अंदर जमी कैल्शियम और अन्य मिनरल्स की परत को हटाना है। इससे केटल की परफॉर्मेंस बनी रहती है। सवाल- इलेक्ट्रिक केटल यूज करने पर कितनी बिजली खर्च होती है? जवाब- इलेक्ट्रिक केटल आमतौर पर 750 से 1500 वॉट की होती है। एक बार पानी उबालने में यह करीब 0.05 से 0.1 यूनिट बिजली खर्च करती है। सवाल- क्या पानी उबालने के कारण इलेक्ट्रिक केटल में स्केल (चूना) जमता है? जवाब- हां, पानी उबालने के कारण इलेक्ट्रिक केटल में स्केल (चूना) जमता है। यह स्केल पानी में मौजूद कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स से बनता है, जो बार-बार उबालने पर केटल की अंदरूनी सतह पर जम जाते हैं। इसलिए हफ्ते में एक बार सफाई बेहद जरूरी है। सवाल- एक इलेक्ट्रिक केटल कितने साल तक चलती है? जवाब- ये पूरी तरह हिफाजत, पानी की क्वालिटी और मेंटेनेंस पर निर्भर है। हालांकि सही इस्तेमाल और रेगुलर सफाई के साथ एक इलेक्ट्रिक केटल आमतौर पर 3 से 5 साल तक आसानी से चल सकती है। सवाल- क्या इलेक्ट्रिक केटल बच्चों के यूज लिए सुरक्षित है? जवाब- पावर इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर शशिकांत उपाध्याय बताते हैं कि इसमें गर्म पानी, भाप और बिजली से जुड़ा खतरा रहता है। इसलिए हमेशा बड़े लोग ही इसे यूज करें। इसे बच्चों की पहुंच से दूर ही रखें। सवाल- इलेक्ट्रिक केटल से करंट लगने का खतरा कब होता है? जवाब- कुछ स्थितियों में इलेक्ट्रिक केटल से करंट लगने का खतरा होता है। जैसेकि- ............................ जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- इमर्शन रॉड से बच्ची की मौत: जानें इसका रिस्क, इस्तेमाल के दौरान बरतें 13 सावधानियां, खरीदते हुए 8 बातें ध्यान रखें इमर्शन रॉड का सबसे बड़ा खतरा इलेक्ट्रिक शॉक है। अगर रॉड डैमेज हो या गीली सतह पर यूज हो तो करंट लग सकता है, जो हार्ट अटैक या मौत का कारण बनता है। ओवरहीटिंग से बर्न इंजरी हो सकती है। पूरी खबर पढ़िए...
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