बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के दावे और CAG की रिपोर्ट के बीच का सच
JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।
मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला: PF के लिए बेसिक सैलरी लिमिट ₹15,000 से बढ़कर ₹25,000, 51 लाख कर्मचारियों को फायदा
मोदी कैबिनेट ने कर्मचारियों के PF कवरेज को लेकर बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने PF के लिए बेसिक सैलरी लिमिट ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस बदलाव से करीब 51 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा।
12 साल बाद बदली PF की बेसिक सैलरी लिमिट
केंद्रीय कैबिनेट ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत अनिवार्य कवरेज के लिए बेसिक सैलरी लिमिट बढ़ाने को मंजूरी दी है। अब यह सीमा ₹15,000 से बढ़कर ₹25,000 प्रति माह हो जाएगी। मौजूदा ₹15,000 की सीमा साल 2014 में तय की गई थी।
51 लाख कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, नई सीमा से करीब 51 लाख कर्मचारियों को सोशल सिक्योरिटी कवरेज के दायरे में आने का फायदा मिलेगा। सरकार इस बदलाव पर करीब ₹11,339 करोड़ खर्च करेगी।
सरकार ने क्यों बढ़ाई लिमिट?
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कई राज्यों में अनस्किल्ड कर्मचारियों की न्यूनतम मजदूरी अब ₹15,000 से ज्यादा हो चुकी है। ऐसे में 2014 में तय की गई सीमा को बदलने की जरूरत महसूस की गई। उन्होंने बताया कि विचार-विमर्श के बाद बेसिक सैलरी लिमिट को ₹25,000 करने का फैसला लिया गया।
नई नौकरी वालों को भी मिलेगा फायदा
सरकार के मुताबिक, बेसिक सैलरी की सीमा बढ़ने से ज्यादा कर्मचारियों को सोशल सिक्योरिटी कवरेज मिल सकेगा। इससे नए रोजगार में आने वाले कर्मचारियों को भी EPFO से जुड़े लाभों के दायरे में लाने में मदद मिलेगी।
17 सितंबर से लागू होगी नई लिमिट
सरकार के मुताबिक, EPFO की नई वेज सीलिंग 17 सितंबर 2026 से लागू होगी। इसके बाद PF कवरेज के लिए बेसिक सैलरी की सीमा ₹15,000 से बढ़कर ₹25,000 प्रति माह हो जाएगी। यानी ₹15,000 से ₹25,000 के बीच बेसिक सैलरी पाने वाले नए कर्मचारियों का एक बड़ा हिस्सा EPFO के अनिवार्य सोशल सिक्योरिटी कवरेज के दायरे में आ सकेगा।
10 साल बाद बढ़ी EPFO वेज सीलिंग
EPFO की वेज सीलिंग लंबे समय तक नहीं बदली थी। सितंबर 2014 में इसे बढ़ाकर ₹15,000 प्रति माह किया गया था। अब सरकार ने इसे बढ़ाकर ₹25,000 करने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि यह बदलाव मौजूदा वेतन स्तर, आय में बढ़ोतरी और फॉर्मल रोजगार के विस्तार को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
₹15,000 से ₹25,000 सैलरी वालों को क्या फायदा होगा?
मौजूदा व्यवस्था में ₹15,000 से अधिक बेसिक सैलरी पर नौकरी शुरू करने वाला कर्मचारी सामान्य तौर पर EPF के अनिवार्य कवरेज के दायरे में नहीं आता, हालांकि कुछ परिस्थितियों में स्वैच्छिक/अन्य प्रावधान लागू हो सकते हैं। नई सीमा बढ़ने से ₹15,000 से ₹25,000 के बेसिक वेज बैंड में आने वाले पात्र कर्मचारियों के लिए EPFO से जुड़ी सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ेगा।
PF, पेंशन और इंश्योरेंस कवरेज भी बढ़ेगा
सरकार के आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस फैसले से कर्मचारियों की PF सेविंग्स, Employees' Pension Scheme (EPS) के तहत पेंशन सुरक्षा और Employees' Deposit Linked Insurance Scheme (EDLI) के तहत इंश्योरेंस सुरक्षा तक पहुंच बढ़ेगी। ये लाभ संबंधित स्कीम के लागू प्रावधानों के अनुसार मिलेंगे।
नई वेज सीलिंग से EPFO के तहत वैधानिक योगदान और पेंशन योग्य वेतन से जुड़े प्रावधानों को भी मौजूदा वेतन स्तर के अनुरूप बनाने में मदद मिलेगी।
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