Kumudini Benefits : पेट को ठंडक, हड्डियां करे मजबूत...तालाब में मिलने वाली कुमुदनी सेहत के लिए वरदान, गोंडा में खाते हैं इसका हलवा
Kumudini Benefits : गोंडा के तालाबों में पाए जाने वाले कुमुदनी फल को बेर्रा, कोकाबेली, ढेप या गुझारी भी कहते हैं. यह अपने औषधीय गुणों और हलवे के लिए जाना जाता है. इसके बीजों का उपयोग कमजोरी, पाचन और हड्डियों के लिए किया जाता है. गोंडा के वैद्य जमुना प्रसाद यादव बताते हैं कि इसका पौधा तालाब के पानी में पत्तियों और फूलों के साथ तैरता हुआ दिखाई देता है. कुमुदनी का फल देखने में हरे रंग का गोल होता है. इसके अंदर छोटे-छोटे बीज पाए जाते हैं. वैद्य जमुना प्रसाद यादव बताते हैं कि कुमुदनी के बीजों को सुखाने के बाद उनसे हलवा भी तैयार किया जाता रहा है.
आसान विधि, लाजवाब स्वाद, बुरहानपुर की फेमस चिकोली, गेहूं के आटे और तुवर की दाल होती है तैयार, जानें रेसिपी
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में बरसात का मौसम शुरू होते ही लोगों का मन गरमा-गरम और चटपटी पारंपरिक डिश खाने का करने लगता है. निमाड़ की रसोई में इस मौसम में कई खास व्यंजन बनाए जाते हैं. इन्हीं में से एक है चिकोली, जो अपने अलग स्वाद के लिए काफी पसंद की जाती है. इसे गेहूं के आटे और तुवर की दाल से तैयार किया जाता है. चिकोली स्वादिष्ट होने के साथ बनाने में भी आसान है. खास बात यह है कि इसे तैयार करने के लिए बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती. घर में आसानी से उपलब्ध चीजों से ही इसे बनाया जा सकता है. लोकल 18 की टीम ने चिकोली बनाने की विधि जानने के लिए स्थानीय एक्सपर्ट महिला फूलाबाई से बातचीत की उन्होंने बनाने की विधि बताई..
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18








/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)

