Kerala Student Election Result: SFI और KSU के प्रदर्शन पर Vijayan और Sunny Joseph ने दी बधाई
केरलम विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनराई विजयन और केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) अध्यक्ष सनी जोसेफ ने राज्य में हाल में कॉलेज और स्कूल स्तर पर हुए चुनाव में प्रदर्शन के लिए अपने-अपने छात्र संगठनों को बधाई दी। राज्य के विभिन्न हिस्सों में शुक्रवार को कई कॉलेजों, पॉलिटेक्निक संस्थानों और स्कूल यूनियनों के चुनाव हुए थे। विजयन ने शुक्रवार रात फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि केरलम का ‘‘वामपंथी रुझान’’ मजबूत वापसी की तैयारी कर रहा है और विधानसभा चुनाव में हार के साथ सब कुछ खत्म नहीं हो गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में विभिन्न स्तरों पर हुए छात्र चुनाव के नतीजे इस रुझान को दर्शाते हैं।
विजयन ने कहा कि एसएफआई ने केरल विश्वविद्यालय में 71 में से 62 सीट, कन्नूर विश्वविद्यालय में 77 में से 53 सीट, पॉलिटेक्निक संस्थानों में 55 में से 45 सीट और स्कूल संसद चुनाव में 699 में से 604 सीट पर जीत हासिल की। उन्होंने कहा कि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार के तीन महीने के कार्यकाल में बिजली कटौती, ‘लाइफ’ आवास योजना, पेंशन और राशन जैसे मुद्दों को लेकर लोगों के बीच चिंताएं और चर्चाएं बढ़ रही हैं।
विजयन ने छात्र समुदाय के ‘‘लोकतांत्रिक फैसले’’ का स्वागत किया और जीतने वाले सभी एसएफआई कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों को बधाई दी। जोसेफ ने एक अलग फेसबुक पोस्ट में राज्य भर में कॉलेज यूनियन चुनाव में केएसयू कार्यकर्ताओं को उनकी ‘‘शानदार जीत’’ के लिए बधाई दी और कहा, ‘‘डर और हिंसा की राजनीति को नकारते हुए परिसरों ने घोषित किया है कि वे लोकतंत्र और रचनात्मक राजनीति के साथ हैं।’’ उन्होंने छात्र समुदाय का आभार जताया और जीत में योगदान देने वाले केएसयू कार्यकर्ताओं को बधाई दी।
Rejinagar Bypoll: Mamata Banerjee के दखल के बाद TMC Candidate का यू-टर्न, अब लड़ेंगे चुनाव
रेजीनगर उपचुनाव से हटने की घोषणा करने के कुछ घंटों बाद, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने शनिवार को अपना फैसला बदल लिया और कहा कि वह चुनाव लड़ना जारी रखेंगे। चौधरी ने दिन में पहले राज्य प्रशासन द्वारा पार्टी कार्यकर्ताओं को परेशान किए जाने का आरोप लगाते हुए चुनाव से हटने की घोषणा की थी। खबरों के मुताबिक, उन्होंने कहा था कि कार्यकर्ताओं को प्रचार करने से रोका जा रहा है और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। चौधरी ने कहा कि उन्होंने ममता बनर्जी के कहने पर चुनाव से हटने का अपना फैसला वापस ले लिया है।
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13 सितंबर को चौधरी को रेजीनगर के लिए और संचिता प्रधान (डे) को नंदीग्राम से पार्टी गुट का उम्मीदवार घोषित किया गया। पार्टी ने अपनी चेयरपर्सन ममता बनर्जी के मार्गदर्शन और प्रेरणा से इन दोनों उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि मैं ममता बनर्जी के निर्देशों से हटकर कुछ नहीं कर रहा हूँ। उन्होंने आगे कहा कि पहले मैंने सोचा था कि हम नए चुनाव चिह्न और अन्य मामलों पर फ़ैसला करेंगे। अब मैं नए चुनाव चिह्न के साथ लोगों के बीच जाऊँगा। यह घटनाक्रम प्रधान द्वारा नंदीग्राम से अपना नामांकन वापस लेने के एक दिन बाद हुआ है।
चौधरी का चुनाव से हटने का शुरुआती फ़ैसला, ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस की नंदीग्राम उपचुनाव की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे के शुक्रवार को अपना नामांकन वापस लेने के एक दिन बाद आया। संचिता ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाक़ात के कुछ घंटों बाद ही अपना नामांकन वापस ले लिया था।
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सूत्रों के मुताबिक़, पेशे से शिक्षिका प्रधान डे शुक्रवार दोपहर अपने पति सत्यजीत के साथ राज्य सचिवालय 'नबन्ना' में अधिकारी से मिलीं। बाद में उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया, जिससे नंदीग्राम में ममता की ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस बिना किसी उम्मीदवार के रह गई। नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव 6 अक्टूबर को होने हैं और वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को होगी।
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