पुतिन ने क्यों मारी थी भारतीय सैनिकों को आवाज, चौंकी दुनिया!
आदर और प्यार दिखाने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन भारतीय नौसैनिकों के सामने जाकर खड़े हो गए। इसके बाद भारतीय सैनिकों ने भी पुतिन को देख अपना सीधा हाथ उठा लिया। पोलैंड के विदेश मंत्री राडोस्लाव सरकोस्की जिन्होंने यूक्रेन में बैठकर कहा है कि अगर रूस हम पर हमला करता है तो हम रूस को बहुत तेजी से हरा देंगे। अगर यूक्रेन 6 महीनों के अंदर रूस की आधी रिफाइनिंग क्षमता को खत्म कर सकता है तो हम छह हफ्तों के अंदर पूरे रूस को मिटा सकते हैं। यहां पर पोलैंड के विदेश मंत्री जिस हम की बात कर रहे हैं वो हम नाटो है। इस धमकी के तुरंत बाद भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ रूस की यात्रा पर पहुंच गए। पिछले 8 वर्षों में किसी भारतीय सेना प्रमुख का यह पहला रूस दौरा है। इससे पहले अक्टूबर 2018 में तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत रूस गए थे। यूक्रेन जंग शुरू होने के बाद पहली बार कोई भारतीय सेना प्रमुख मॉस्को पहुंचा है। यूक्रेन जंग शुरू होने के बाद पहली बार किसी भारतीय सेना प्रमुख का मॉस्को जाना अपने आप में एक बड़ा रणनीतिक दांव है। यह दिखाता है कि भारत अब अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ संतुलन बनाए रखने की औपचारिकता नहीं करेगा।
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भारत को रूस के साथ मिलकर अब जो कुछ करना होगा वह किया जाएगा। भारतीय सेना प्रमुख की यह यात्रा पीएम मोदी और पुतिन की मुलाकात का फॉलो अप भी है। इसे मिलिट्री लेवल एक्शन प्लान कहा जा रहा है। अमेरिका ने भारत को दो चेतावनी दी थी। पहली यह कि रूस से तेल ना खरीदो और दूसरी यह कि रूस से हथियार ना खरीदो। मगर एक तरफ भारत ने रूस से तेल इंपोर्ट बढ़ा दिया तो दूसरी तरफ भारत के आर्मी चीफ मॉस्को के नेशनल डिफेंस कंट्रोल सेंटर में जाकर बैठ गए। इस दौरान मेक इन इंडिया के तहत रूस के लेटेस्ट और घातक हथियारों पर बात हुई है जिसमें रूस के सबसे खूंखार टी14 आरमाटा टैंक पर चर्चा हुई है। बहरहाल अब आते हैं उस वीडियो पर जो आपका दिन बना देगी। दरअसल 2024 में भारतीय नौसैनिकों ने रूस की 328वीं नेवी डे परेड में हिस्सा लिया था। भारत की तरफ से नेवी डे परेड में युद्धपोत आईएएस तबार शामिल हुआ था। लेकिन हैरानी तब हुई जब भारतीय युद्धपोत के सामने अचानक पुतिन पहुंच गए।
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पुतिन ने भारतीय नौसैनिकों की तरफ देखते हुए रूसी भाषा में थैंक यू कहा। पुतिन ने भारतीय नौसैनिकों से कहा कि आप हमारी नेवी डे परेड में आए उसके लिए मैं आपको बधाई देता हूं। मजे की बात देखिए कि आईएनएस तवार पर खड़े भारतीय नौसैनिकों ने सम्मान के साथ अपना सीधा हाथ खड़ा करके रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन का अभिवादन किया। भारतीय नौसैनिकों ने कहा लॉन्ग लिव द रशियन आर्मी। दिलचस्प बात यह है कि भारतीय नौसेना के इस फिरीगेट आईएनएस तबार का निर्माण रूस में ही किया गया था।
कहां पर रखा है मिसाइलों का जखीरा ये इजरायल को बताया, मोसाद के जासूस को ईरान ने फांसी पर लटकाया
सऊदी अरब ने शुक्रवार देर रात और शनिवार सुबह पूरे देश में इमरजेंसी अलर्ट जारी किए और हवाई हमले के खतरे की चेतावनी दी। वहीं, शनिवार को ईरान ने कहा कि उसने इज़राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने के दोषी एक व्यक्ति को फांसी दे दी है। अलर्ट के दौरान रियाद में कम से कम एक धमाके की आवाज़ सुनी गई, हालांकि अलर्ट हटने के बाद किसी के हताहत होने या किसी नुकसान की खबर नहीं मिली। इसके अलावा, UN सुरक्षा परिषद ने सऊदी अरब और कमर्शियल जहाजों पर यमन के हूथी विद्रोहियों के मिसाइल हमलों की निंदा की। यमन में ईरान-समर्थित हूतियों के साथ हालिया तनाव बढ़ने के बाद रियाद में जारी किया गया यह अलर्ट सऊदी राजधानी के लिए पहला था। सऊदी अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि अलर्ट किस वजह से जारी किए गए या धमाके क्यों हुए, लेकिन उन्होंने पहले हूतियों की तरफ से आ रही मिसाइलों और ड्रोनों को बीच में ही रोकने की जानकारी दी थी।
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शुक्रवार देर रात, 15 सदस्यों वाली UN सुरक्षा परिषद ने कहा कि हूतियों की सैन्य गतिविधियों में तेज़ी, हमलों और धमकियों से "संघर्ष के और बढ़ने, समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खतरा पैदा होने" का जोखिम है, साथ ही इससे यमन में शांति लाने की क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय कोशिशों को भी नुकसान पहुँच रहा है। परिषद ने यह भी चेतावनी दी कि तनाव का यह सिलसिला जारी रहने से देश में पहले से ही खराब मानवीय स्थिति और बिगड़ जाएगी। काउंसिल ने ईरान समर्थित हूथी विद्रोहियों को हमले करने के लिए ज़रूरी हथियार, सैन्य प्रशिक्षण, फ़ंडिंग और दूसरी सैन्य मदद मिलने से रोकने के लिए "व्यावहारिक सहयोग" की अपील की। साथ ही, इस बात पर भी ज़ोर दिया गया कि सभी देशों को इस विद्रोही गुट के ख़िलाफ़ UN के हथियार प्रतिबंध को लागू करना चाहिए।
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ईरान के सरकारी टेलीविज़न ने बताया कि हुसैन पेद्रम नाम के एक व्यक्ति को मोसाद के लिए जासूसी करने का दोषी पाए जाने के बाद फांसी दे दी गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि पेद्रम ने ईरान के इस्फ़हान प्रांत में संवेदनशील सैन्य ठिकानों के बारे में गुप्त जानकारी इज़राइल को दी थी, लेकिन यह नहीं बताया गया कि उसे यह जानकारी कैसे मिली। रिपोर्ट के अनुसार, पेद्रम को तब गिरफ़्तार किया गया था जब पिछले साल जून में ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिका और इज़राइल की 12 दिन की हवाई जंग में मिसाइल बेस समेत उन ठिकानों को निशाना बनाया गया था। ईरान में हाल ही में फांसी की सज़ाओं में हुई बढ़ोतरी पर मानवाधिकार समूहों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध जताया है। सऊदी अरब ने हवाई हमले के ख़तरे की सूचना मिलने पर आपातकालीन अलर्ट जारी किया, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने हूथी हमलों की आलोचना की और हथियारों पर लगी रोक को सख्ती से लागू करने की मांग की, और ईरान ने इज़राइल के लिए जासूसी करने के दोषी एक व्यक्ति को फांसी देने की घोषणा की।
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