लखीमपुर खीरी की नानखटाई, स्वाद ऐसा कि लोग लाइन में करते है इंतजार, 10 साल से कायम है देसी स्वाद
Lakhimpur Kheri Nankhatai: बिस्कुट तो आपने खूब खाए होंगे. लेकिन लखीमपुर खीरी की नानखटाई स्वाद और परंपरा का खास संगम है. सर्दियों में इसकी खुशबू ही लोगों को दुकान तक खींच लाती है. पिछले 10 सालों से संदीप नानखटाई वाले शहर से लेकर गांवों के मेलों तक इसे बेच रहे है. संदीप बताते हैं कि रोजाना करीब 600 पीस नानखटाई बिक जाती है. इसे मैदा, सूजी, बेसन, घी और दूध से पारंपरिक तरीके से तैयार किया जाता है. चूल्हे की लकड़ी की धीमी आग पर पकने से इसमें खास देसी स्वाद और कुरकुरापन आता है. हल्का मीठा-नमकीन स्वाद बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को पसंद आता है. 250 रुपये किलो में मिलने वाली यह नानखटाई सर्दियों की सबसे पसंदीदा मिठास बन गई है.
मकर संक्रांति पर खिचड़ी दान करने की परंपरा, श्रद्धालुओं के बीच चावल के साथ 14 और 15 को लेकर कंफ्यूजन, ज्योतिषाचार्य से जानें सबकुछ
Makar Sankranti 2026: 14 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व विधिपूर्वक मनाया जाएगा, लेकिन उस शाम 05 बजकर 52 मिनट बजे तक एकादशी तिथि रहेगी, इसलिए चावल या चावल से बनी खिचड़ी का दान और सेवन वर्जित रहेगा.
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