बेगुसराय की मुस्कान कुमारी ने पाई BPSC में 80वी रैंक:चाहकर भी नहीं बन पाई SDM, शादी के बाद ससुराल वालों की मदद से की पढ़ाई
बिहार के बेगुसराय में बखरी निवासी मुस्कान कुमारी ने बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) 70वें एग्जाम में 80वीं रैंक हासिल की है। इस रैंक में पास कैंडिडेट्स को SDM पद पर नियुक्ति मिलती है, लेकिन चाहने के बाद भी मुस्कान कुमारी SDM नहीं बन पाई। मुस्कान क्यों नहीं बन पाई SDM BPSC के नियमानुसार SDM पद पर जॉइन करने के लिए मिनिमम एज लिमिट 22 साल होती है। लेकिन मुस्कान की उम्र 21 साल है। ऐसे में उसका चयन SDM पद के लिए नहीं हो सका। उसकी पोस्टिंग असिस्टेंट प्लानिंग ऑफिसर के पद पर हुई। बचपन से ही पढ़ाई में गहरी रूचि मुस्कान कुमारी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गृह जिले से ही प्राप्त की। बचपन से ही पढ़ाई में इंटेलिजेंट रही मुस्कान का लक्ष्य सिविल सेवा में जाना था। मुस्कान ने 10वीं और 12वीं बिहार बोर्ड से की। वे इन दोनों परीक्षाओं में जिला टॉपर रहीं। मुस्कान ने 69वीं BPSC एग्जाम भी दी थी। लेकिन उनका चयन नहीं हो पाया। उसके बाद उन्होंने 70वीं BPSC एग्जाम दी। इसमें उनकी 80वीं रैंक बनी। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, पति और ससुराल के सदस्यों को दिया। मुस्कान की सफलता पर उन्हें बिहार सरकार के मंत्री संजय पासवान ने सम्मानित किया। साथ ही तैलिक वैश्य संघ के अभिनंदन समारोह में उन्हें भामाशाह रत्न सम्मान से नवाजा जा चुका है। ससुराल और बच्चे की जिम्मेदारी के साथ की पढ़ाई प्रीति कुमारी इसी साल जून में बिहार लोक सेवा आयोग की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा पास करके सरकारी शिक्षिका से सब डिवीजन ऑफिसर बन गईं। प्रीति बिहार के नवादा की बेटी और मुजफ्फरपुर की बहू है। प्रीति ने इस साल BPSC में पूरे राज्य में 166वीं रैंक हासिल की। खास बात यह है कि पहले प्रयास में प्रीति प्रीलिम्स एग्जाम के बाद मेन्स क्लियर नहीं कर पाई थी। उन्होंने दोबारा एग्जाम दी। उनका दूसरे प्रयास में सिलेक्शन हुआ। प्रीति ने 12वीं तक की पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय, दरभंगा से पूरी की। भुवनेश्वर के रीजनल कॉलेज से बीएससी और बीएड की डिग्री ली। इसके बाद दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से लाइफ साइंस में एमएससी की पढ़ाई की। करीब तीन साल तक वह नवोदय विद्यालय और दिल्ली में सरकारी टीचर के रूप में कार्यरत रहीं। -------------------------------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें नोएडा में SSC CHSL एग्जाम रद्द:सर्वर डाउन हुआ, नाराज छात्रों ने किया हंगामा; 2500 छात्रों के लिए 13 सितंबर को होगा पेपर ग्रेटर नोएडा सेक्टर-155 स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र पर SSC CHT परीक्षा रद्द कर दी गई है। मंगलवार को परीक्षा देने पहुंचे उम्मीदवारों को तकनीकी खराबी के चलते परेशानी का सामना करना पड़ा। सर्वर में दिक्कत आने से कई उम्मीदवारों के कंप्यूटर सिस्टम में तय समय पर लॉगिन नहीं हो सका। पूरी खबर यहां पढ़ें
इंडियन आर्मी में अग्निवीर रैली के लिए टैटू पॉलिसी जारी:ट्राइबल कम्युनिटी और धार्मिक टैटू बनवा सकते हैं, ये 6 तरह के टैटू प्रतिबंधित
इंडियन आर्मी ने अग्निवीर रैली के लिए टैटू पॉलिसी जारी की है। इसमें बताया गया है कि शरीर पर कहां टैटू बनवाया जा सकता है और कहां नहीं। अग्निवीर भर्ती में शारीरिक गतिविधियों के साथ उम्मीदवारों के पूरे शरीर की जांच की जाती है। साथ में शरीर पर टैटू भी देखा जाता है क्योंकि सेना में टैटू को लेकर कड़े नियम तय किए गए हैं। अगर बॉडी पर किसी भी ऐसी जगह टैटू है, जो सेना की पॉलिसी में प्रतिबंधित है तो उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित कर दिया जाता है। हालांकि टैटू बनवाने के कुछ मालमों में छूट दी गई है। लेकिन इसके लिए उम्मीदवार को सर्टिफिकेट जमा करने होंगे। हाल ही में भारतीय सेना भर्ती महानिदेशालय की तरफ से इसके बारे में बताया गया है। भारतीय सेना में कौन से टैटू परमिसिबल ट्राइबल कम्युनिटी जनजातिय क्षेत्र और समुदाय के उम्मीदवार जिन्होंने अपने रीति-रिवाज को मानते हुए अपने शरीर पर परमानेंट टैटू बनवाए हैं, उनकी अनुमति होगी। लेकिन ऐसे उम्मीदवारों को सेल्फ सर्टिफिकेशन सर्टिफिकेट (Appendix E-I) और ट्राइबल टैटू परमिशन सर्टिफिकेट (Appendix E-II) जो DC/DM/SDM से हस्ताक्षरित हो, उसे जमा कराना होगा। धार्मिक टैटू: ट्राइबल कम्युनिटी के अलावा शरीर की कुछ जगह पर धार्मिक टैटू पर अलाउड होंगे। लेकिन ये कोहनी से कलाई और हाथ के पिछले वाले हिस्से पर ही मान्य होंगे। सेना की नीति में टैटू का कंटेंट भी खास है। भारतीय सैनिक पारंपरिक टैटू, धार्मिक महत्व वाले टैटू, नाम या पारंपरिक चिन्ह और समुदाय की परंपरा से जुड़े टैटू बनवाए जा सकते हैं। भारतीय नौसेना के लिए टैटू नियम भारतीय नौसेना में सामान्य उम्मीदवारों के लिए परमानेंट टैटू आमतौर पर केवल कोहनी से कलाई की अंदरूनी सतह पर बना टैटू और हाथ के पिछले हिस्से में बने टैटू मान्य हैं। शरीर के बाकी हिस्सों पर बने टैटू मान्य नहीं हैं। हालांकि ट्राइबल कम्युनिटीज को परंपरा के आधार पर विशेष रियायत मिल सकती है। भारतीय वायुसेना में टैटू नियम वायुसेना के भर्ती नियमों के अनुसार आमतौर पर परमानेंट टैटू की अनुमति नहीं है। हालांकि कोहनी से कलाई की अंदरूनी सतह पर बना टैटू, हाथ के पिछले हिस्से पर बने टैटू और आदिवासी उम्मीदवारों के ट्रेडिशन टैटू मान्य हो सकते हैं। लेकिन टैटू को लेकर आखिरी फैसला भारतीय वायुसेना के सिलेक्शन सेंटर के पास होता है। अगर आप अग्निवीर, एनडीए, सीडीएस, आर्मी भर्ती रैली, इंडियन नेवी या अग्निवीर वायु की तैयारी कर रहे हैं और आपके शरीर पर पहले से टैटू है, तो उसे छिपाने के बजाय भर्ती के दौरान सही जानकारी दें। हर भर्ती नोटिफिकेशन की टैटू पॉलिस अलग एंट्री और सेवा के अनुसार बदल सकती है। लेकिन आखिरी फैसला मेडिकल बोर्ड/सिलेक्शन अथॉरिटी का ही होता है। 2022 से शामिल किए गए टैटू नियम 11 मई 2015 से भारतीय सशस्त्र बलों में टैटू से जुड़े दिशा-निर्देश लागू हुए। 14 जून 2022 को केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना को मंजूरी दी। इसके बाद 2022 से शुरू हुई अग्निवीर भर्ती में पहले से मौजूद सेना के टैटू नियमों को भर्ती शर्तों में शामिल किया गया। अग्निवीरों को फायर सर्विस, जेल विभाग भर्ती में 20% आरक्षण अग्निवीरों की पहली पारी ने अभी अपनी ट्रेनिंग पूरी भी नहीं की है ओर सरकार ने उनके लिए कई क्षेत्रों में आरक्षण सहित अन्य सुविधाएं दिए जाने की घोषणा की है। पिछले दिनों दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने पूर्व अग्निवीरों को राहत देते हुए दिल्ली सरकार के 2 प्रमुख विभागों में सीधी भर्ती के दौरान 20% आरक्षण देने का फैसला मंजूर कर लिया है। यह निर्णय भारत सरकार की तरफ से पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए बनाई गई नीति के तहत लिया गया है। दिल्ली गृह विभाग ने इस संबंध में नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। इस फैसले से न केवल युवाओं को सेना से आने के बाद दिल्ली में स्थायी सरकारी नौकरी मिलेगी, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में उम्र सीमा और शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) में भी विशेष छूट मिलेगी। संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत उपराज्यपाल ने भर्ती नियमों में यह प्रावधान दिया है। CAPF में 50% आरक्षण की घोषणा पिछले महीने ही केंद्र सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और असम राइफल्स में कॉन्स्टेबल (GD) और राइफलमैन (GD) के पदों पर 50% आरक्षण देने की घोषणा की थी। इसके साथ ही कई राज्य सरकारों जैसे हरियाणा, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश ने अपनी पुलिस व अन्य सुरक्षा सेवाओं में भी अग्निवीरों के लिए विशेष आरक्षण और आयु सीमा में छूट की घोषणा की है। गृह मंत्रालय के अनुसार, पूर्व अग्निवीरों को फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (PST), फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) और लिखित परीक्षा से भी छूट दी जाएगी। यानी उनकी भर्ती प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक आसान बनाया गया है। ये खबर भी पढ़ें नोएडा में SSC CHSL एग्जाम रद्द:सर्वर डाउन हुआ, नाराज छात्रों ने किया हंगामा; 2500 छात्रों के लिए 13 सितंबर को होगा पेपर ग्रेटर नोएडा सेक्टर-155 स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र पर SSC CHT परीक्षा रद्द कर दी गई है। मंगलवार को परीक्षा देने पहुंचे उम्मीदवारों को तकनीकी खराबी के चलते परेशानी का सामना करना पड़ा। सर्वर में दिक्कत आने से कई उम्मीदवारों के कंप्यूटर सिस्टम में तय समय पर लॉगिन नहीं हो सका। पूरी खबर यहां पढ़ें
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