india vs sri lanka final preview: गोल्ड के लिए भिड़ेंगी भारत-श्रीलंका, मिडिल ऑर्डर पर रहेगी नजर; स्मृति-शैफाली से कैसे पार पाएगी लंका
india vs sri lanka final preview: एशियन गेम्स 2026 में महिला क्रिकेट का गोल्ड मेडल मुकाबला भारत और श्रीलंका के बीच खेला जाएगा। दोनों टीमों ने फाइनल में शानदार अंदाज में जगह बनाई है। भारत ने क्वार्टर फाइनल में जापान और सेमीफाइनल में बांग्लादेश को हराया। वहीं, श्रीलंका ने मलेशिया और पाकिस्तान को शिकस्त देकर फाइनल का टिकट कटाया।
यह मुकाबला 2023 एशियन गेम्स के फाइनल की यादें भी ताजा करेगा। उस मुकाबले में भारत ने गोल्ड मेडल जीता था। दोनों टीमें हाल ही में महिला एशिया कप के फाइनल में भी भिड़ी थीं, जहां भारत ने श्रीलंका को 72 रन से हराया था।
क्या भारतीय मिडिल ऑर्डर को निशाना बना पाएगा श्रीलंका?
श्रीलंकाई टीम अगर भारतीय बल्लेबाजी में कोई कमजोरी तलाशना चाहेगी, तो उसकी नजर मिडिल ऑर्डर पर हो सकती है। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने सेमीफाइनल में 40 रन बनाए, लेकिन हाल के मुकाबलों में उनकी बल्लेबाजी में अपेक्षित तेजी नहीं दिखी है। जी कमालिनी और भारती फुलमाली भी मिले मौकों को बड़े स्कोर में नहीं बदल पाई हैं।
हालांकि, इस क्रम तक पहुंचना श्रीलंका के लिए आसान नहीं होगा। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा शानदार फॉर्म में हैं। दोनों के बल्ले से हाल में शतक भी निकले हैं। वहीं, विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष निचले क्रम में तेजी से रन बनाने की क्षमता रखती हैं।
अथापत्थु बनाम शेफाली, किसका चलेगा बल्ला?
श्रीलंका की सबसे बड़ी मैच विनर चमारी अथापत्थु हैं। एशियन गेम्स में वह अब तक 63 और नाबाद 83 रन बना चुकी हैं। गेंदबाजी में भी उन्होंने 2/3 और 1/30 के आंकड़े दर्ज किए हैं। श्रीलंका के दूसरे बल्लेबाजों ने भी उनका साथ दिया है। हसीनी परेरा ने पाकिस्तान के खिलाफ 26 गेंदों में 42 रन बनाए, जबकि कविशा दिलहारी ने मलेशिया के खिलाफ 27 गेंदों में नाबाद 44 रन की पारी खेली। हर्षिता समरविक्रमा ने भी दोनों मुकाबलों में तेज पारियां खेली हैं।
भारत की ओर से शेफाली वर्मा पर नजर रहेगी। उन्होंने एशियन गेम्स से पहले 64 और 68 रन बनाए थे। इसके बाद जापान के खिलाफ नाबाद 40 और बांग्लादेश के खिलाफ नाबाद 100 रन की पारी खेली।
स्पिन गेंदबाजी बनेगी निर्णायक
फाइनल में भारतीय स्पिनरों के खिलाफ श्रीलंका की बल्लेबाजी अहम होगी। दीप्ति शर्मा और एन. श्री चरणी विकेट लेने में सफल रही हैं। वहीं, नंदनी शर्मा की नई गेंद से मिलने वाली चुनौती भी श्रीलंका के सामने होगी।
दोनों टीमों के बीच अब तक 32 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। भारत ने 26 मैच जीते हैं, जबकि श्रीलंका को पांच जीत मिली हैं। एक मुकाबला बेनतीजा रहा। भारत के खिलाफ श्रीलंका पिछली 7 टी20 इंटरनेशनल भिड़ंत हार चुका है।
अगर बारिश के कारण फाइनल रद्द होता है, तो ऊंची सीडिंग वाली भारतीय टीम को गोल्ड मेडल मिलेगा।
Parenting Tips: बच्चे को सिर्फ पढ़ाई नहीं, ये 10 जरूरी स्किल भी सिखाएं, मुश्किल वक्त में आएंगी काम
Parenting Tips: माता-पिता अक्सर बच्चों को पढ़ाई, होमवर्क और अच्छे व्यवहार पर ध्यान देने की सलाह देते हैं। लेकिन जिंदगी में कुछ ऐसी परिस्थितियां भी आ सकती हैं, जहां किताबों से ज्यादा प्रैक्टिकल नॉलेज काम आती है।
बेसिक स्किल बच्चे को किसी अनजान या मुश्किल स्थिति में घबराने के बजाय समझदारी से कदम उठाने में मदद कर सकती हैं। इसलिए उम्र के हिसाब से बच्चों को ये 10 जरूरी बातें सिखाना फायदेमंद हो सकता है।
1. अपना नाम और जरूरी जानकारी बताना
बच्चे को अपना पूरा नाम, माता-पिता का नाम और जरूरत के मुताबिक घर की जरूरी जानकारी याद होनी चाहिए। छोटी उम्र से इसे खेल-खेल में सिखाया जा सकता है।
2.Emergency Number की जानकारी
बच्चे को समझाएं कि किसी आपात स्थिति में किससे मदद मांगनी है। उसे परिवार के जरूरी फोन नंबर याद कराने के साथ यह भी बताएं कि फोन पर अपनी स्थिति कैसे बतानी है।
3. अनजान लोगों से सावधानी
बच्चों को समझाएं कि हर व्यक्ति पर तुरंत भरोसा करना जरूरी नहीं है। कोई अनजान व्यक्ति कुछ देने, कहीं ले जाने या माता-पिता के बारे में गलत जानकारी देने की कोशिश करे तो बच्चे को वहां से हटकर किसी भरोसेमंद बड़े से मदद मांगनी चाहिए।
4. रास्ता भटकने पर क्या करें
अगर बच्चा भीड़ या किसी सार्वजनिक जगह पर परिवार से अलग हो जाए, तो उसे इधर-उधर भागने के बजाय सुरक्षित जगह पर रुकना और किसी भरोसेमंद व्यक्ति जैसे पुलिसकर्मी या जिम्मेदार कर्मचारी से मदद मांगना सिखाएं।
5. घर में आग लगने पर क्या करना है
बच्चों को आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत सुरक्षित जगह की ओर जाने की बात समझाएं। उन्हें यह भी बताएं कि आग या धुएं वाली जगह में वापस जाकर सामान लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
6. पानी से सेफ्टी
स्विमिंग पूल, तालाब या किसी जलाशय के पास बच्चों को अकेले न जाने की आदत डालें। उन्हें पानी के पास सेफ्टी रूल्स और मदद के लिए तुरंत किसी बड़े को बुलाने की जरूरत समझाएं।
7. Basic First Aid की जानकारी
उम्र के अनुसार बच्चों को छोटी चोट या कट लगने पर क्या करना है, यह सिखाया जा सकता है। साथ ही यह भी बताएं कि गंभीर चोट लगने पर खुद इलाज करने के बजाय तुरंत किसी बड़े से मदद लेनी चाहिए।
8. खाना बनाते समय सावधानी
बड़े बच्चों को धीरे-धीरे किचन सेफ्टी के नियम सिखाएं। गैस, गर्म बर्तन, चाकू और बिजली के उपकरणों से जुड़ी सावधानियों के बारे में उनकी उम्र के हिसाब से जानकारी दें।
9. जरूरत पड़ने पर 'ना' कहना
बच्चों को यह समझना जरूरी है कि किसी ऐसी बात या स्थिति से असहज महसूस होने पर वे साफ तौर पर 'नहीं' कह सकते हैं। उन्हें भरोसेमंद माता-पिता या किसी जिम्मेदार बड़े से तुरंत बात करने के लिए प्रोत्साहित करें।
10. मदद मांगने में झिझकें नहीं
सबसे जरूरी बात यह है कि बच्चा परेशानी छिपाने के बजाय समय पर मदद मांगे। उसे समझाएं कि गलती होने या डर लगने पर सच बताना ज्यादा जरूरी है।
इन बातों का रखें ध्यान
बच्चों को डराकर या बार-बार खतरे की बातें बताकर ये स्किल्स सिखाने की जरूरत नहीं है। उनकी उम्र के अनुसार रोजमर्रा के उदाहरणों, role-play और छोटे-छोटे अभ्यास के जरिए उन्हें प्रैक्टिकल सिचुएशन के लिए तैयार किया जा सकता है।
यह भी पढ़ें: घर आया है नन्हा गणेश? बेटे के लिए चुनें भगवान गणेश से जुड़े ये खूबसूरत नाम
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi








