भारतीय वायु सेना के परिवहन बेड़े को 60 नए विमानों की खरीद से मिलेगी नई ताकत: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 21 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय वायुसेना (आईएएफ) का परिवहन बेड़ा जल्द ही बड़ी मजबूती हासिल कर सकता है। रक्षा मंत्रालय पुराने हो चुके सोवियत दौर के एंटोनोव एएन-32 विमानों को बदलने के लिए 60 मध्यम परिवहन विमान (मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट) खरीदने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
वियतनाम टाइम्स में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, करीब 1 लाख करोड़ रुपए का यह कार्यक्रम भारतीय वायुसेना की एयरलिफ्ट क्षमता को आधुनिक बनाने के साथ-साथ घरेलू एयरोस्पेस विनिर्माण को भी बढ़ावा देगा।
नए विमानों में 18 से 30 टन तक भार वहन क्षमता होगी। यह वर्तमान एएन-32 विमानों की तुलना में अधिक क्षमता वाला बेड़ा होगा, जिससे भारतीय वायुसेना को सामरिक और परिचालन स्तर पर अधिक लचीलापन मिलेगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित योजना के तहत 60 विमानों की खरीद की जाएगी, जिनमें से 12 विमान पूरी तरह तैयार अवस्था (फ्लाईअवे कंडीशन) में मिलेंगे, जबकि 48 विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा। इन विमानों में उच्च स्तर की स्वदेशी सामग्री के उपयोग की भी अपेक्षा की गई है। इस कारण यह परियोजना केवल सैन्य आधुनिकीकरण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश में विमानन विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को भी मजबूत करेगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि आधुनिक सैन्य परिवहन विमान, जैसे कि भारतीय वायुसेना द्वारा पहले से संचालित लॉकहीड मार्टिन सी-130जे सुपर हरक्यूलिस, सैनिकों और सैन्य उपकरणों की ढुलाई, एयरड्रॉप तथा विभिन्न सैन्य अभियानों को अंजाम देने में सक्षम हैं। इसके विस्तारित सी-130जे-30 संस्करण की अधिकतम पेलोड क्षमता लगभग 20 टन है।
वहीं ब्राजील की एयरोस्पेस कंपनी एम्ब्रेयर का सी-390 मिलेनियम विमान भी इस कार्यक्रम का एक संभावित दावेदार माना जा रहा है। यह जेट इंजन-आधारित नई पीढ़ी का सैन्य परिवहन विमान है, जिसकी अधिकतम भार वहन क्षमता 26 टन है।
रिपोर्ट के अनुसार, सी-390 का उपयोग केवल सैन्य रसद ढुलाई तक सीमित नहीं है। यह सैनिकों और माल की ढुलाई, मेडिकल निकासी, खोज एवं बचाव अभियान, अग्निशमन और मानवीय सहायता मिशनों जैसे कई कार्यों को अंजाम दे सकता है। इसकी एक खासियत यह भी है कि यह अस्थायी या बिना पक्के रनवे पर भी संचालन कर सकता है।
सी-390 ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तेजी से पहचान बनाई है और कई नाटो सदस्य देशों ने इसे अपनाया है। इससे यह मध्यम श्रेणी के सैन्य परिवहन विमानों में प्रमुख विकल्पों में शामिल हो गया है।
भारत के लिए इस परियोजना का औद्योगिक महत्व भी है। रिपोर्ट के अनुसार, एम्ब्रेयर ने भारतीय कार्यक्रम के लिए महिंद्रा डिफेंस के साथ साझेदारी की है। इस प्रस्ताव के तहत भारत में विनिर्माण और रखरखाव सुविधाएं विकसित करने की भी योजना है।
कार्यक्रम का महत्व भारत की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए और बढ़ जाता है। देश की उत्तरी और पूर्वोत्तर सीमाएं दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण सैन्य परिचालन क्षेत्रों में गिनी जाती हैं। ऐसे क्षेत्रों में सैनिकों, हथियारों, रसद सामग्री और राहत उपकरणों की तेजी से आपूर्ति के लिए आधुनिक परिवहन विमान बेहद महत्वपूर्ण हैं।
सैन्य उपयोग के अलावा ये विमान अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहायता अभियानों में भी भारत की भूमिका को मजबूत करेंगे। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि जून 2026 में वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद चलाए गए ऑपरेशन अमिस्ताद के दौरान भारतीय वायुसेना के सी-17 ग्लोबमास्टर III विमानों ने राहत और चिकित्सा सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
उस अभियान में दो सी-17 विमान भारतीय सेना के 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल की 41 सदस्यीय मेडिकल टीम, चिकित्सा उपकरण, राहत सामग्री और दो भीष्म क्यूब पोर्टेबल अस्पतालों को वेनेजुएला लेकर गए थे।
--आईएएनएस
डीबीपी
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Salman Khan ने गुस्से में ने उतारी अपनी शर्ट, भाईजान ने ट्रोलर्स को दिया करारा जवाब
Bigg Boss 20: बिग बॉस 20 के दूसरे वीकेंड का वार एपिसोड में सलमान खान सोशल मीडिया पर होने वाली बॉडी और एज शेमिंग को लेकर खुलकर बात की. इसी दौरान उन्होंने बताया कि उन्हें भी लंबे समय से एज और वजन को लेकर ट्रोल किया जाता है और आज तक किया जाता है. उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि लोग कहते हैं भाई मोटा हो गया, बूढ़ा हो गया. इसके बाद उन्होंने अपनी टोपी और जैकेट उतारी और कहा कि अब कर लो ट्रोलिंग. इतना ही नहीं उन्होंने गुस्से में अपनी टी-शर्ट भी उतार दी और अपनी बॉडी दिखाते हुए ट्रोलर्स सीधे-सीधे कहा कि जिसे ट्रोलिंग करनी है कर लो.
इसके साथ ही सलमान ने लोगों से कहा कि दूसरों को ट्रोल करने से पहले अपने शरीर, अपनी सेहत और अपने पैरेंट्स को भी देख लिया करो. सलमान ने यह सवाल भी उठाया कि आखिर किसी की एज या बॉडी में आए बदलाव को लेकर उसका मजाक क्यों बनाया जाता है. उनका कहना था कि वह 60 साल के हो चुके हैं और कोई इंसान हमेशा एक जैसे लुक में नहीं रह सकता.
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