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Iran में सरकार आयोजित विशाल रैली में हजारों नागरिकों ने हथियार उठाने का लिया संकल्प
ईरान में शुक्रवार को हजारों नागरिकों ने फरवरी में अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद सरकार द्वारा आयोजित अपनी तरह के सबसे बड़े प्रदर्शन में संकल्प जताया कि वे हथियार उठाने को भी तैयार हैं। ईरान की सरकार ने लोगों को एकजुट करने और राष्ट्रीय एकता पर जोर देने की कोशिश की है, जबकि अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी और तेहरान की आर्थिक मुश्किलों को बढ़ाने के लिए लगाए गए नए अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण इस देश की अर्थव्यवस्था खराब हो रही है। सीमित सैन्य प्रशिक्षण लेने और देश की रक्षा करने के लिए स्वेच्छा से आगे आने वाले लोगों की संख्या के बारे में अलग-अलग अनुमान सामने आए।
इस प्रयास को ‘जानफदाये-ए-ईरान’ या ‘ईरान के लिए अपनी जान कुर्बान करना’ करार दिया जा रहा है। इसमें लोगों ने लड़ाकू बलों की वर्दी में झंडे लेकर तेहरान के शहर के बीचोंबीच मार्च निकाला और उपस्थित लोग उनका उत्साह बढ़ा रहे थे। कई दिनों से सरकारी मीडिया ईरान वासियों को इस अभियान में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है और कह रहा है कि हथियारों के साथ प्रशिक्षण जल्द ही शुरू होगा।
ये कार्यकर्ता शक्तिशाली रिवोल्यूशनरी गार्ड अर्द्धसैनिक बल और उसकी शाखा ‘बासिज’ के अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी होंगे। तेहरान के गार्ड प्रमुख, जनरल हसन हसनजादेह ने सरकारी प्रसारणकर्ता को बताया कि छह लाख से अधिक लोगों ने इसमें भाग लेने के लिए पंजीकरण कराया है, और 10 लाख से अधिक लोगों के प्रशिक्षण में भाग लेने की उम्मीद है। ‘बासिज’ के नए प्रमुख, होसैन ताएब ने रैली की शुरुआत में एक भाषण में घोषणा की कि स्वयंसेवक ‘पूर्ण रक्षा’ के लिए तैयार रहेंगे और जल्द ही अन्य शहरों में भी ऐसी ही रैलियां होंगी।
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