सागर जहरीली शराब केस: हाई कोर्ट ने आरोपियों घरों पर बुलडोजर कार्रवाई पर लगाई अंतरिम रोक
मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों एक बाद प्रशासन आरोपियों के खिलाफ सख्त एक्शन ले रहा है ऐसे में आरोपियों ने हाई कोर्ट की शरण ली है, सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने आरोपियों को राहत देते हुए प्रशासन के बुलडोजर एक्शन पर अंतरिम रोक लगा दी है
शराब कांड में आरोपी सिद्धार्थ सिंह कुशवाह और राजकुमारी कुशवाह ने हाई कोर्ट में प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है याचिका में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन का हवाला देते हुए प्रशासन की कार्रवाई को रोकने का अनुरोध कोर्ट से किया जिसपर न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकल पीठ ने गुरुवार को स्टे दे दिया , विशाल मिश्र की पीठ ने सरकार को निर्देश दिए कि अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ता की संपत्ति पर कोई तोड़फोड़ ना की जाये।
आरोपियों पर अवैध शराब नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप
बता दें सागर जहरीली शराब कांड में करीब 36 लोग अपनी जन गंवा चुके हैं, इस मामले में पुलिस कई आरोपियों को गिरफ्तार भी आकर चुकी है वहीं फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है, इस बीच प्रशासन ने बुलडोजर एक्शन भी शुरू कर दिया है, इन दोनों आरोपियों पर अवैध शराब नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप है।
शराब दुकान लाइसेंस और क्रशर लीज भी निरस्त
इस मामले से जुड़े आरोपियों के खिलाफ प्रशासन एक्शन में है, कई लाइसेंसधारियों के शराब लाइसेंस भी निरस्त कर चुका है , सिद्धार्थ सिंह कुशवाह का शराब दुकान लाइसेंस रद्द हो चुका है उनके पत्थर के क्रशर की लीज को भी प्रशासन ने निरस्त कर दिया है इसके पीछे नियमों का उल्लंघन वजह बताई गई है।
आज होना है मामले की सुनवाई
फिलहाल आरोपी सिद्धार्थ सिंह कुशवाह और राजकुमारी कुशवाह के घरों पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है अब इस मामले में अज शुक्रवार को सुनवाई संभव है , देखन होगा कोर्ट का अगला फैसला क्या होता है और सरकार क्या अपना पक्ष रखती है ।
वंदना झा की रिपोर्ट
भोपाल में ई-बसों का बढ़ा दायरा, बैरागढ़ से मंडीदीप के बीच दौड़ीं 10 नई इलेक्ट्रिक बसें, जानें रूट और किराया
राजधानी भोपाल में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए ई-बस सेवा का लगातार विस्तार किया जा रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार से शहर के चौथे नए रूट पर 10 ई-बसों का परिचालन शुरू कर दिया गया है।
बैरागढ़ से मंडीदीप के बीच चलने वाली इस बस के साथ ही अब भोपाल की सड़कों पर दौड़ने वाली कुल ई-बसों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है। आने वाली 21 सितंबर से इस नए रूट पर 5 और बसें उतारी जाएंगी।
300 से ज्यादा कॉलोनियों को मिलेगा फायदा
अभी तक ई-बसों की सुविधा केवल तीन रूटों पर ही उपलब्ध थी, जिससे कोलार रोड, बावड़ियाकलां और एमपी नगर जैसे इलाकों को कनेक्टिविटी मिल रही थी। अब बैरागढ़ से मंडीदीप तक बस चलने से होशंगाबाद रोड की करीब 300 कॉलोनियां सीधे जुड़ गई हैं। इस नए विस्तार से रोजाना यात्रा करने वाले नौकरीपेशा लोगों और कॉलेज स्टूडेंट्स को न्यू मार्केट, रानी कमलापति और बैरागढ़ रेलवे स्टेशन पहुंचने में काफी सहूलियत होगी।
33.6 किलोमीटर लंबा होगा रूट B38
इस नए रूट को B38 नाम दिया गया है जो कुल 33.6 किलोमीटर का सफर तय करेगा। यह बस बैरागढ़ ई-बस डिपो से शुरू होकर बोर्ड ऑफिस चौराहा, रानी कमलापति स्टेशन, बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी, बागसेवनिया थाना, आशिमा मॉल, मिसरोद, 11 मील, इंडस टाउन और चिनार ड्रीम सिटी होते हुए एचईजी मंडीदीप तक पहुंचेगी। पहले इन इलाकों के लिए सीधी कनेक्टिविटी न होने से यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ती थी।
6 से 40 रुपये तक रहेगा किराया
वर्तमान में भोपाल की ई-बसों में रोजाना औसतन 10 हजार यात्री सफर कर रहे हैं। B38 रूट पर कुल 15 बसें चलने के बाद रोजाना लगभग 5 हजार नए यात्रियों को इसका फायदा मिलने की उम्मीद है। आम लोगों की जेब का ध्यान रखते हुए इन बसों का न्यूनतम किराया 6 से 7 रुपये तय किया गया है, जबकि पूरे लंबे रूट का अधिकतम किराया 40 रुपये रहेगा।
दिव्यांगजनों के लिए पहली बार हाइड्रोलिक डोर की व्यवस्था
इन नई ई-बसों की सबसे बड़ी खासियत दिव्यांग यात्रियों के लिए दी गई विशेष सुविधाएं हैं। बसों में आधुनिक हाइड्रोलिक डोर लगाए गए हैं, जिनकी मदद से व्हीलचेयर या ट्राइसाइकिल सवार यात्री बिना किसी की मदद के आसानी से चढ़-उतर सकेंगे। इतना ही नहीं, बस के अंदर भी इतनी जगह रखी गई है कि दो व्हीलचेयर एक साथ आसानी से खड़ी की जा सकें। शहर की सार्वजनिक बसों में यह सुविधा पहली बार उपलब्ध कराई गई है।
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