पिता के हाथों में लगी चोट तो बेटियों ने थाम ली स्टेयरिंग... उधमपुर की दो बेटियों की कहानी कर देगी भावुक
उधमपुर की बंजीत कौर और देविंदर कौर की कहानी हौसले और जिम्मेदारी की मिसाल है. दोनों के पिता स्कूल बस और ऑटो चलाकर परिवार का खर्च चलाते थे, लेकिन सीढ़ियों से गिरने के बाद उनके बाजू में गंभीर चोट लगी और वह काम करने में असमर्थ हो गए. ऐसे वक्त में दोनों बेटियों ने पिता का काम संभाल लिया. अब वे पढ़ाई के साथ स्कूल बस और ऑटो चलाती हैं.
Jalor Ki Jutti: महीन कढ़ाई और डिजाइन का कमाल, कारीगरों के हाथों से तैयार होती है बडगांव की पारंपरिक जूती
Jalor Famous Jutti: जालोर के बडगांव की जूतियां अपनी पारंपरिक कारीगरी, बारीक डिजाइन और खूबसूरती के लिए खास पहचान रखती हैं. जूती कारीगर रमेश जीनगर के अनुसार, साधारण चमड़े को आकार देने से लेकर उस पर कढ़ाई और डिजाइन तैयार करने तक पूरा काम बेहद सावधानी से किया जाता है. मशीनों के बजाय कारीगरों के हाथों का हुनर इन जूतियों को खास बनाता है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18









