Hardik Pandya को साबित करनी होगी फिटनेस, West Indies के खिलाफ ODI Team से हुए बाहर
भारतीय क्रिकेट टीम में वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली घरेलू एकदिवसीय सीरीज से पहले कुछ बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। टीम में पंजाब के युवा ऑल राउंडर नमन धीर और जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज औकीब नबी को पहली बार एकदिवसीय क्रिकेट में मौका दिया गया है। वहीं, लंबे समय से चोट से परेशान चल रहे हार्दिक पांड्या को इस टीम में जगह नहीं मिली है।
हार्दिक पांड्या आईपीएल 2026 का सीजन खत्म होने के बाद से ही मैदान से बाहर हैं। गर्मियों के दौरान लगातार चोट से जुड़ी परेशानियों के कारण वह भारतीय टीम के लिए सीमित ओवरों के क्रिकेट में नहीं खेल सके हैं। हालांकि, उनकी वापसी की कोशिश जारी है और उन्हें ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ भारत ए की आगामी सीरीज के लिए टीम में शामिल किया गया है।
यह सीरीज पुडुचेरी में 6 अक्टूबर से शुरू होनी है। खास बात यह है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की एकदिवसीय सीरीज इससे तीन दिन पहले ही खत्म होगी। ऐसे में हार्दिक के लिए भारत ए के मुकाबले अपनी फिटनेस साबित करने का एक अहम मौका होगा।
मौजूद जानकारी के अनुसार हार्दिक को मैदान पर वापसी से पहले फिटनेस जांच से गुजरना है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में उनकी वापसी को लेकर यह जांच 20 सितंबर तक होनी है। इसके बाद ही उनकी पूरी फिटनेस को लेकर तस्वीर साफ होगी। वेस्टइंडीज के खिलाफ 50 ओवर की सीरीज शुरू होने में उस समय करीब एक सप्ताह का ही अंतर रहेगा।
इसी वजह से भारतीय क्रिकेट बोर्ड के एक वर्ग की इच्छा थी कि हार्दिक को वेस्टइंडीज के खिलाफ टीम में शामिल किया जाए। लेकिन चयनकर्ताओं ने इस बार जल्दबाजी नहीं करने का फैसला किया है। रिपोर्ट के मुताबिक चयनकर्ता अब किसी खिलाड़ी को टीम में शामिल करने के बाद उसकी फिटनेस मंजूरी का इंतजार करने की स्थिति से बचना चाहते हैं।
गौरतलब है कि श्रीलंका के टेस्ट दौरे और अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज के दौरान कुछ खिलाड़ियों के नाम के साथ फिटनेस मंजूरी की शर्त रखी गई थी। बाद में कुछ खिलाड़ी समय पर फिटनेस हासिल नहीं कर सके, जिसके कारण टीम में आखिरी समय पर बदलाव करने पड़े थे। इस वजह से चयनकर्ताओं को आलोचना का सामना भी करना पड़ा था।
हार्दिक की वापसी को लेकर चयनकर्ताओं ने इस बार साफ नियम रखा है। रिपोर्ट के अनुसार वह तभी भारतीय टीम में लौटेंगे, जब वह पूरे 10 ओवर गेंदबाजी करने के लिए फिट होंगे। यानी केवल चार या छह ओवर गेंदबाजी करने की क्षमता को उनकी वापसी के लिए पर्याप्त नहीं माना जाएगा।
यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हार्दिक भारतीय टीम में केवल बल्लेबाज के तौर पर नहीं, बल्कि तेज गेंदबाजी करने वाले हरफनमौला खिलाड़ी के रूप में अहम भूमिका निभाते हैं। उनकी मौजूदगी से टीम को बल्लेबाजी में अतिरिक्त गहराई के साथ गेंदबाजी का एक विकल्प भी मिलता है।
इसी जरूरत को देखते हुए नितीश कुमार रेड्डी को एशियाई खेलों के लिए चुनी गई टीम से हटाकर वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय टीम में शामिल किया गया है। चयनकर्ताओं को एकदिवसीय प्रारूप में ऐसे खिलाड़ी की जरूरत है जो बल्लेबाजी के साथ तेज गेंदबाजी भी कर सके। इसलिए नितीश की भूमिका इस सीरीज में काफी महत्वपूर्ण हो सकती है।
बता दें कि हार्दिक अगर भारत ए के लिए ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ होने वाली सीरीज में अपनी फिटनेस साबित करते हैं और लगातार पूरे 10 ओवर गेंदबाजी करने में सफल रहते हैं, तो नवंबर में न्यूजीलैंड दौरे के लिए उनकी भारतीय टीम में वापसी पर विचार किया जा सकता है। फिलहाल चयनकर्ताओं ने उनके मामले में फिटनेस को सबसे अहम कसौटी बनाया है और उनकी वापसी पूरी तरह प्रदर्शन तथा फिटनेस पर निर्भर रहने वाली है।
2018 के Sandpaper Gate के बाद पहली बार दक्षिण अफ्रीका में Test Series खेलेंगे Steve Smith
आठ साल पुरानी एक घटना को याद करते हुए ऑस्ट्रेलिया के इस दिग्गज बल्लेबाज ने माना है कि 2018 के गेंद से छेड़छाड़ विवाद की कुछ यादें आज भी उन्हें परेशान करती हैं। हालांकि, दक्षिण अफ्रीका लौटकर टेस्ट क्रिकेट खेलने को लेकर स्मिथ के मन में किसी तरह की घबराहट नहीं है।
स्टीव स्मिथ अक्टूबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज में ऑस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा होंगे। पहला मुकाबला 9 अक्टूबर से डरबन में खेला जाएगा। इसके बाद सीरीज गक्बेरहा और केपटाउन पहुंचेगी। यह 2018 के बाद पहली बार होगा जब स्मिथ दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट मैच खेलेंगे।
बता दें कि 2018 में केपटाउन में दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीसरे टेस्ट के दौरान गेंद से छेड़छाड़ का मामला सामने आया था। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी कैमरन बैनक्रॉफ्ट को गेंद की हालत बदलने के लिए सैंडपेपर का इस्तेमाल करते हुए कैमरे में देखा गया था। जांच में सामने आया कि स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर भी इस योजना से जुड़े थे।
इस घटना के बाद स्मिथ को ऑस्ट्रेलिया लौटने के लिए कहा गया था। उन्हें एक साल के लिए बैन किया गया और कप्तानी से भी हटा दिया गया। डेविड वॉर्नर पर भी 12 महीने का बैन लगा और उन्हें सभी नेतृत्व भूमिकाओं से दूर कर दिया गया। कैमरन बैनक्रॉफ्ट को नौ महीने का बैन झेलना पड़ा था।
स्मिथ ने बताया कि उस दौर की कुछ घटनाएं आज भी उनके दिमाग में लौट आती हैं। उन्होंने खास तौर पर जोहान्सबर्ग हवाई अड्डे का जिक्र किया, जहां पत्रकारों और कैमरों की भारी भीड़ के बीच उन्हें बाहर निकलना पड़ा था। ऑस्ट्रेलिया लौटने के बाद सिडनी में हुई प्रेस वार्ता के दौरान स्मिथ भावुक होकर रो पड़े थे।
उन्होंने कहा कि कैमरे की तेज चमक आज भी उन्हें उस मुश्किल दौर की याद दिलाती है। स्मिथ के मुताबिक, प्रतिबंध की जानकारी मिलने के बाद के शुरुआती 24 से 48 घंटे और उसके बाद हवाई अड्डे की घटना उनके लिए बेहद कठिन समय था।
गौरतलब है कि इस विवाद के बाद स्मिथ ने मैदान पर शानदार वापसी की। उन्होंने बैन खत्म होने के बाद इंग्लैंड के खिलाफ शानदार शतक लगाया और इसके बाद लगातार अपनी बल्लेबाजी से ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में अहम भूमिका निभाई।
मौजूद जानकारी के अनुसार स्मिथ अब तक टेस्ट क्रिकेट में 10,920 रन बना चुके हैं और उनका बल्लेबाजी औसत करीब 56 रन का है। वह आधुनिक क्रिकेट के सबसे सफल टेस्ट बल्लेबाजों में शामिल हैं।
स्मिथ ने माना कि 2018 का दौर उनके जीवन का कठिन समय था और वह उस मानसिक स्थिति में दोबारा नहीं जाना चाहते। उन्होंने कहा कि उन्होंने उस घटना से सीख ली और आगे बढ़ने की कोशिश की। यहां तक कि उन्होंने उस सीरीज की कई यादों को अपने दिमाग से दूर रखने की कोशिश की है।
दक्षिण अफ्रीका में वापसी को लेकर एक और सवाल वहां के दर्शकों के व्यवहार का है। स्मिथ 2018 के बाद दक्षिण अफ्रीका में सीमित ओवरों की क्रिकेट खेल चुके हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट के लिए वहां नहीं लौटे हैं। उन्हें इस बार भी दर्शकों की तीखी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि, स्मिथ का कहना है कि वह विरोध और दबाव के ऐसे माहौल के आदी हो चुके हैं। इंग्लैंड में एशेज सीरीज के दौरान भी दर्शकों की ओर से उन्हें लगातार निशाना बनाया गया है। स्मिथ अब ऐसी परिस्थितियों को अपने खेल के लिए प्रेरणा के तौर पर इस्तेमाल करने की बात कह रहे हैं।
इस तरह दक्षिण अफ्रीका की आगामी टेस्ट सीरीज स्मिथ के लिए केवल क्रिकेट की चुनौती नहीं होगी, बल्कि आठ साल पुरानी एक कड़वी याद के बीच उसी मैदान पर लौटने का मौका भी होगी। वह उस दौर को पीछे छोड़कर अपने प्रदर्शन पर ध्यान देने की कोशिश में हैं।
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