2018 के Sandpaper Gate के बाद पहली बार दक्षिण अफ्रीका में Test Series खेलेंगे Steve Smith
आठ साल पुरानी एक घटना को याद करते हुए ऑस्ट्रेलिया के इस दिग्गज बल्लेबाज ने माना है कि 2018 के गेंद से छेड़छाड़ विवाद की कुछ यादें आज भी उन्हें परेशान करती हैं। हालांकि, दक्षिण अफ्रीका लौटकर टेस्ट क्रिकेट खेलने को लेकर स्मिथ के मन में किसी तरह की घबराहट नहीं है।
स्टीव स्मिथ अक्टूबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज में ऑस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा होंगे। पहला मुकाबला 9 अक्टूबर से डरबन में खेला जाएगा। इसके बाद सीरीज गक्बेरहा और केपटाउन पहुंचेगी। यह 2018 के बाद पहली बार होगा जब स्मिथ दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट मैच खेलेंगे।
बता दें कि 2018 में केपटाउन में दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीसरे टेस्ट के दौरान गेंद से छेड़छाड़ का मामला सामने आया था। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी कैमरन बैनक्रॉफ्ट को गेंद की हालत बदलने के लिए सैंडपेपर का इस्तेमाल करते हुए कैमरे में देखा गया था। जांच में सामने आया कि स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर भी इस योजना से जुड़े थे।
इस घटना के बाद स्मिथ को ऑस्ट्रेलिया लौटने के लिए कहा गया था। उन्हें एक साल के लिए बैन किया गया और कप्तानी से भी हटा दिया गया। डेविड वॉर्नर पर भी 12 महीने का बैन लगा और उन्हें सभी नेतृत्व भूमिकाओं से दूर कर दिया गया। कैमरन बैनक्रॉफ्ट को नौ महीने का बैन झेलना पड़ा था।
स्मिथ ने बताया कि उस दौर की कुछ घटनाएं आज भी उनके दिमाग में लौट आती हैं। उन्होंने खास तौर पर जोहान्सबर्ग हवाई अड्डे का जिक्र किया, जहां पत्रकारों और कैमरों की भारी भीड़ के बीच उन्हें बाहर निकलना पड़ा था। ऑस्ट्रेलिया लौटने के बाद सिडनी में हुई प्रेस वार्ता के दौरान स्मिथ भावुक होकर रो पड़े थे।
उन्होंने कहा कि कैमरे की तेज चमक आज भी उन्हें उस मुश्किल दौर की याद दिलाती है। स्मिथ के मुताबिक, प्रतिबंध की जानकारी मिलने के बाद के शुरुआती 24 से 48 घंटे और उसके बाद हवाई अड्डे की घटना उनके लिए बेहद कठिन समय था।
गौरतलब है कि इस विवाद के बाद स्मिथ ने मैदान पर शानदार वापसी की। उन्होंने बैन खत्म होने के बाद इंग्लैंड के खिलाफ शानदार शतक लगाया और इसके बाद लगातार अपनी बल्लेबाजी से ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में अहम भूमिका निभाई।
मौजूद जानकारी के अनुसार स्मिथ अब तक टेस्ट क्रिकेट में 10,920 रन बना चुके हैं और उनका बल्लेबाजी औसत करीब 56 रन का है। वह आधुनिक क्रिकेट के सबसे सफल टेस्ट बल्लेबाजों में शामिल हैं।
स्मिथ ने माना कि 2018 का दौर उनके जीवन का कठिन समय था और वह उस मानसिक स्थिति में दोबारा नहीं जाना चाहते। उन्होंने कहा कि उन्होंने उस घटना से सीख ली और आगे बढ़ने की कोशिश की। यहां तक कि उन्होंने उस सीरीज की कई यादों को अपने दिमाग से दूर रखने की कोशिश की है।
दक्षिण अफ्रीका में वापसी को लेकर एक और सवाल वहां के दर्शकों के व्यवहार का है। स्मिथ 2018 के बाद दक्षिण अफ्रीका में सीमित ओवरों की क्रिकेट खेल चुके हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट के लिए वहां नहीं लौटे हैं। उन्हें इस बार भी दर्शकों की तीखी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि, स्मिथ का कहना है कि वह विरोध और दबाव के ऐसे माहौल के आदी हो चुके हैं। इंग्लैंड में एशेज सीरीज के दौरान भी दर्शकों की ओर से उन्हें लगातार निशाना बनाया गया है। स्मिथ अब ऐसी परिस्थितियों को अपने खेल के लिए प्रेरणा के तौर पर इस्तेमाल करने की बात कह रहे हैं।
इस तरह दक्षिण अफ्रीका की आगामी टेस्ट सीरीज स्मिथ के लिए केवल क्रिकेट की चुनौती नहीं होगी, बल्कि आठ साल पुरानी एक कड़वी याद के बीच उसी मैदान पर लौटने का मौका भी होगी। वह उस दौर को पीछे छोड़कर अपने प्रदर्शन पर ध्यान देने की कोशिश में हैं।
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King Charles has warned AI executives of the "existential dangers" posed by the technology falling into the wrong hands. He made the comments at a summit he had convened at Dumfries House in Scotland to discuss how the tech can be used to benefit society. Those gathered at the meeting also included Kanishka Narayan, the UK's AI Minister, the Pope's advisor, and participants from AI giants such as Nvidia, OpenAI and Anthropic. It comes amid a series of recent warnings from people inside the industry about the rapidly evolving capabilities of advanced or "frontier" AI models and the regulation needed to keep them in check. Subscribe to our channel here: https://bbc.in/bbcnews For the latest news download the BBC News app or visit BBC.com/news #RoyalFamily #KingCharles #AI #BBCNews
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