PWL 5वीं प्रो रेसलिंग लीग 15 जनवरी से:हरियाणा के ओलिंपिक मेडलिस्ट और हिंद केसरी होंगे आमने-सामने, आधिकारिक टीजर जारी
हरियाणा के खिलाड़ियों का दमदार खेल कुश्ती दुनिया में परचम लहरा रहा है। इन्हीं खिलाड़ियों के दम पर PWL प्रो रेसलिंग लीग का 5वीं बार 15 जनवरी से आगाज होने जा रहा है। जिसमें बड़ दिग्गज खिलाड़ी भाग लेने वाले हैं। ओलंपियन अमन सहरावत से लेकर, हिंद केसरी हैवी वेट पहलवान दिनेश भी रेसलिंग लीग के मैदान में उतरेंगे। इस लीग में हरियाणा के बड़े दिग्गज पहलवान आमने सामने होंगे। प्रो रेसलिंग लीग (PWL) ने अपने बहुप्रतीक्षित PWL 2026 से पहले आधिकारिक टीजर जारी कर भारत की इस प्रमुख फ्रेंचाइज-आधारित कुश्ती प्रतियोगिता की जबरदस्त वापसी का माहौल तैयार कर दिया है। हिंदी कहानी पर आधारित टीजर में कुलीन कुश्ती की पहचान बन चुके साहस, बलिदान और अथक तैयारी को दर्शाया गया है। साथ ही इसमें अमन सहरावत, सुजीत कलकल, कलवा गुज्जर, मुकुल दहिया, प्रिया मलिक और अंतिम पंघाल सहित इस खेल के कुछ प्रमुख भारतीय सितारों को भी दिखाया गया है। भारतीयों में हरियाणा के खिलाड़ी सबसे महंगे हरियाणा की मिट्टी से निकले रेसलर आज दुनिया में अपना नाम चमका रहे हैं। हरियाणा के बड़े खिलाड़ियों को रेसलिंग PWL के ऑक्शन में 1 करोड़ 55 लाख में खरीदा गया है। अमन सहरावत को मुंबई ने 51 लाख, अंतिम को यूपी ने 52 लाख, सुजीत को दिल्ली ने 52 लाख और दिनेश धनखड़ को पंजाब की टीम ने 36 लाख में खरीदा है। PWL अखाड़े में दिखेंगे बड़े रेसलर जिनमें से दो झज्जर जिले के रहने वाले हैं और तीसरा अंतिम पंघाल हांसी जिला और चौथा सुजीत कलकल दादरी जिले का रहने वाला है। इन खिलाड़ियों के PWL के लिए बोली में बेस प्राइस भी रखे गए थे। उसकी के आधार पर टीमों की ओर से बोली लगाई गई और सुजीत कलकल और अंतिम पंघाल रिकॉर्ड 52-52 लाख रुपए में बिके और अमन सहरावत 51 लाख रुपए में बिका। वहीं इन खिलाड़ियों में झज्जर जिले का रहने वाला 4 बार के हिंद केसरी रह चुके दिनेश धनखड़ भी चमकते नजर आए और 36 लाख रुपए में बिके। PWL के लिए अलग अलग 6 फ्रेंचाइजी बनी हैं। वहीं सभी के लिए नए रूल भी बनाए गए और भारतीयों को आगे बढ़ाने के लिए इस PWL में उन्हें ही महत्ता भी दी गई है। ओलिंपिक मेडलिस्ट और हिंद केसरी भी खेलेंगे PWL PWL में खेलने के लिए यूं तो हरियाणा से कई बड़े खिलाड़ियों को खरीदा गया है, लेकिन इनमें 4 बड़े नाम हैं, जिनमें से दो झज्जर जिले के रहने वाले हैं। ओलिंपिक मेडलिस्ट अमन सहरावत और दिनेश धनखड़ हिंद केसरी। अमन सहरावत ने पेरिस ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतकर दुनिया में नाम कमाया है और अब PWL में अखाड़े में भी उतरने जा रहे हैं। वहीं झज्जर जिले के ही रहने वाले हिंद केसरी पहलवान भी PWL के अखाड़े में सुपर हैवी वेट में अपना दम दिखाएंगे। दिनेश धनखड़ 4 बार हिंद केसरी और दो बार भारत केसरी खिताब अपने नाम कर चुका है। अंतिम सुजीत सबसे महंगे खिलाड़ी वहीं दादरी जिले के गांव इमलोटा के रहने वाले सुजीत कलकल और हांसी जिले के गांव की अंतिम पंघाल भी PWL के अखाड़े में उतरेंगी और दोनों खिलाड़ियों को उनकी प्रतिभा को देखते हुए अलग अलग टीम ने 52-52 लाख में खरीदा है। अंतिम पंघाल 53 केजी और सुजीत कलकल 65 केजी भार वर्ग की कुश्ती करता है। चारों खिलाड़ियों की अगर बात की जाए, तो अमन और अंतिम का बेस प्राइस 18 लाख, सुजीत कलकल और दिनेश धनखड़ का 12 लाख रुपए रखा गया था।
लता मंगेशकर का 46 साल पुराना गाना, हर शादी की शान, अपनी खूबियां गिनाती रही हसीना, मनोज कुमार ने नहीं दिया भाव
हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर की बात हो और नूतन का ज़िक्र न आए, ऐसा तो हो ही नहीं सकता. उनकी सादगी, गहराई और एक्टिंग की संवेदनशीलता ने कई गानों को अमर बना दिया.साल 1970 में आई फिल्म यादगार में भी उन्होंने एक ऐसा ही गाना दिया था. वो गाना है, ‘जिस पथ पे चला, उस पथ पे मुझे आंचल तो बिछाने दे...’, जो आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में खास जगह रखता है. इस गाने में देवानंद संग कई हिट फिल्में दे चुकीं, नूतन अपनी खूबियां बता रही हैं. लेकिन मनोज कुमार आगे-आगे चलते रहते हैं और जरा भी भाव नहीं देते. उनके चेहरे के भाव, आंखों की भाषा और सादगी गीत के भाव को पूरी तरह जीवंत कर देते हैं. शादियों में तो ये गीत जरूर गाया जाता है. आज के तेज रफ्तार म्यूजिक ट्रेंड्स के बीच जब लोग इस गाने को सुनते हैं, तो उन्हें पुराने समय की सादगी और भावनात्मक गहराई की कमी महसूस होती है.
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