Slow Walking: लंच और डिनर के बाद 10-15 मिनट की Walk से घटेगा Blood Sugar Level, दिल भी रहेगा हेल्दी
आज के समय में देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा डायबिटीज जैसे गंभीर सेहत संबंधी समस्या से परेशान है। आधुनिक लाइफस्टाइल और खानपान की गलत आदतें इस बीमारी की मुख्य वजह हैं। सोने-जागने का अनिश्चित समय, गलत खानपान, फिजिकल एक्टिविटी में कमी, स्मोकिंग और एल्कोहल भी इसमें प्रमुख कारण हैं। हालांकि वैसे तो डायबिटीज से बचाव के कई तरीकों के बारे में बताया जाता है। जैसे मैदे, तेल, घी, चावल, चीनी और आलू आदि से परहेज करना आदि। लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्लो वॉक भी डायबिटीज को कम करने में मदद कर सकती है।
जानें क्या कहती है रिसर्च
एक रिपोर्ट के मुताबिक रोजाना लंच या डिनर के बाद अगर 10-15 मिनट हल्की वॉक की जाए, तो इसके बाद लोगों में ब्लड शुगर लेवल में कमी देखी गई है। शोधकर्ताओं के मुताबिक खाना खाने के करीब 30 मिनट बाद अगर 10 मिनट भी वॉक कर ली जाए, तो यह आपकी सेहत को लाभ पहुंचा सकती है। वहीं अगर आप भी डायबिटीज की समस्या से राहत पाना चाहती हैं, तो लंच व डिनर के बाद टहलने की आदत को रूटीन में जरूर शामिल करना चाहिए। इससे न सिर्फ ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है, बल्कि यह फिटनेस को भी बनाए रखने में मदद करता है।
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क्या है एक्सपर्ट की राय
हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो यह रिसर्च सही है। खाने के बाद शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सही तरीके से होता है। स्लो वॉक से खून में मौजूद ग्लूकोज का मसल्स सही तरीके से इस्तेमाल कर लेते हैं। नियमित रूप से वॉक करने से तनाव दूर होता है और नींद भी अच्छी आती है। इससे शुगर लेवल भी कंट्रोल में रहता है।
वॉक करना सबसे आसान एक्टिविटी होती है। ऐसे में डायबिटीज से परेशान लोग स्लो वॉक कर सकते हैं। इसमें चोट लगने का जोखिम भी कम होता है और वॉक करने के लिए किसी स्पेशल इक्विपमेंट की आवश्कता नहीं पड़ती है। लेकिन आरामदायक कपड़े और जूते पहनने से आपको मोटिवेट रहने में सहायता जरूर मिल सकती है। जब आप रेगुलर वॉक करते हैं, तो आपको सेहत से जुड़े कई फायदे मिलते हैं।
यहां देखें स्लो वॉक के फायदे
मेटाबॉलिज्म बढ़ता है।
बैलेंस में सुधार होता है।
मूड बेहतर होता है।
स्लो वॉक से दिल की सेहत में सुधार होता है।
इससे इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ती है।
ब्लड शुगर का लेवल कम होता है।
स्लो वॉक से ज्यादा फोकस्ड और अलर्ट महसूस होता है।
याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता में भी सुधार होता है।
वेट कंट्रोल में आसानी होती है।
ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है।
'चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता', AI पर चल वैश्विक विवाद के बीच UN का बड़ा बयान
UN on AI: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को लेकर इन दिनों दुनियाभर में हलचल मची है. एआई की दौड़ को धीमा करने और लाभप्रदता बढ़ाने की चुनौती को लेकर वैश्विक स्तर पर भारी हलचल मची हुई है. एआई एक्सपर्ट, वैज्ञानिक और नेता कई मतों में बंट गए हैं. वहीं अब संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भी इस विवाद में शिरकत की है.
एंथ्रोपिक और OpenAI की सेफ्टी टीम से जुड़े रिसर्चर ने चेतावनी दी है कि अनियंत्रित एआई मानवता के लिए गंभीर अस्तित्वगत खतरा बन सकता है. इस बात पर चिंता जताई जा रही है कि यदि एआई सिस्टम ने खुद को इंसानी नियंत्रण के बिना सुधारना शुरू कर दिया, तो स्थिति हाथ से निकल सकती है.
United Nations Secretary General Antonio Guterres said nations must coordinate global efforts to regulate AI, echoing calls for closer monitoring of the technology after warnings from leaders of the world’s top AI firms. https://t.co/vkLediYbxM
— Bloomberg (@business) September 16, 2026
क्या बोला UN?
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने AI के सुरक्षित और जिम्मेदार विकास के लिए देशों के बीच मजबूत सहयोग की जरूरत बताई है. उन्होंने कहा कि सरकारें तेजी से विकसित हो रहे शक्तिशाली AI सिस्टम को लेकर उठ रही चिंताओं को नजरअंदाज नहीं कर सकतीं.
X पर एक पोस्ट में गुटेरेस ने इस सप्ताह की शुरुआत में जताई गई अपनी चिंताओं को दोहराया. उन्होंने कहा कि AI में बड़ी संभावनाएं हैं, लेकिन इसका विकास इतनी तेजी से हो रहा है कि इसके संभावित खतरों को समझने की दुनिया की क्षमता उससे पीछे रह रही है.
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