52,500 करोड़ की पनडुब्बी डील पर लग सकती है मुहर, समुद्र में बढ़ेगी भारत की धमक
इस दौरे का मुख्य आकर्षण 52,500 करोड़ का पनडुब्बी सौदा है। दोनों नेता रक्षा सहयोग, 'मेक इन इंडिया' और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
लोन में बकरी देता है महाराष्ट्र के जलगांव का बैंक:नाम GOAT बैंक; डिपॉजिट में लौटाना पड़ता है मेमना; अबतक 300+ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया
महाराष्ट्र के जलगांव जिले की चालीसगांव तहसील में ऐसा बैंक चल रहा है, जहां पैसों की बजाय बकरियों का लेन-देन होता है। इस ‘गोट बैंक’ ने 300 से ज्यादा गरीब, विधवा, परित्यक्ता और भूमिहीन श्रेणी की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। पुणे का ‘सेवा सहयोग फाउंडेशन’ लोन लेने आई महिला को बकरी पालन का प्रशिक्षण दिलाता है। इसके बाद एक पूर्ण विकसित बकरी मुफ्त दी जाती है। शर्त केवल इतनी होती है कि 6 से 9 महीने बाद, जब बकरी के बच्चे बड़े हो जाते हैं, तो महिला को उनमें से एक मेमना बैंक में डिपॉजिट के रूप में वापस करना पड़ता है। यही मेमना बड़ा होने पर किसी अन्य नई सदस्य महिला को स्वरोजगार के लिए दे दिया जाता है। महिलाओं की ‘एटीएम’ बनी बकरी महिलाएं बैंक से मिली बकरी का पालन कर रही हैं। वे इससे सालाना 3 से 4 मेमने प्राप्त कर, एक मेमना बैंक को लौटाती हैं और शेष बेचकर 30,000 रुपए तक कमा लेती हैं। बकरी उनके लिए ‘एटीएम’ बन गई है। अब इन महिलाओं ने मिलकर ‘गिरणा परिसर महिला पशुपालक उत्पादक कंपनी’ बना ली है। जानिए कैसे काम करता है पढ़िए बकरी बैंक पर 2 बयान हमारे अभियान से 300 से अधिक महिलाएं जुड़ चुकी हैं। बकरी बैंक के माध्यम से महिलाएं अब खुद बकरियां लौटा रही हैं- गुणवंत सोनवणे, सेवा सहयोग फाउंडेशन बकरी बैंक की वजह से मुझे रोजगार का नया जरिया मिला और अच्छी आय हो रही है। अब मैं इलाके की अन्य महिलाओं को भी इस व्यवसाय से जुड़ने के लिए मार्गदर्शन दे रही हूं- वैशाली राठौड़, सुंदरनगर, चालीसगांव
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