देवभूमि की सुरक्षा होगी अभेद्य, डीजीपी दीपम सेठ ने कसी कमर; सीमा से लेकर सोशल मीडिया तक 24 घंटे कड़ी चौकसी
Uttarakhand News: उत्तराखंड की सुरक्षा व्यवस्था को नए दौर की चुनौतियों के अनुसार तैयार करने के लिए पुलिस महकमे ने व्यापक योजना पर काम शुरू कर दिया है. इसी क्रम में राजधानी देहरादून स्थित अभिसूचना एवं सुरक्षा मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने की. इस अहम बैठक में राज्य भर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, एसटीएफ, एटीएस के प्रमुख और सभी जिलों के अभिसूचना प्रभारी शामिल हुए. डीजीपी ने स्पष्ट किया कि बदलती सुरक्षा परिस्थितियों, आगामी विधानसभा चुनावों, कुंभ मेले और त्योहारों को देखते हुए पुलिस तंत्र को पहले से कहीं अधिक चुस्त और आधुनिक बनना होगा.
आंतकवाद निरोधी नीति 'प्रहार' होगी लागू
बैठक के दौरान पुलिस महानिदेशक ने राष्ट्रीय स्तर पर संचालित देश की पहली आंतकवाद निरोधी नीति 'प्रहार' को राज्य में पूरी मजबूती से धरातल पर उतारने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि आंतकवाद की नई और बदलती तकनीकों से निपटने के लिए केंद्र सरकार की रणनीति के तहत विशेष प्रयास किए जाएं. इसके साथ ही उन्होंने उत्तराखंड एटीएस की कार्यक्षमता को देश के बड़े और सफल राज्यों के ऑपरेशनों की तर्ज पर अपग्रेड करने को कहा. पुलिस टीम दूसरे राज्यों के सफल मॉडलों का अध्ययन करेगी, ताकि किसी भी विपरीत परिस्थिति में त्वरित और पेशेवर कार्रवाई की जा सके. इसके लिए आधुनिक हथियारों, निगरानी गैजेट्स और तकनीकी उपकरणों की कमी नहीं होने दी जाएगी.
सोशल मीडिया पर विदेशी साजिशों पर नजर
डीजीपी ने बैठक में पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी द्वारा सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को भड़काने और कट्टरपंथी सोच थोपने के इनपुट्स पर गहरी चिंता जताई. देश के विभिन्न हिस्सों में पकड़े गए उसके नेटवर्क के साथियों को देखते हुए उत्तराखंड के हर जिले में विशेष सतर्कता बरतने के आदेश दिए गए हैं. फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे मंचों पर 24 घंटे पैनी नजर रखी जाएगी. पुलिस महानिदेशक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो भी संदिग्ध खाते युवाओं को गुमराह करने या नफरत फैलाने में लगे हैं, उनकी तत्काल पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए.
फेक न्यूज और डीपफेक पर तत्काल खंडन
साइबर सुरक्षा को लेकर डीजीपी ने विशेष सतर्कता बरतने की बात कही. उन्होंने कहा कि संवेदनशील और सांप्रदायिक मुद्दों को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जाने वाली झूठी खबरों, भड़काऊ संदेशों और डीपफेक वीडियो का तुरंत खंडन किया जाए. पुलिस का अपना फैक्ट चेक सिस्टम सक्रिय रहना चाहिए ताकि अफवाह फैलने से पहले ही सच्चाई जनता के सामने आ जाए. डीजीपी ने कहा कि किसी भी शरारती तत्व को राज्य का सौहार्द बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी और ऐसे मामलों में बिना देरी के त्वरित कदम उठाए जाएंगे.
अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर संयुक्त पहरा
उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य की सीमाएं चीन और नेपाल से लगती हैं. डीजीपी दीपम सेठ ने सीमांत जिलों में संदिग्ध गतिविधियों, सीमा पार से होने वाली घुसपैठ और राष्ट्रविरोधी तत्वों की हलचल पर पूरी तरह लगाम लगाने के निर्देश दिए. इसके लिए आईटीबीपी, एसएसबी, सेना, आईबी, राज्य पुलिस और एटीएस के उच्च अधिकारियों की एक संयुक्त 'इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन बैठक' बुलाई जाएगी. इस साझा बैठक का मकसद सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान प्रदान सुनिश्चित करना और सीमांत क्षेत्रों में गश्त को अधिक मजबूत बनाना है.
त्योहारों, कुंभ मेले और चुनावों की सुरक्षा तैयारी
राज्य में वर्तमान में चल रही चारधाम यात्रा के साथ साथ भारी संख्या में आ रहे पर्यटकों की सुरक्षा को पुख्ता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया. आगामी समय में होने वाले कुंभ मेले, राज्य स्थापना दिवस, नवरात्र, दशहरा और दीपावली जैसे बड़े पर्वों के लिए अभी से विस्तृत सुरक्षा कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा आगामी विधानसभा चुनावों और विशिष्ट अतिथियों के दौरों को देखते हुए मुख्यमंत्री और अन्य वीवीआईपी की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा किया जाएगा. आगामी प्रेसिडेंट पुलिस कलर सेरेमनी की तैयारियों को लेकर भी दिशा निर्देश जारी किए गए. पुलिस महानिदेशक ने कहा कि जरूरी जनशक्ति और संसाधनों की व्यवस्था समय पर पूरी कर ली जाए ताकि देवभूमि में शांति और सुरक्षा का माहौल बना रहे.
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Ganesh Chaturthi पर बप्पा के भोग के लिए 10 आसान तरीकों से बनाएं Sugar Free Modak
14 सितंबर 2026, सोमवार को गणेश चतुर्थी पर्व की शुरुआत होने वाली है और यह त्योहार 10 दिन तक मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी पर घर में बप्पा लाने की सबसे ज्यादा एक्साइटमेंट होती है और उन्हें क्या भोग अर्पित करें, इसका सबसे पहला नाम मोदक का ही आता है।
मोदक में मिठास अधिक होती है, जिससे कई लोग चीनी खाने स बचते हैं। यदि आप इस बार गणपति बप्पा के लिए कुछ ऐसा बनाना चाहती हैं, जिसमें अलग से चीनी न डालने पड़े, तो आप कई तरह के मोदक बना सकती हैं।
इसके लिए आपको कोई ज्यादा सामान की जरुरत नहीं है। किचन में मिलने वाली हर एक चीज से आप स्वादिष्ट मोदक बना सकते हैं। इसलिए आप नारियल, ड्राई फ्रूट्स, मखाना, तिल या चॉकलेट से मोदक बनाएंगी तो लोगों को खूब पसंद आएंगे। इस बार आप भोग में एक नहीं बल्कि हर रोज 10 दिन के लिए दस तरह के शुगर फ्री मोदक बना सकते हैं।
10 दिनों तक बप्पा को लगाएं अलग-अलग तरह के मोदक का भोग
गणेश चतुर्थी से लेकर अनंत चतुर्दशी तक आप अलग-अलग तरह के मोदक को भोग बप्पा को लगा सकते हैं-
खजूर-ड्राई फ्रूट्स मोदक
असल में इस मोदर के लिए आपको ज्यादा चीनी डालने की कोई जरुरत नहीं होगी। इसके लिए आप खजूर को पीसकर उसमें बारीक कटे हुए बादाम, काजू और अखरोट मिला लें। अब इस मिश्रण को मोदक के सांचे में भरकर मोदक का शेप दे दें। तैयार हैं आपके खजूर-ड्राई फ्रूट्स मोदक।
नारियल-खजूर मोदक
इसे बनाने के लिए आपको चीनी डालने की कोई जरुरत नहीं है। सबसे पहले आप खजूर को पीस लें और इसमें बारीक कटे हुए बादाम, काजू और अखरोट मिला लें। अब मिश्रण को मोदक के सांचे में भरकर मोदक का शेप दे दें। तैयार है आपके नारियल खजूर मोदक।
तिल-ड्राई फ्रूट्स मोदक
बप्पा के लिए आप कुछ अलग बनाना चाहती हैं, तो तिल वाले मोदक भी बना सकती हैं। इसके लिए तिल को थोड़ा-सा भूनकर पीस लें और इसमें कटे हुए काजू-बादाम मिला दें। इसकी बाइंडिंग के लिए थोड़ा खजूर का पेस्ट डालें और सांचे से मोदक तैयार कर लें।
मखाना मोदक
मखाने का मोदक बनाने के लिए सबसे पहले मखाने को अच्छे से भून लें। फिर इन्हें पीस लें और इसमें ड्राई फ्रूट्स का पाउडर और खजूर का पेस्ट मिलाएं, फिर इस मिश्रण को मोदक के सांचे में दबाकर निकाल लें।
बादाम मोदक
यही पर्व है जब सब लोग बप्पा को भोग में मोदक अर्पित करते हैं। इसे बनाने के लिए बादाम को पीसकर उसमें थोड़ा दूध डालकर सॉफ्ट मिश्रण तैयार कर लें और अब इसमें चीनी की जगह खजूर का पेस्ट मिलाएं और लो फ्लेम पर पकाकर मोदक बना लें।
काजू मोदक
वैसे आपको काजू कतली काफी पसंद होगी है, लेकिन इस बार आप काजू के मोदक जरुर बनाएं और इसका स्वाद बिल्कुल काजू कतली जैसा होता है। इसके बनाने के लिए काजू को पीसकर पाउडर बना लें और इसमें थोड़ा दूध डालकर मिश्रण तैयार कर लें। मिठास के लिए खजूर का पेस्ट मिला दे, फिर इसके मोदक के सांचे में भर दें। तैयार है आपका काजू मोदक।
कोकोनट-ड्राई फ्रूट्स मोदक
आप भी घर पर नारियल और ड्राई फ्रूट्स मोदक भी ट्राई कर सकती है। इसे बनाने के लिए नारियल और ड्राई फ्रूट्स को थोड़ा-सा भूनकर पाउडर बना लें और बाद में इसमें खजूर का पेस्ट मिला लें। मिश्रण तैयार होने के बाद मोदक बना लें।
कोको मोदक
अगर आपको चॉकेलट खाना काफी पसंद हैं, तो आप कोको पाउडर वाला मोदक घर में आसानी से बना सकती हैं। इसे बनाने के लिए मखाने और ड्राई फ्रूट्स के पाउडर में बिना चीनी वाला कोको पाउडर और खजूर का पेस्ट मिला लें। फिर मोदक बना लें।
पीनट मोदक
इतना ही नहीं, आप पीनट के मोदक बना सकते हैं। इसे बनाने के लिए भुनी हुई मूंगफली को पीसकर उसका पाउडर बना लें। अब इसमें खजूर का पेस्ट मिलाकर अच्छी तरह से गूंथ लें। इसके बाद मोल्ड में डालकर मोदक बना लें।
अंजीर-ड्राई फ्रूट्स मोदक
अंजीर वाले मोदक भी खाने में काफी टेस्टी होते हैं। वैसे यह आपको बनाने में थोड़ा महंगा पड़ सकता है। हालांकि इसका स्वाद गजब का होता है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले सूखे अंजीर को थोड़ी देर भिगोकर पीस लें। अब इसमें कटे हुए बादाम और काजू मिलाएं और मिश्रण को मोदक का शेप दे दें।
इन बातों का रखें ध्यान
- इन रेसिपी में अलग से चीनी नहीं डाली है।
- खजूर, अंजीर जैसी चीजों में नेचुरल शुगर होती है, यह पूरी तरह शुगर फ्री नहीं है।
- भोग के लिए मोदक बनाए, तो साफ-सफाई का विशेष का ध्यान रखें।
- यदि आपको एक्स्ट्रा मिठास चाहिए, तो ऊपर से पिसी हुई चीनी अलग से कोट कर सकते हैं।
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