हम शरारती तत्वों की हर साजिश को नाकाम करेंगे और 'भारत का गेटवे' माने जाने वाले पंजाब की शान फीकी नहीं पड़ने देंगे-भगवंत सिंह मान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि एक ओर उनकी सरकार गैंगस्टरों और नशों की बुराई के खिलाफ निर्णायक जंग लड़ रही है, दूसरी ओर विपक्षी दल पंजाब के लिए कोई दृष्टिकोण पेश करने के बजाय मीडिया की सुर्खियां बटोरने के लिए हर दुखद घटना का सहारा लेकर 'गिद्धों वाली राजनीति' कर रहा है. उन्होंने बताया कि जनवरी से अब तक 10 गैंगस्टरों को विदेशों से पंजाब वापस लाया गया है और सरकार की सख्ती के बाद पाकिस्तान से आने वाले लगभग 80 प्रतिशत नशों का खात्मा कर दिया गया है.
नशों की समस्या लगभग खत्म हो जाएगी
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार अब गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान से हो रही नशों की सप्लाई पर शिकंजा कसेगी. नशों के रूट को लेकर भाजपा पर सीधा निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अगर भाजपा गुजरात के मुंद्रा पोर्ट की रक्षा कर ले तो पंजाब में नशों की समस्या लगभग खत्म हो जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि "गैंगस्टरों को पालने वाली" कांग्रेस और अकाली दल को कानून-व्यवस्था पर बोलने का कोई हक नहीं है और उन्होंने तीनों विपक्षी पार्टियों को अपनी "गंदी राजनीति" बंद करके लोगों के सामने पंजाब के लिए दृष्टिकोण पेश करने का न्योता दिया.
पंजाब को बदनाम करने की कोशिश
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विपक्ष की 'गिद्धों वाली राजनीति' पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "जब आपके पास कोई मुद्दा नहीं होता तो आप हर दुखद घटना पर राजनीति करने लग जाते हैं. यह लोग सेवा की राजनीति नहीं है, यह गिद्धों वाली राजनीति है. पंजाब इस घटिया राजनीति से बेहतर का हकदार है." मुख्यमंत्री ने कहा, "नशों, गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ पंजाब सरकार की सख्त कार्रवाई की सराहना करने के बजाय विपक्षी दल सियासी फायदे के लिए जानबूझकर डर का माहौल पैदा करने और पंजाब को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है. पंजाब सिर्फ एक सीमावर्ती राज्य नहीं है बल्कि देश का प्रवेश द्वार (गेटवे) और भारत का गहना है. कुछ इक्का-दुक्का घटनाओं के नजरिए से पूरे राज्य को चित्रित करने की कोई भी कोशिश पंजाब और इसके लोगों को बदनाम करने की जानबूझकर की गई कोशिश है."
कानून के कठघरे में खड़ा कर रहे
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने नशों, गैंगस्टरों और संगठित अपराध के गठजोड़ को तोड़ने के लिए एक व्यापक रूपरेखा को अमल में लाई. मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारी लड़ाई सिर्फ गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं है. हम नेटवर्क की पहचान कर रहे हैं, खेपों की सप्लाई रोक रहे हैं, वित्तीय साधन बंद कर रहे हैं और दोषियों को कानून के कठघरे में खड़ा कर रहे हैं. पंजाब पुलिस दिन-रात काम कर रही है और हमने अपराधियों को सूबे का एजेंडा तय करने की इजाजत नहीं दी. नशों और गैंगस्टर गतिविधियों में शामिल लोगों का बिना किसी सियासी सांझ या प्रभाव के लगातार पीछा किया जा रहा है."
असफल कोशिशें की जा रही
नशा तस्करी के मुद्दे पर भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा, "532 किलोमीटर लंबी सीमा पार से पंजाब में नशा तस्करी करने की असफल कोशिशें की जा रही हैं. पंजाब में भेजी जा रही खेपें छोटे पैकेटों में हो सकती हैं, लेकिन भाजपा, विशेष रूप से केंद्रीय गृह मंत्री को जवाब देना चाहिए कि भाजपा शासित राज्यों में टनों के हिसाब से ऐसी खेपें क्यों मौजूद हैं."मुख्यमंत्री ने कहा, "पंजाब पुलिस ने मुंद्रा पोर्ट से ऐसे नशों की बड़ी खेप बरामद की है, जो केंद्रीय गृह मंत्री के गृह राज्य में है. केंद्रीय गृह मंत्री अपने राज्य में नशों को रोकने में असमर्थ हैं और पंजाब में नशा विरोधी यात्रा निकालने की योजना बना रहे हैं."
फंडों से एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए
उन्होंने जोर देकर कहा, "अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से तस्करी को रोकना मुख्य तौर पर केंद्र की जिम्मेदारी है, फिर भी पंजाब सरकार ने नशों को रोकने के लिए अपने फंडों से एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए हैं. गुजरात में लाखों टन नशे जब्त किए जा रहे हैं पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती, जबकि पंजाब ने नशों के खिलाफ देश की सबसे बड़ी मुहिम शुरू की है."मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, "पूरा देश जानता है कि गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर लगभग 3,000 किलो नशा जब्त किया गया था, पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई सार्थक कार्रवाई नहीं की गई."
अपराधिक सिंडिकेट चलाने वालों का पीछा कर रहे
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने नशीले पदार्थों की बड़ी बरामदगी की है और नशा तस्करी में शामिल हजारों व्यक्तियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की है. उन्होंने कहा, "हमने नशों, गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ व्यापक रोडमैप अपनाया है. यह सिर्फ व्यक्तियों को गिरफ्तार करने के बारे में नहीं है. हम नेटवर्क तबाह कर रहे हैं, उनकी सप्लाई चेन को तोड़ रहे हैं, उनके वित्तीय साधनों पर हमला कर रहे हैं और इन अपराधिक सिंडिकेट चलाने वालों का पीछा कर रहे हैं."
अपराधियों को बेखौफ होकर काम करने की इजाजत
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "भाजपा के ये मंसूबे सिर्फ पंजाब और पंजाबियों को बदनाम करने के मकसद से हैं, जिन्हें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. सरकार ने गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है, जिसमें बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां और संगठित अपराध और अपराधिक नेटवर्कों से जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ देश निकाले की कार्रवाई शामिल है. मौजूदा सरकार को भाषण देने के बजाय विपक्षी दल बताएं कि उनके अपने कार्यकाल के दौरान गैंगस्टर कल्चर और नशा नेटवर्क को बढ़ने-फूलने की इजाजत क्यों दी गई?" मुख्यमंत्री ने कहा कि जो आज कानून-व्यवस्था पर उपदेश दे रहे हैं, उन्हें पहले अपने अतीत में झांकना चाहिए. उन्होंने कहा, "पंजाब के लोग वह काले दिन नहीं भूले, जब गैंगस्टरों को सियासी संरक्षण हासिल था और अपराधियों को बेखौफ होकर काम करने की इजाजत दी गई थी."
राजनीति करके इतने नीचे न गिरें
अकाली दल, कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अतीत में अपराधिक तत्वों की पुष्पनाही करने वालों के पास आज सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाने का कोई इखलाकी हक नहीं है. उन्होंने कहा, "हर दुखांत पर राजनीति करके इतने नीचे न गिरें, पंजाब ऐसी राजनीति के कारण पहले ही बहुत संताप भोग चुका है." मुख्यमंत्री ने स्पष्ट तौर पर कहा कि लोग हल चाहते हैं, विवाद नहीं. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "सूबा सरकार नशों और संगठित अपराध के खिलाफ अपने रोडमैप पर बिना किसी समझौते के काम करना जारी रखेगी. पंजाब नशों के खिलाफ लड़ाई में मोहरी होकर उभरा है, पंजाब पुलिस ने बड़ी बरामदगी की है और सप्लाई नेटवर्क को तबाह किया है."
देवभूमि की सुरक्षा होगी अभेद्य, डीजीपी दीपम सेठ ने कसी कमर; सीमा से लेकर सोशल मीडिया तक 24 घंटे कड़ी चौकसी
Uttarakhand News: उत्तराखंड की सुरक्षा व्यवस्था को नए दौर की चुनौतियों के अनुसार तैयार करने के लिए पुलिस महकमे ने व्यापक योजना पर काम शुरू कर दिया है. इसी क्रम में राजधानी देहरादून स्थित अभिसूचना एवं सुरक्षा मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने की. इस अहम बैठक में राज्य भर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, एसटीएफ, एटीएस के प्रमुख और सभी जिलों के अभिसूचना प्रभारी शामिल हुए. डीजीपी ने स्पष्ट किया कि बदलती सुरक्षा परिस्थितियों, आगामी विधानसभा चुनावों, कुंभ मेले और त्योहारों को देखते हुए पुलिस तंत्र को पहले से कहीं अधिक चुस्त और आधुनिक बनना होगा.
आंतकवाद निरोधी नीति 'प्रहार' होगी लागू
बैठक के दौरान पुलिस महानिदेशक ने राष्ट्रीय स्तर पर संचालित देश की पहली आंतकवाद निरोधी नीति 'प्रहार' को राज्य में पूरी मजबूती से धरातल पर उतारने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि आंतकवाद की नई और बदलती तकनीकों से निपटने के लिए केंद्र सरकार की रणनीति के तहत विशेष प्रयास किए जाएं. इसके साथ ही उन्होंने उत्तराखंड एटीएस की कार्यक्षमता को देश के बड़े और सफल राज्यों के ऑपरेशनों की तर्ज पर अपग्रेड करने को कहा. पुलिस टीम दूसरे राज्यों के सफल मॉडलों का अध्ययन करेगी, ताकि किसी भी विपरीत परिस्थिति में त्वरित और पेशेवर कार्रवाई की जा सके. इसके लिए आधुनिक हथियारों, निगरानी गैजेट्स और तकनीकी उपकरणों की कमी नहीं होने दी जाएगी.
सोशल मीडिया पर विदेशी साजिशों पर नजर
डीजीपी ने बैठक में पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी द्वारा सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को भड़काने और कट्टरपंथी सोच थोपने के इनपुट्स पर गहरी चिंता जताई. देश के विभिन्न हिस्सों में पकड़े गए उसके नेटवर्क के साथियों को देखते हुए उत्तराखंड के हर जिले में विशेष सतर्कता बरतने के आदेश दिए गए हैं. फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे मंचों पर 24 घंटे पैनी नजर रखी जाएगी. पुलिस महानिदेशक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो भी संदिग्ध खाते युवाओं को गुमराह करने या नफरत फैलाने में लगे हैं, उनकी तत्काल पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए.
फेक न्यूज और डीपफेक पर तत्काल खंडन
साइबर सुरक्षा को लेकर डीजीपी ने विशेष सतर्कता बरतने की बात कही. उन्होंने कहा कि संवेदनशील और सांप्रदायिक मुद्दों को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जाने वाली झूठी खबरों, भड़काऊ संदेशों और डीपफेक वीडियो का तुरंत खंडन किया जाए. पुलिस का अपना फैक्ट चेक सिस्टम सक्रिय रहना चाहिए ताकि अफवाह फैलने से पहले ही सच्चाई जनता के सामने आ जाए. डीजीपी ने कहा कि किसी भी शरारती तत्व को राज्य का सौहार्द बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी और ऐसे मामलों में बिना देरी के त्वरित कदम उठाए जाएंगे.
अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर संयुक्त पहरा
उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य की सीमाएं चीन और नेपाल से लगती हैं. डीजीपी दीपम सेठ ने सीमांत जिलों में संदिग्ध गतिविधियों, सीमा पार से होने वाली घुसपैठ और राष्ट्रविरोधी तत्वों की हलचल पर पूरी तरह लगाम लगाने के निर्देश दिए. इसके लिए आईटीबीपी, एसएसबी, सेना, आईबी, राज्य पुलिस और एटीएस के उच्च अधिकारियों की एक संयुक्त 'इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन बैठक' बुलाई जाएगी. इस साझा बैठक का मकसद सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान प्रदान सुनिश्चित करना और सीमांत क्षेत्रों में गश्त को अधिक मजबूत बनाना है.
त्योहारों, कुंभ मेले और चुनावों की सुरक्षा तैयारी
राज्य में वर्तमान में चल रही चारधाम यात्रा के साथ साथ भारी संख्या में आ रहे पर्यटकों की सुरक्षा को पुख्ता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया. आगामी समय में होने वाले कुंभ मेले, राज्य स्थापना दिवस, नवरात्र, दशहरा और दीपावली जैसे बड़े पर्वों के लिए अभी से विस्तृत सुरक्षा कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा आगामी विधानसभा चुनावों और विशिष्ट अतिथियों के दौरों को देखते हुए मुख्यमंत्री और अन्य वीवीआईपी की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा किया जाएगा. आगामी प्रेसिडेंट पुलिस कलर सेरेमनी की तैयारियों को लेकर भी दिशा निर्देश जारी किए गए. पुलिस महानिदेशक ने कहा कि जरूरी जनशक्ति और संसाधनों की व्यवस्था समय पर पूरी कर ली जाए ताकि देवभूमि में शांति और सुरक्षा का माहौल बना रहे.
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