Bab-el-Mandeb में Houthi हमलों से शिपिंग को खतरा, MEA ने Saudi Arabia का किया समर्थन
यमन में हूती विद्रोहियों के नए हमलों के बावजूद भारत को बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) से ऊर्जा की सप्लाई मिलती रही है, क्योंकि इस इलाके में चल रहे संघर्ष के बीच यह अहम जलमार्ग ग्लोबल एनर्जी शिपमेंट के लिए और भी महत्वपूर्ण हो गया है। यह रणनीतिक रूप से अहम रास्ता लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और पश्चिमी एशिया से ग्लोबल मार्केट तक ऊर्जा की सप्लाई के लिए एक ज़रूरी रूट है। भारत के लिए इसका महत्व और बढ़ गया है क्योंकि अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से शिपिंग में रुकावट बनी हुई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने सऊदी अरब के संप्रभु क्षेत्र पर हुए हमलों की निंदा की है, जिनमें आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे और आर्थिक संपत्तियों को निशाना बनाने वाले हमले भी शामिल हैं।
इसे भी पढ़ें: Mecca Pact सिर्फ नाम का, पाकिस्तान नहीं किसी काम का, अब मदद की गुहार के साथ इजरायल की तरफ सऊदी ने किया रुख
उन्होंने यह भी कहा कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद के साथ हूथी हमलों और क्षेत्र की व्यापक स्थिति पर चर्चा की। जायसवाल ने कहा हमारे विदेश मंत्री ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान सऊदी अरब के विदेश मंत्री के साथ बैठक की। बैठक के दौरान, उन्होंने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों सहित कई मुद्दों पर चर्चा की। हूथी विद्रोहियों के मुद्दे पर भी बातचीत हुई। उन्होंने कहा, "हाल ही में सऊदी अरब पर हमला हुआ, जिसकी हमने निंदा की है। हम रेड सी इलाके में बिगड़ते हालात को लेकर भी बहुत चिंतित हैं। हमने सऊदी अरब के इलाके पर हुए हमलों की निंदा की है, जिनमें आम लोगों के लिए बने बुनियादी ढांचे और आर्थिक संपत्तियों को निशाना बनाया गया।
इसे भी पढ़ें: सऊदी के 3 शहरों में इमरजेंसी अलर्ट, हूतियों ने कहां-कहां किया धूम-धड़ाका
जयसवाल ने कहा कि ऐसे हमलों से इलाके में स्थिरता और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही की आज़ादी, दोनों को खतरा है। उन्होंने कहा ऐसे हमले इलाके की स्थिरता को कमजोर करते हैं और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही की आज़ादी के लिए खतरा पैदा करते हैं। ये हरकतें जाहिर तौर पर हमें मंजूर नहीं हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत को उम्मीद है कि इलाके में जल्द ही शांति और स्थिरता बहाल होगी।
Health Tips : बढ़ाएंगे इम्यूनिटी, लेकिन स्किन के लिए घातक...जानिए हल्दी के पत्तों का सही इस्तेमाल
Turmeric leaves benefits and side effects : उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हल्दी के पत्तों का उपयोग व्यंजनों और घरेलू उपचारों में किया जाता है. इन पत्तों में एंटीऑक्सीडेंट और सूजनरोधी गुण पाए जाते हैं, जो पाचन और त्वचा के लिए लाभकारी हैं, लेकिन इनके कुछ साइड इफेक्ट भी हैं. लोकल 18 ने इस बारे में बागेश्वर के आयुष चिकित्सक डॉ. ऐजल पटेल से बात की. डॉ. पटेल बताते हैं कि कुछ लोग इसके ताजे पत्तों का उपयोग काढ़े या भोजन में सुगंध और स्वाद बढ़ाने के लिए करते हैं. कुछ जगहों पर पत्तियों का उपयोग भाप में पकाए जाने वाले व्यंजनों, मिठाइयों या स्थानीय पकवानों में भी किया जाता है. डॉ. ऐजल पटेल कहते हैं कि हल्दी के पत्तों को सीधे त्वचा पर लगाने से पहले सावधानी जरूरी है. कुछ लोगों को एलर्जी या जलन हो सकती है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi
News18







