अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस आज: जानिए इस दिन का इतिहास, उद्देश्य और भारत में लोकतंत्र का महत्व
आज 15 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन लोकतंत्र के महत्व को समझने और उन मूल्यों पर विचार करने का अवसर है, जिनपर लोकतांत्रिक व्यवस्था टिकी होती है। इनमें नागरिकों की भागीदारी, समानता, स्वतंत्रता, मानवाधिकार और कानून का शासन प्रमुख हैं। लोकतंत्र में जनता को सरकार चुनने का अधिकार मिलता है और चुनी हुई सरकार के प्रति जवाबदेही की व्यवस्था भी होती है।
आज के दिन मध्यप्रदेश के सीएम डॉ मोहन यादव ने शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि “लोकतंत्र हमारी शक्ति, पहचान और हमारे अधिकारों का आधार है।” उन्होंने इस अवसर पर लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक मर्यादाओं और नागरिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया है।
क्यों मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस
लोकतंत्र का अर्थ सिर्फ चुनाव और मतदान तक सीमित नहीं है। किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों की आवाज को महत्व मिलना, उन्हें अपनी बात कहने की आजादी होना और सरकार का जनता के प्रति जवाबदेह होना जरूरी है। इन्हीं बातों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 15 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस मनाया जाता है। इसका मकसद यह समझाना भी है कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने में सरकार और संस्थाओं के साथ आम नागरिक की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
इस दिन का इतिहास
अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस मनाने की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र के प्रयास से हुई। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2007 में 15 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया था। इसके बाद वर्ष 2008 से यह दिन हर साल मनाया जाने लगा। 15 सितंबर का दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी दिन वर्ष 1997 में अंतर-संसदीय संघ ने लोकतंत्र से जुड़े एक सार्वभौमिक घोषणा-पत्र को अपनाया था। इसी संदर्भ में 15 सितंबर को लोकतंत्र के लिए समर्पित अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में चुना गया।
अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस का उद्देश्य और महत्व
इस दिन का मुख्य उद्देश्य लोकतंत्र को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब नागरिक अपने अधिकारों के साथ-साथ अपनी जिम्मेदारियों को भी समझें। स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, समानता, मानवाधिकारों की रक्षा और कानून का शासन लोकतंत्र के महत्वपूर्ण आधार हैं। इसके साथ ही सरकारों की पारदर्शिता और जवाबदेही भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जरूरी है।
लोकतंत्र नागरिकों को अपनी पसंद की सरकार चुनने का अधिकार देता है। इसके साथ ही सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने और अपनी असहमति व्यक्त करने की जगह भी देता है। यही वजह है कि लोकतंत्र दिवस सिर्फ एक व्यवस्था का जश्न मनाने का दिन नहीं, बल्कि यह देखने का अवसर भी है कि लोकतांत्रिक संस्थाएं कितनी मजबूत हैं और आम लोगों की आवाज को कितना महत्व मिल रहा है।
भारत में लोकतंत्र
भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहा जाता है। देश में संसदीय लोकतांत्रिक व्यवस्था है और इसका आधार भारतीय संविधान है। संविधान नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और कई महत्वपूर्ण मौलिक अधिकार देता है। हमारे देश में लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत यहां की चुनाव प्रक्रिया और लोगों की भागीदारी है। देश में 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के नागरिकों को मतदान का अधिकार है। लोग अपने प्रतिनिधियों को चुनते हैं और इसी प्रक्रिया के जरिए केंद्र तथा राज्यों में सरकारों का गठन होता है।
भारत में लोकतंत्र सिर्फ संसद और विधानसभा तक सीमित नहीं है। पंचायतों और नगर निकायों के चुनावों के जरिए स्थानीय स्तर पर भी लोगों को अपनी सरकार चुनने का अधिकार मिलता है। संसद और विधानसभाएं कानून बनाने का काम करती हैं, जबकि न्यायपालिका संविधान और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा में अहम भूमिका निभाती है। भारत जैसे विविधता वाले देश में लोकतंत्र की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यहां अलग-अलग भाषाएं, संस्कृतियां, क्षेत्र और सामाजिक समूह हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था इन सभी को अपनी बात रखने और राजनीतिक प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर देती है।
लोकतंत्र हमारी शक्ति, पहचान और हमारे अधिकारों का आधार है…
अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
आइए, इस अवसर पर लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक मर्यादाओं और नागरिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और अधिक… pic.twitter.com/WIGdfCyWCZ
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) September 15, 2026
आज भारत और अफगानिस्तान के बीच खेला जाएगा दूसरा टी-20 मुकाबला, वरुण चक्रवर्ती हुए बाहर, रवि बिश्नोई को मिल सकता है मौका
आज भारत और अफगानिस्तान की टीम एक बार फिर टी-20 मुकाबले में आमने सामने होने वाली है। दोनों टीमों के बीच सीरीज का दूसरा मुकाबला आज खला जाएगा। दरअसल दिल्ली में होने वाले इस मुकाबले में भारतीय टीम की प्लेइंग-11 में एक बदलाव लगभग तय माना जा रहा है। मांसपेशियों में खिंचाव के कारण वरुण चक्रवर्ती सीरीज से बाहर हो चुके हैं और उनकी जगह लेग स्पिनर रवि बिश्नोई को मौका मिल सकता है। वहीं दूसरी ओर वैभव सूर्यवंशी की प्लेइंग-11 में जगह को लेकर भी चर्चा बनी हुई है।
बता दें कि पहले मैच में अभिषेक शर्मा ने 32 गेंदों पर 82 रन बनाकर टीम इंडिया को आसान जीत दिलाई थी। वहीं संजू सैमसन सिर्फ 10 रन बना सके थे लेकिन टीम प्रबंधन इसी ओपनिंग जोड़ी को बरकरार रख सकता है।
भारत-अफगानिस्तान दूसरे टी-20 में प्लेइंग-11 पर नजर
दरअसल दूसरे टी-20 से पहले सबसे ज्यादा चर्चा वैभव सूर्यवंशी को लेकर है। उन्होंने मैच से पहले नेट्स में लंबा अभ्यास किया लेकिन उन्हें अंतिम एकादश में मौका मिलेगा या नहीं इस पर फैसला टॉस के करीब साफ होगा। भारतीय टीम के लिए रवि बिश्नोई की वापसी अहम हो सकती है। वरुण चक्रवर्ती की गैरमौजूदगी में स्पिन विभाग की जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी। बल्लेबाजी में अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा और शिवम दुबे टीम की मजबूती बने रहेंगे। गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह और जसप्रीत बुमराह पर भी नजर रहेगी।
इब्राहिम जादरान पर रहेंगी नजरें
अफगानिस्तान की बात करें तो कप्तान इब्राहिम जादरान, रहमानुल्लाह गुरबाज, मोहम्मद नबी और राशिद खान टीम के सबसे बड़े हथियार हैं। राशिद खान के लिए यह मुकाबला भी खास रहेगा, क्योंकि वे टी-20 इंटरनेशनल में 200 विकेट पूरे करने से सिर्फ 7 विकेट दूर हैं। अजमतुल्लाह उमरजई भी इस साल शानदार गेंदबाजी कर चुके हैं और टीम उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद करेगी। दरअसल अब तक दोनों टीमों के बीच 10 टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारत ने 9 मैच जीते हैं जबकि एक मुकाबला बेनतीजा रहा। अफगानिस्तान अब भी भारत के खिलाफ अपनी पहली जीत की तलाश में है।
अरुण जेटली स्टेडियम की पिच और खिलाड़ियों के रिकॉर्ड
वहीं बता दें कि दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है। छोटी बाउंड्री के कारण बड़े स्कोर बनने की संभावना रहती है। हालांकि मैच आगे बढ़ने के साथ स्पिन गेंदबाजों को भी कुछ मदद मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक शाम के समय मौसम साफ रहेगा और बारिश की संभावना बेहद कम है। तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। भारतीय टीम में ईशान किशन इस साल टी-20 क्रिकेट में शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने 2026 में 24 मैचों में 854 रन बनाए हैं और उनका सर्वोच्च स्कोर 103 रन रहा है। गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह ने इस साल 20 मैचों में 28 विकेट लेकर खुद को टीम के सबसे सफल गेंदबाजों में शामिल किया है।
दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-11 इस प्रकार हो सकती है:
भारत: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन/वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नितीश कुमार रेड्डी, रवि बिश्नोई, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह।
अफगानिस्तान: रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), इब्राहिम जादरान (कप्तान), गुलबदीन नायब, सेदीकुल्लाह अटल, दरविश रसूली, अजमतुल्लाह उमरजई, मोहम्मद नबी, राशिद खान, मुजीब उर रहमान, नूर अहमद, फजलहक फारूकी/नवीन-उल-हक।
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