सऊदी अरब पर फिर हुआ हमला, होर्मुज पर बैठक टलने के बाद हूतियों ने मिलिट्री एयरपोर्ट पर दागीं मिसाइलें
Houthis Target Saudi Arabia: होर्मुज पर बैठक टलना सऊदी अरब के लिए भारी पड़ गया. ओमान में होर्मुज को लेकर ईरान और खाड़ी देशों की बैठक होने थी, लेकिन यह टल गई. इसका असर सीधे सऊदी पर पड़ा है. हूतियों ने सऊदी अरब पर फिर हमला शुरू कर दिए हैं. हूतियों ने सऊदी के मिलिट्री एयरपोर्ट को निशाना बनाया. इसमें एयरपोर्ट को काफी नुकसान हुआ.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर हमलों की एक नई लहर शुरू कर दी है. यमनी अधिकारियों के मुताबिक, हूती विद्रोही लाल सागर के किनारे यमन के पश्चिमी हिस्से में भी अपनी स्थिति मजबूत कर रहे हैं. इस अचानक हुए हमले से निपटने के लिए रियाद में अधिकारियों के बीच तुरंत चर्चा शुरू हो गई है.
हूतियों ने कहा कि उन्होंने यमन में सऊदी अरब के हवाई हमलों के जवाब में दक्षिणी सऊदी अरब के खमीस मुशैत में एक सैन्य हवाई अड्डे (मिलिट्री एयरपोर्ट) पर दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन दागे. इसमें विमान हैंगर, रडार सिस्टम, रनवे और गोला-बारूद डिपो को निशाना बनाया गया. सऊदी अधिकारियों ने वहां और दक्षिण के 3 अन्य शहरों में आपातकालीन अलर्ट जारी किया. यमन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने बताया कि हौथी हमलों में 13 नागरिक घायल हुए हैं.
Yemen's Iran-aligned Houthis launched a new wave of attacks on Saudi Arabia and were digging into positions on the western coast of Yemen along the Red Sea, Yemeni officials said, as urgent deliberations took place in Riyadh over how to respond to their lightning advance…
— Reuters (@Reuters) September 15, 2026
बैठक टलने से बढ़ी चिंता
खाड़ी देशों ने ईरान के साथ होने वाली प्रस्तावित बातचीत को टाल दिया है. इससे यह चिंता बढ़ गई है कि मध्य पूर्व में चल रहा संघर्ष और ज्यादा फैल सकता है. अगर ऐसा हुआ तो दुनिया में तेल की सप्लाई पर भी असर पड़ सकता है.
पेरीम द्वीप पर हूती कर चुके हैं कब्जा
हाल के दिनों में हूती विद्रोहियों ने अपनी स्थिति मजबूत की है. इसमें लाल सागर के मुहाने पर स्थित पेरीम द्वीप पर कब्जा करना भी शामिल है. इससे सऊदी अरब के तेल निर्यात पर दबाव और बढ़ गया है. गुरुवार को हुए एक हवाई हमले के बाद सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का काम बंद हो गया था. सऊदी अरब ने इस हमले के लिए इराक में मौजूद ईरान समर्थित मिलिशिया को जिम्मेदार ठहराया है.
गणेश चतुर्थी पर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने मुंबई में लालबागचा राजा के किए दर्शन, पैर छूकर लिया आशीर्वाद
देशभर में गणेश चतुर्थी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है. मायानगरी मुंबई में गणेश चतुर्थी के अवसर पर मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है. इस बीच सोमवार को भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी मुंबई पहुंचे. जहां उन्होंने गणेश चतुर्थी के अवसर पर प्रसिद्ध लालबागचा राजा के दर्शन किए और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की. अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने लालबागचा राजा की तस्वीरें सोशल मीडिाय प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की हैं. लालबागचा राजा के दर्शन के दौरान गोर ने भगवान गणपति के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद भी मांगा.
देशभर में मनाया जा रहा है गणेश चतुर्थी का पर्व
बता दें कि गणेश चतुर्थी का उत्सव महाराष्ट्र समेत देशभर में मनाया जा रहा है, जहां भक्त घरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश का स्वागत कर रहे हैं. इस साल गणेश चतुर्थी का शुभारंभ कल यानी सोमवार (14 सितंबर) को हुआ. गणेश चतुर्थी के पहले दिन प्रतिमा स्थापना की गई. इसी के साथ 10 दिनों तक चलने वाला गणेशोत्सव शुरू हो गया. ये पर्व अनंत चतुर्दशी को समाप्त होगा. इस बार गणेश चतुर्थी 25 सितंबर को मनाई जाएगी. उसी दिन गणपति विसर्जन किया जाएगा.
Delighted to visit Mumbai Cha Raja and Lalbaugcha Raja. A truly vibrant expression of faith and community that brings people together. Wishing everyone celebrating a wonderful Ganesh Chaturthi. pic.twitter.com/32XzTxbzmw
— Ambassador Sergio Gor (@USAmbIndia) September 14, 2026
अमेरिकी राजदूत ने गणेश चतुर्थी की दी शुभकामनाएं
लालबागचा राजा के दर्शन करने पहुंचे अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि वे प्रसिद्ध गणपति पंडाल में आकर सम्मानित महसूस कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इतनी जीवंतता वाली जगहें बहुत कम हैं, और यहां की ऊर्जा अद्भुत है. राजदूत ने कहा कि जिन लोगों ने इस अनुभव को महसूस नहीं किया है, उन्हें लालबागचा राजा पंडाल आना चाहिए. "यह सचमुच अद्भुत है. यहां आकर मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं."
उन्होंने कहा, "आमंत्रित किया जाना बहुत अच्छा लगा. मुझे लगता है कि सभी को यहां आकर इसे देखना चाहिए, क्योंकि इतनी जीवंतता वाली जगहें बहुत कम हैं. ऊर्जा अद्भुत है. अगर आप यहां नहीं आए हैं तो इसके बारे में जानना बहुत मुश्किल है. इसलिए अगर आप यहां नहीं आए हैं, तो जरूर आएं." इसके साथ ही गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "मुंबई चा राजा और लालबागचा राजा का दौरा करके बहुत खुशी हुई. यह आस्था और समुदाय की एक जीवंत अभिव्यक्ति है जो लोगों को एक साथ लाती है. गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं."
लालबागचा राजा के दर्शन के लिए उमड़ रही भीड़
बता दें कि मुंबई गणेश चतुर्थी उत्सव का पारंपरिक केंद्र है, जहां हजारों भक्त प्रसिद्ध लालबागचा राजा पंडाल में आकर प्रार्थना करते हैं और 'गणपति बप्पा मोरिया' के जयकारे लगाते हुए आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. गणेश चतुर्थी की शुरुआत होती है लालबागचा राजा के दर्शन के लिए भारी संख्या में भक्त और श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. अपनी जटिल कारीगरी के लिए प्रसिद्ध, लालबागचा राजा मुंबई की सबसे प्रतिष्ठित गणेश प्रतिमाओं में से एक है और यह शहर की आस्था, कलात्मक विरासत और उत्सव की भावना का प्रतीक बन गई है.
1934 में स्थापित की गई थी भगवान गणेश की प्रतिमा
बता दें कि यह प्रतिमा पुतलाबाई चॉल स्थित लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल से जुड़ी है. 1934 में स्थापित यह मंडल तब से मुंबई के वार्षिक गणेश चतुर्थी उत्सव का अभिन्न अंग बन गया है. कांबली परिवार आठ दशकों से अधिक समय से प्रतिमा के रखरखाव और निर्माण की जिम्मेदारी संभालता है. जो इस प्रसिद्ध मंडल से जुड़ी परंपरा को बनाए हुए है.
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