MP Weather Update: मानसूनी तंत्र कमजोर, भारी बारिश से राहत, अबतक 32.8 इंच बारिश हुई, सामान्य से अब भी 6% कम
आज से मानसूनी तंत्र कमजोर होने लगेगा और बारिश की गतिविधियों में भी कमी देखने को मिलेगी। हालांकि बादलों की आवाजाही के साथ 17 सितंबर तक पश्चिमी हिस्से में बूंदाबांदी का दौर बना रह सकता है। मौसम विभाग ने 19 सितंबर से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की संभावना जताई है।
मंगलवार को पन्ना, दमोह, सागर, सतना / चित्रकूट, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, डिंडोरी, नरसिंहपुर, जबलपुर , कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर जिलों में बादल छाए रह सकते हैं और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।
क्या कहता है एमपी मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं और 19 सितंबर 2026 के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू होने की संभावना है।वर्तमान में दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और उससे लगे गुजरात क्षेत्र तथा दक्षिण-पश्चिम एमपी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब दक्षिण-पूर्वी राजस्थान व उससे लगे उत्तरी गुजरात के ऊपर स्थित है। इसके अलावा दो चक्रवातीय परिसंचरण और दो मानसून ट्रफ सक्रिय है। पश्चिमी विक्षोभ, मध्य क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में एक ट्रफ के रूप में समुद्र तल से औसत 5.8 किमी की ऊँचाई पर भी स्थित है। मानसूनी तंत्र और इन मौसम प्रणालियों के कमजोर होने से अगले चार-पांच दिन प्रदेश में कहीं भी अति भारी या भारी बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि पश्चिमी हिस्से में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
मध्य प्रदेश में अब भी कोटे से 6 % कम बारिश
- 1 जून से 14 सितंबर 2026 तक मध्य प्रदेश में सामान्य से 6% बारिश कम हुई है। प्रदेश में अबतक 834.4 मिमी यानी 32.8 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 886.6 मिमी यानी 34.9 इंच होनी चाहिए थी।
- पूर्वी मध्य प्रदेश की बात करें तो यहां 1% और पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 11% कम पानी गिरा है। अबतक प्रदेश के 37 जिलों में बारिश का आंकड़ा कमजोर बना हुआ है और 23 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी गिर चुका है। इस सीजन में सबसे अधिक मऊगंज में 53 इंच और सबसे कम आलीराजपुर में सिर्फ 13.6 इंच बारिश हुई है
- अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। अन्य जिलों में औसत से भी कम पानी गिरा है।
सऊदी अरब पर फिर हुआ हमला, होर्मुज पर बैठक टलने के बाद हूतियों ने मिलिट्री एयरपोर्ट पर दागीं मिसाइलें
Houthis Target Saudi Arabia: होर्मुज पर बैठक टलना सऊदी अरब के लिए भारी पड़ गया. ओमान में होर्मुज को लेकर ईरान और खाड़ी देशों की बैठक होने थी, लेकिन यह टल गई. इसका असर सीधे सऊदी पर पड़ा है. हूतियों ने सऊदी अरब पर फिर हमला शुरू कर दिए हैं. हूतियों ने सऊदी के मिलिट्री एयरपोर्ट को निशाना बनाया. इसमें एयरपोर्ट को काफी नुकसान हुआ.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर हमलों की एक नई लहर शुरू कर दी है. यमनी अधिकारियों के मुताबिक, हूती विद्रोही लाल सागर के किनारे यमन के पश्चिमी हिस्से में भी अपनी स्थिति मजबूत कर रहे हैं. इस अचानक हुए हमले से निपटने के लिए रियाद में अधिकारियों के बीच तुरंत चर्चा शुरू हो गई है.
हूतियों ने कहा कि उन्होंने यमन में सऊदी अरब के हवाई हमलों के जवाब में दक्षिणी सऊदी अरब के खमीस मुशैत में एक सैन्य हवाई अड्डे (मिलिट्री एयरपोर्ट) पर दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन दागे. इसमें विमान हैंगर, रडार सिस्टम, रनवे और गोला-बारूद डिपो को निशाना बनाया गया. सऊदी अधिकारियों ने वहां और दक्षिण के 3 अन्य शहरों में आपातकालीन अलर्ट जारी किया. यमन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने बताया कि हौथी हमलों में 13 नागरिक घायल हुए हैं.
Yemen's Iran-aligned Houthis launched a new wave of attacks on Saudi Arabia and were digging into positions on the western coast of Yemen along the Red Sea, Yemeni officials said, as urgent deliberations took place in Riyadh over how to respond to their lightning advance…
— Reuters (@Reuters) September 15, 2026
बैठक टलने से बढ़ी चिंता
खाड़ी देशों ने ईरान के साथ होने वाली प्रस्तावित बातचीत को टाल दिया है. इससे यह चिंता बढ़ गई है कि मध्य पूर्व में चल रहा संघर्ष और ज्यादा फैल सकता है. अगर ऐसा हुआ तो दुनिया में तेल की सप्लाई पर भी असर पड़ सकता है.
पेरीम द्वीप पर हूती कर चुके हैं कब्जा
हाल के दिनों में हूती विद्रोहियों ने अपनी स्थिति मजबूत की है. इसमें लाल सागर के मुहाने पर स्थित पेरीम द्वीप पर कब्जा करना भी शामिल है. इससे सऊदी अरब के तेल निर्यात पर दबाव और बढ़ गया है. गुरुवार को हुए एक हवाई हमले के बाद सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का काम बंद हो गया था. सऊदी अरब ने इस हमले के लिए इराक में मौजूद ईरान समर्थित मिलिशिया को जिम्मेदार ठहराया है.
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