उज्जैन में सिद्धिविनायक का भव्य दरबार: गणेश चतुर्थी पर 5 लाख मोदकों का महाभोग, 12 दिन तक भक्तों को मिलेगा प्रसाद
गणेश उत्सव के अवसर पर विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर प्रांगण स्थित श्री सिद्धिविनायक मंदिर को बहुत ही सुंदर तरीक़े से सजाया गया। 14 सितंबर यानी गणेश चतुर्थी के दिन सुबह भगवान का पंचामृत अभिषेक कर उनका सुंदर श्रृंगार किया गया साथ ही साथ स्वर्ण आभूषण भी धारण कराए गए।
इस मौक़े पर भगवान को 5,51,000 मोदक लड्डू का महाभोग लगाया गया। भगवान गणेश के दर्शन के लिए सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगने लगी। पूरा मंदिर गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गूंज उठा। आपको बता दें, सिद्धिविनायक मंदिर के दर्शन के लिए नासिक उज्जैन बल्कि दूर दराज़ से लोग दर्शन के लिए पहुँचते हैं।
रक्षा सूत्र का महत्व
गणेश उत्सव के मौक़े पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के पुत्र वैभव यादव ने मंदिर पहुंचकर भगवान गणेश का पूजन अभिषेक किया साथ ही साथ महाआरती में शामिल हुए। आपको बता दें, सिद्धिविनायक मंदिर को लेकर देशभर में एक मान्यता है, कहा जाता है कि यहाँ बँधवाया जाने वाला रक्षा सूत्र भक्तों की रक्षा करता है, अकाल मृत्यु से बचाता है साथ ही साथ विभिन्न प्रकार के संकटों से दूर रखता है।
12 दिनों तक बटेगा माह प्रसाद
इस बार 2026 के गणेश चतुर्थी की सबसे ज़्यादा ख़ास बात यह रही कि इस बार भगवान सिद्धिविनायक को 5 लाख से ज़्यादा मोदक का भोग लगाया गया। बताया जा रहा है कि आने वाले 12 दिनों तक श्रद्धालुओं को मंदिर समिति द्वारा मोदक प्रसाद के रूप में बाँटे जाएंगे। गणेश चतुर्थी के आने के पहले ही भक्तों में एक अलग ही उत्साह और उल्लास नज़र आने लगता है। इस बार का गणेश उत्सव इसलिए भी ख़ास है क्योंकि हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी एक ही दिन मनाई गई।
VIP एंट्री को लेकर मंगलनाथ मंदिर में बवाल, कर्मचारी और दर्शनार्थी में हुई झड़प
उज्जैन एक ऐसा स्थान है, जहां देवी देवताओं के अनगिनत मंदिर मौजूद हैं। धार्मिक मान्यताओं को मुताबिक ये शहर मंगल की जन्मस्थली भी है। यही वजह है कि यहां मौजूद मंगलनाथ मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। हालांकि, कई बार धार्मिक स्थलों से कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आती है, जो विवाद की वजह बन जाती है।
हाल ही में मंगलनाथ मंदिर से एक वीडियो सामने आया है। जिसमें मंदिर के कर्मचारी और एक परिवार के बीच विवाद की स्थिति देखने को मिल रही है। यह पूरा मामला वीआईपी गेट से एंट्री करने से जुड़ा हुआ है। दंपत्ति वीआईपी गेट से प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। इस पर कर्मचारियों ने उन्हें रोका और तभी विवाद शुरू हो गया। दोनों पक्षों में झड़प की स्थिति भी देखने को मिली।
मंगलनाथ में VIP एंट्री पर बवाल
जानकारी के मुताबिक एक पति पत्नी अपने बच्चे को लेकर वीआईपी गेट से दर्शन करने के लिए जाते हुए दिखाई दिए। वहां मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें यह बताया कि वीआईपी गेट से एंट्री करने के लिए 100 रुपए प्रति व्यक्ति की रसीद लेनी पड़ती है। ये जानकारी देते हुए कर्मचारियों ने दंपत्ति को आम दर्शनार्थियों की लाइन में लगकर दर्शन करने को कहा। देखते ही देखते यह बातचीत कहासुनी में बदल गई और दोनों पक्षों में झड़प हो गई।
समझाइश के बाद सुलझा मामला
छोटी सी बात पर शुरू हुई कहासुनी को विवाद में बदलने में जरा भी देर नहीं लगी। इस दौरान कर्मचारी और दर्शनार्थी के बीच झड़प हुई। वहीं गोद में बच्चा लिए महिला उन्हें रोकने की कोशिश करती नजर आई। हालांकि, बाद में मंदिर के पदाधिकारियों ने बीचबचाव कर दोनों पक्षों को समझाइश देकर शांत करवाया। इसके बाद परिवार को शांतिपूर्वक दर्शन करवाकर मौके से रवाना किया गया।
महिला को दी गई थी जगह
यह भी सामने आया है कि दर्शन करने आए परिवार की एक महिला अपने छोटे से बच्चे को लेकर लाइन में लगी हुई थी। भीड़ होने की वजह से बच्चा घबरा रहा था। ऐसे में मंदिर कर्मचारी ने महिला और बच्चे को लाइन से बाहर निकाला। महिला को बच्चे को दूध पिलाने की जगह भी दी गई। लेकिन कुछ ही देर में वीआईपी एंट्री की कोशिश ने विवाद खड़ा कर दिया।
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