प्रणव अदाणी और करण अदाणी ने गणेश चतुर्थी पर ऐतिहासिक चिंचपोकली चा चिंतामणि के किए दर्शन
मुंबई, 14 सितंबर (आईएएनएस)। अदाणी एंटरप्राइजेज के निदेशक प्रणव अदाणी और अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) के प्रबंध निदेशक करण अदाणी ने अपने परिवार के साथ गणेश चतुर्थी के अवसर पर चिंचपोकली चा चिंतामणि में दर्शन और पूजा-अर्चना की।
प्रणव अदाणी, जो अदाणी एंटरप्राइजेज में एग्रो, ऑयल एंड गैस व्यवसाय के प्रबंध निदेशक और निदेशक भी हैं, ने कहा, चिंचपोकली सार्वजनिक उत्सव मंडल के साथ जुड़कर हमें गर्व महसूस हो रहा है। अपने 107वें वर्ष में प्रवेश कर चुके चिंचपोकली चा चिंतामणि की समृद्ध विरासत भक्ति, एकता और मुंबई की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक रही है।
चिंचपोकली चा चिंतामणि मुंबई का दूसरा सबसे पुराना सार्वजनिक गणपति उत्सव माना जाता है और इस वर्ष इसका 107वां वर्ष है।
इस मंडल की शुरुआत मुंबई के पुराने कपड़ा मिल क्षेत्रों परेल, गिरगांव और लालबाग से जुड़ी हुई है। यह स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की उस विरासत को आगे बढ़ाता है, जिन्होंने 1890 के दशक में गणेश चतुर्थी को घरों तक सीमित धार्मिक आयोजन से निकालकर एक सार्वजनिक उत्सव का स्वरूप दिया था।
इस वर्ष का उत्सव दक्षिण भारतीय मंदिर वास्तुकला की भव्यता से प्रेरित विशेष थीम पर आधारित है।
गणेश प्रतिमा को तिरुमला तिरुपति के भगवान वेंकटेश्वर बालाजी की शैली में सजाया गया है, जिसमें गरुड़, कीर्तिमुख, शंख, चक्र और कपूर तिलक जैसे पारंपरिक धार्मिक प्रतीकों को शामिल किया गया है।
भव्य पंडाल को हैदराबाद और भुवनगिरि स्थित श्री वेंकटेश्वर मंदिर (स्वर्णगिरि) की वास्तुकला की तर्ज पर तैयार किया गया है, जिसमें ऊंचे गोपुरम, दीप स्तंभ और याली तथा व्याल जैसे संरक्षक शिल्पों का निर्माण किया गया है।
उत्सव की शुरुआती वर्षों में कपड़ा मिलों के श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।
वर्ष 1982 की ऐतिहासिक बॉम्बे कपड़ा मिल हड़ताल और उसके बाद शहर में हुए बड़े बदलावों के बावजूद चिंचपोकली चा चिंतामणि अपने क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
करीब 5,000 योगदानकर्ताओं के सहयोग से संचालित चिंचपोकली सार्वजनिक उत्सव मंडल केवल गणेशोत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े सामाजिक कार्य भी करता है।
वर्ष 1939 से चिंचपोकली रेलवे स्टेशन के पूर्वी हिस्से के पास गणेशोत्सव का आयोजन लगातार किया जा रहा है। चिंचपोकली सार्वजनिक उत्सव मंडल ही इन सभी वर्षों से इस उत्सव का संचालन कर रहा है।
मंडल गणेशोत्सव के अलावा भी कई सामाजिक गतिविधियां संचालित करता है, जिनमें रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्यक्रम और बच्चों के लिए विभिन्न कल्याणकारी पहल शामिल हैं।
--आईएएनएस
डीबीपी
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यूपी में 16 करोड़ लोगों को बिना भेदभाव मिल रही राशन सुविधा, CM योगी ने बताई सरकार की प्राथमिकताएं
UP News: उत्तर प्रदेश के 50वें स्थापना दिवस के अवसर पर लोक आयुक्त संगठन लखनऊ में समारोह का आयोजन किया गया. जिसमें सीएम योगी ने भी शिरकत की. इस दौरान सीएम योगी ने अपनी सरकार की उपलब्धियों और प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी दी. सीएम योगी ने कहा कि गुड गवर्नेंस पब्लिक ट्रस्ट पर निर्भर करता है. अगर जनता का विश्वास नहीं है तो हम सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकते.
सीएम योगी ने बताया कैसे प्राप्त किया जा सकता है सुशासन का लक्ष्य
सीएम योगी ने कहा कि सुशासन के उन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए जरूरी है कि हम अंतिम पायदान पर बैठा हुआ व्यक्ति भी हमारी विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं पर उसी विश्वास के साथ गौरव की अनुभूति कर सके. सीएम योगी ने आगे कहा कि सिर्फ एक संस्था का गठन करने से ही समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि हम उन भावनाओं के अनुरूप कैसा परिणाम दे रहे हैं.
सीएम योगी ने आगे कहा कि एक सामान्य से समान्य व्यक्ति भी आकर बेझिझकर आए अपनी जिज्ञासा के अनुसार जो भी नियमानुसार रिजल्ट होते हैं उस परिणाम को अपनी आंखों के सामने समय से प्राप्त कर सके. यही हमारी कसौटी होती है, लोकतंत्र की सबसे बड़ी कसौटी होती है कि हम जन विश्वास पर खरा उतरें. सीएम योगी ने कहा कि भारत के संविधान निर्माताओं ने इसी को ध्यान में रखते हुए भारत की व्यवस्था के लिए एक संसदीय लोकतंत्र दिया. जिसमें जरूरी है कि जनता के द्वारा चुना गया जनप्रतिनिधि जहां विश्वास खोया वहां सरकार गई. इसीलिए पांच साल बाद उन्हें जनता के बीच में जाना ही होता है.
आज हम प्रदेश के अंदर 16 करोड़ लोगों को बिना भेदभाव के राशन की सुविधा का लाभ दे रहे हैं... pic.twitter.com/a1RZcEw6qm
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 14, 2026
जनता के पास अपने प्रतिनिधि को बदलने का अधिकार
सीएम योगी ने आगे कहा कि अगर जनता के बीच में वह व्यक्ति उन भावनाओं का सम्मान नहीं कर पा रहा है तो जनता को ये अधिकार होता है कि वह अपने प्रतिनिधि को बदले और दूसरे लोगों को मौका दे. इसीलिए हमारे संविधान निर्माताओं ने इस बात का उल्लेख किया कि भारत के संविधान के लिए न्याय, सत्य और समता यह भारत की वे मौलिक आवश्यकताएं हैं जिसमें हर व्यक्ति को न्याय पाने का अधिकार है हमारे न्याय का आधार सत्य की कसौटी है और बिना भेदभाव के हर व्यक्ति को हम एक समभाव के साथ देखेंगे.
संवैधानिक संस्था में सामान्य नागरिक का विश्वास लोकतंत्र की ताकत- सीएम योगी
सीएम योगी ने कहा कि हमें याद रखना होगा कि लोकतंत्र की जो सबसे बड़ी ताकत है वह किसी भी संवैधानिक संस्था में एक सामान्य नागरिक का विश्वास, जिस संस्था ने आमजन के विश्वास पर खरा उतरी लोकतंत्र में उस संस्था को आगे बढ़ने से और उस संस्था के महत्व को कोई कम करके नहीं आंक सकता. सीएम योगी ने कहा कि जब मैं 2017 में पहली बार मुख्यमंत्री बना तो सबसे ज्यादा शिकायतें पीडीएस यानी पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम में खाद्यान वितरण की सबसे ज्यादा शिकायतें आती थी, जनता दर्शन कार्यक्रम में 60 प्रतिशत लोग इसकी शिकायत लेकर आते थे.
सीएम योगी ने कहा कि अब व्यवस्था बदल गई है. हमने टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया ई पॉश मशीनें लगाई. इसके बाद मुख्यालय पर एक स्क्रीन लगा लिया उसके बाद उनको जोड़ दिया. 80 हजार राशन की दुकानों में कहीं भी ई पॉश मशीन वहां से इधर उधर करेगा तो यहां हमें अलर्ट कर देगा. जिससे शिकायतें जीरो हो गईं. सीएम योगी ने कहा कि आज हम प्रदेश के अंदर 16 करोड़ लोगों को बिना भेदभाव के राशन की सुविधा का लाभ दे रहे हैं.
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