भारत ने नेपाल के लिए 8वीं राहत खेप भेजी:35 टन राहत सामग्री काठमांडू पहुंची; बाढ़ में अब तक 1367 शव बरामद
नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद भारत ने 35 टन राहत और बचाव सामग्री की 8वीं खेप भेजी। भारतीय वायुसेना का विमान बुधवार को काठमांडू पहुंचा। इसके साथ भारत अब तक 130 टन से ज्यादा राहत सामग्री भेज चुका है। खेप में टेंट, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप, दवाएं और रेस्क्यू उपकरण शामिल हैं। भारत ने राहत अभियान 26 अगस्त को शुरू किया था। नेपाल पुलिस के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 1367 शव बरामद हुए हैं। 102 शवों की पहचान हो चुकी है। पहचान के लिए DNA सैंपल जुटाए जा रहे हैं और भारत समेत कई देशों के फोरेंसिक विशेषज्ञ मदद कर रहे हैं। नेपाल त्रासदी से जुड़ी तस्वीरें… खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
पुतिन के आने से पहले रूसी सैन्य विमान भारत पहुंचे:रूसी राष्ट्रपति की गाड़ियों समेत सैन्य अधिकारी आए, नोएडा एयरपोर्ट पर लैंडिंग
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे से पहले रूस के 3 सैन्य विमान नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरे हैं। इनमें रूस का भारी सैन्य परिवहन विमान IL-76 भी शामिल है। इन विमानों से रूसी सैन्य अधिकारी भारत पहुंचे हैं। साथ ही, पुतिन के काफिले की गाड़ियां भी रूस से भारत लाई गई हैं। किसी बड़े विदेशी नेता के दौरे से पहले उसकी एडवांस टीम एयरपोर्ट, सुरक्षा व्यवस्था और वीवीआईपी मूवमेंट की तैयारियों का जायजा लेती है। इसी सिलसिले में रूसी टीम भी भारत पहुंची है। तीनों विमान मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे नोएडा एयरपोर्ट के रनवे पर उतरे थे। बुधवार को भी तीनों विमान एयरपोर्ट पर खड़े रहे। एयरपोर्ट की सुरक्षा टीम के साथ रूसी टीम भी विमानों और सुरक्षा इंतजामों की निगरानी कर रही है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर किसी विदेशी विमान की यह पहली लैंडिंग है। इससे पहले विदेशी सैन्य और VVIP विमानों के लिए दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट का इस्तेमाल किया जाता रहा है। 50 टन तक वजन उठा सकता है IL-76 विमान IL-76 को दुनिया के बड़े सैन्य मालवाहक विमानों में गिना जाता है। इसे अक्सर ‘उड़ता ट्रक’ कहा जाता है, क्योंकि इसका मुख्य काम भारी सामान, सैन्य वाहन और जरूरी उपकरण एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाना है। यह करीब 50 टन तक वजन लेकर उड़ सकता है। विमान के अंदर सामान चढ़ाने और उतारने के लिए खास व्यवस्था होती है, जिससे बड़े और भारी उपकरणों को भी आसानी से लोड किया जा सकता है। IL-76 को लंबी दूरी की उड़ानों के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। यही वजह है कि किसी बड़े नेता की विदेश यात्रा के दौरान सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स से जुड़े जरूरी सामान को पहले से पहुंचाने के लिए ऐसे विमानों का इस्तेमाल किया जाता है। पुतिन की मोदी से अहम बैठक पुतिन शुक्रवार को भारत पहुंचेंगे। BRICS समिट से पहले उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी। दोनों नेताओं की बातचीत में रक्षा, सुखोई-57 फाइटर जेट, परमाणु ऊर्जा और कारोबार जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं। रूस भारत को विमान की बिक्री के साथ भारत में इसका उत्पादन और जरूरी तकनीक साझा करने की पेशकश पहले ही कर चुका है। भारत चाहता है कि इस डील से उसे ऐसी तकनीक मिले, जिसका इस्तेमाल आगे स्वदेशी लड़ाकू विमान बनाने में भी किया जा सके। पुतिन पिछले साल दिसंबर में भारत आए थे पुतिन की यह 9 महीने में दूसरी भारत यात्रा है। इससे पहले वे 4 दिसंबर 2025 को आए थे। रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा था। पुतिन के दिल्ली पहुंचने पर पीएम मोदी ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया था। इसके बाद दोनों नेता एक ही कार से PM आवास पहुंचे, जहां मोदी ने उनके सम्मान में प्राइवेट डिनर रखा था। मोदी ने पुतिन को रूसी भाषा में लिखी भगवद्गीता भी गिफ्ट की थी। ----------------------- यह खबर भी पढ़ें… रूस से पांचवीं पीढ़ी के सुखोई-57 ले सकता है भारत रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 12-13 सितंबर को दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने भारत आएंगे। इस दौरान भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग से जुड़े दो बड़े प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है। पूरी खबर पढ़ें…
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