कांगो के 2 स्कूलों में आग, 26 स्टूडेंट्स की मौत:लकड़ी से बने घर ज्यादा, इसलिए तेजी से फैली; जान बचाने खिड़कियों से कूदे बच्चे
कांगो के शहर बुकावु में गुरुवार को दो स्कूलों में आग लगने से 26 छात्रों की मौत हो गई। इनमें 19 लड़कियां और 7 लड़के हैं। 29 छात्रों का इलाज चल रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक आग पहले एक घर में लगी। इसके बाद यह फुराहा सेकेंडरी स्कूल और उजामा प्राइमरी स्कूल तक फैल गई। कई छात्र फुराहा सेकेंडरी स्कूल के अंदर फंस गए थे। इनमें से कुछ का दम घुट गया। यह इलाका रवांडा-समर्थित AFC/M23 विद्रोहियों के कंट्रोल में है, जिन्होंने फरवरी 2025 में पूर्वी कांगो में हमला किया था। मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। हादसे के बाद की तस्वीरें… स्कूल में फंसे बच्चे, निकलने की जगह संकरी थी रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्कूल से बाहर निकलने का रास्ता बहुत संकरा था। कुछ छात्रों ने खिड़कियों से छलांग लगानी शुरू कर दी। कुछ छात्र दरवाजे की ओर भागे। सभी के एक साथ बाहर निकलने की कोशिश में कई छात्र गिर गए और उनके ऊपर से लोग गुजर गए। आग लगने की वजह अभी पता नहीं चली है। जिस इलाके से आग शुरू हुई, वह घनी आबादी वाला है। पूर्वी कांगो में संघर्ष क्यों होता है कांगो के पूर्वी हिस्से में ऐसे खनिज पाए जाते हैं जिनकी जरूरत मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक्स और दूसरी तकनीकी चीजों के निर्माण में होती है। इसी वजह से इलाके के खनिज संसाधनों और व्यापारिक रास्तों पर नियंत्रण को लेकर अलग-अलग हथियारबंद समूहों के बीच संघर्ष चलता रहा है। AP के मुताबिक पूर्वी कांगो में 100 से ज्यादा हथियारबंद समूह सक्रिय हैं। 5 दिन पहले शादी समारोह में भी आग लगी थी 5 दिन पहले ही कांगो की राजधानी किंशासा में शादी समारोह के दौरान एक बिल्डिंग में आग लगने से कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई थी। बिल्डिंग के संकरे रास्तों और गलियों में बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने से हालात बिगड़ गए। लोग एक-दूसरे को धक्का देते हुए बाहर निकलने की कोशिश करते रहे। पढ़ें पूरी खबर…
भारत ने नेपाल के लिए 8वीं राहत खेप भेजी:35 टन राहत सामग्री काठमांडू पहुंची; बाढ़ में अब तक 1367 शव बरामद
नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद भारत ने 35 टन राहत और बचाव सामग्री की 8वीं खेप भेजी। भारतीय वायुसेना का विमान बुधवार को काठमांडू पहुंचा। इसके साथ भारत अब तक 130 टन से ज्यादा राहत सामग्री भेज चुका है। खेप में टेंट, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप, दवाएं और रेस्क्यू उपकरण शामिल हैं। भारत ने राहत अभियान 26 अगस्त को शुरू किया था। नेपाल पुलिस के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 1367 शव बरामद हुए हैं। 102 शवों की पहचान हो चुकी है। पहचान के लिए DNA सैंपल जुटाए जा रहे हैं और भारत समेत कई देशों के फोरेंसिक विशेषज्ञ मदद कर रहे हैं। नेपाल त्रासदी से जुड़ी तस्वीरें… खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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