जरूरत की खबर- कहीं आपका कॉस्मेटिक्स नकली तो नहीं?:फेक प्रोडक्ट स्किन और आंखों के लिए खतरनाक, जानें इसे पहचानने के 10 तरीके
लिपस्टिक, फाउंडेशन, काजल या सनस्क्रीन जैसे कॉस्मेटिक्स आज कई लोगों की रोजमर्रा की जरूरत बन चुके हैं। ज्यादातर लोग इन्हें स्किन केयर और बेहतर लुक के लिए यूज करते हैं। लेकिन बढ़ती डिमांड की वजह से बाजार में नकली और खराब क्वालिटी के कॉस्मेटिक्स भी बिक रहे हैं। समस्या यह है कि फेक कॉस्मेटिक्स दिखने में बिल्कुल असली जैसे लगते हैं। ऐसे में ये प्रोडक्ट्स स्किन और सेहत के लिए रिस्क पैदा करते हैं। ‘लोकल सर्कल्स’ के एक सर्वे के मुताबिक, पिछले तीन साल में कॉस्मेटिक्स खरीदने वाले 26% लोगों को किसी-न-किसी ब्यूटी प्रोडक्ट से एलर्जी हुई। वहीं, सर्वे में शामिल 40% लोगों ने बताया कि उनके खरीदे गए एक या उससे ज्यादा प्रोडक्ट नकली थे। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में फेक कॉस्मेटिक्स पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- डॉ. भावुक धीर, कंसल्टेंट- डर्मेटोलॉजी, पीएसआरआई हॉस्पिटल, नई दिल्ली सवाल- फेक कॉस्मेटिक्स क्या होता है? जवाब- फेक कॉस्मेटिक्स ऐसे ब्यूटी प्रोडक्ट्स हैं, जिन्हें किसी मशहूर ब्रांड की नकल करके बनाया और बेचा जाता है। इनकी पैकेजिंग, लोगो और डिजाइन असली प्रोडक्ट जैसे दिखते हैं। लेकिन इन्हें तय क्वालिटी और सुरक्षा मानकों के बिना तैयार किया जाता है। ऐसे प्रोडक्ट्स में हानिकारक इंग्रीडिएंट्स हो सकते हैं। इससे स्किन और आंखों को नुकसान पहुंचता है। सवाल- फेक और सस्ते कॉस्मेटिक्स में कौन-से खतरनाक तत्व हो सकते हैं? जवाब- ऐसे प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल और मैन्यूफैक्चरिंग प्रोसेस की क्वालिटी चेक नहीं होती है। इसलिए इनमें कुछ हानिकारक केमिकल्स, हैवी मेटल्स और सूक्ष्मजीव मौजूद हो सकते हैं। ग्राफिक में ऐसे तत्वों की लिस्ट देखिए- सवाल- फेक कॉस्मेटिक्स यूज करने से क्या प्रॉब्लम हो सकती है? जवाब- फेक कॉस्मेटिक्स में घटिया या नकली सामग्री हो सकती है। इनके इस्तेमाल से त्वचा और आंखों को नुकसान पहुंच सकता है, जैसेकि- कुछ नकली उत्पादों में हानिकारक रसायन होने पर लंबे समय तक इस्तेमाल से गंभीर नुकसान भी हो सकता है। सवाल- क्या कॉस्मेटिक्स में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स हार्मोन्स को भी प्रभावित कर सकते हैं? जवाब- हां, कुछ कॉस्मेटिक्स में ऐसे केमिकल्स हो सकते हैं, जो हार्मोनल बैलेंस बिगाड़ सकते हैं। इन्हें ‘एंडोक्राइन डिसरप्टिंग केमिकल्स’ कहा जाता है। इनका असर प्रोडक्ट में मौजूद केमिकल की मात्रा और लंबे एक्सपोजर पर निर्भर करता है। इसलिए कॉस्मेटिक प्रोडक्ट खरीदते समय उसकी इंग्रीडिएंट्स डिटेल्स जरूर चेक करनी चाहिए। सवाल- क्या इस पर कोई साइंस रिसर्च या स्टडी हुई है? जवाब- हां, जून 2026 में ‘कॉस्मेटिक्स’ जर्नल में एक सिस्टमैटिक रिव्यू पब्लिश हुआ। इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- क्या महंगे और ब्रांडेड कॉस्मेटिक्स भी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं? जवाब- महंगे और ब्रांडेड कॉस्मेटिक्स आमतौर पर सेफ्टी स्टैंडर्ड्स का पालन करते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे हर व्यक्ति के लिए पूरी तरह रिस्क-फ्री हैं। हर व्यक्ति की स्किन अलग तरह से प्रतिक्रिया देती है। कोई प्रोडक्ट महंगा या ब्रांडेड है, तो यह उसकी सुरक्षा की गारंटी नहीं देता। इसलिए कॉस्मेटिक चुनते समय उसके इंग्रीडिएंट्स, क्वालिटी और अपनी स्किन टाइप पर भी ध्यान देना जरूरी है। सवाल- सही और सुरक्षित कॉस्मेटिक्स का चुनाव कैसे करें? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- किन लोगों को कॉस्मेटिक्स यूज करते हुए थोड़ा सावधान रहना चाहिए? जवाब- स्किन की सेंसिटिविटी, उम्र, हार्मोनल बदलाव और हेल्थ कंडीशन के कारण हर व्यक्ति पर कॉस्मेटिक्स का असर अलग-अलग हो सकता है। कुछ लोगों में इसकी वजह से एलर्जी, जलन या अन्य स्किन रिएक्शन का रिस्क ज्यादा रहता है। ऐसे लोगों को नया प्रोडक्ट यूज करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। सवाल- अगर कॉस्मेटिक्स से रिएक्शन हो तो तुरंत क्या करें? जवाब- सबसे पहले उस प्रोडक्ट का इस्तेमाल बंद कर दें। साथ ही कुछ बातों का ध्यान रखें, जैसेकि- सवाल- फेक कॉस्मेटिक्स की पहचान कैसे करें? जवाब- ये अक्सर दिखने में असली जैसे लगते हैं, लेकिन उनकी पैकेजिंग, लेबलिंग और प्रोडक्ट क्वालिटी से कुछ संकेत मिल सकते हैं। इन बातों पर ध्यान देकर नकली प्रोडक्ट की पहचान की जा सकती है- सवाल- कॉस्मेटिक्स प्रोडक्ट खरीदते समय क्या चीजें चेक करनी चाहिए? जवाब- इस दौरान प्रोडक्ट की प्रामाणिकता और सुरक्षा से जुड़ी कुछ डिटेल्स जरूर चेक करें, जैसेकि- सवाल- ऑनलाइन कॉस्मेटिक्स खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- ऑनलाइन शॉपिंग में प्रोडक्ट को हाथ में लेकर चेक करने का मौका नहीं मिलता। इसलिए ऑर्डर करने से पहले प्रोडक्ट की डिटेल और डिलीवरी के बाद उसकी कंडीशन ध्यान से चेक करना जरूरी है। इसलिए कुछ बातों का ध्यान रखें- ……………………………………… ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- सफेद कपड़े जल्दी पीले पड़ जाते हैं:खोई चमक लौटाने के 5 टिप्स, धोते हुए बरतें 11 सावधानियां, न करें 6 गलतियां सफेद कपड़ों की चमक अलग ही दिखती है। लेकिन इस्तेमाल के कुछ ही महीनों में ये पीले या मटमैले नजर आने लगते हैं। बहुत से लोग इसे कपड़े के पुराने होने का असर मानते हैं। जबकि कई बार गलत तरीके से कपड़े धोने, ज्यादा ब्लीच यूज करने या कपड़ों की सही केयर न करने से भी वो पुराने पड़ जाते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
साइबर लिटरेसी- गूगल रिव्यू के नाम पर स्कैम:युवक के 7 लाख ठगे, घर बैठे कमाई के झांसे में न आएं, जानें स्कैम से कैसे बचें?
पिछले दिनों भोपाल के एक 29 साल के युवक के साथ ठगी की वारदात हुई। स्कैमर्स ने ‘गूगल रिव्यू’ से कमाई के नाम पर उससे कई लाख ठग लिए। ठगों ने पहले टेलीग्राम पर संपर्क किया और गूगल रिव्यू देने के बदले पैसे कमाने का ऑफर दिया। शुरू में छोटे टास्क पूरे करने को कहा। मुनाफा देकर उसका भरोसा भी जीता। इसके बाद और नए टास्क, बोनस और रिफंड के नाम पर उससे कुल 4.73 लाख रुपए ऐंठ लिए। रकम वापस पाने की उम्मीद में युवक ने 2 लाख रुपए का पर्सनल लोन भी लिया, लेकिन ठगों ने वह पैसा भी हड़प लिया। जब युवक को ठगी का एहसास हुआ तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। यह कोई अकेला मामला नहीं है। पिछले कुछ समय में ‘गूगल रिव्यू टास्क’ और ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर ठगी के कई मामले सामने आए हैं। इसलिए ‘साइबर लिटरेसी’ में आज हम ‘गूगल रिव्यू टास्क स्कैम’ के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस सवाल- ‘गूगल रिव्यू’ क्या है? जवाब- गूगल रिव्यू वह फीडबैक या रेटिंग है, जो लोग किसी दुकान, होटल, रेस्टोरेंट, हॉस्पिटल या दूसरी सर्विस का इस्तेमाल करने के बाद गूगल पर देते हैं। इसमें यूजर 1 से 5 स्टार तक रेटिंग देते हैं और अपने अनुभव के बारे में लिखते हैं। इससे दूसरे लोगों को किसी बिजनेस या सर्विस की क्वालिटी का अंदाजा लगाने में मदद मिलती है। सवाल- ‘गूगल रिव्यू टास्क स्कैम‘ क्या है? जवाब- यह एक ऑनलाइन ठगी है, जिसमें साइबर अपराधी लोगों को गूगल मैप पर होटल, रेस्टोरेंट या अन्य बिजनेस को रिव्यू और रेटिंग देने के बदले पैसे कमाने का लालच देते हैं। शुरुआत में ठग कुछ छोटे पेमेंट करके भरोसा जीतते हैं। इसके बाद ज्यादा कमाई, बोनस या VIP टास्क के नाम पर इन्वेस्टमेंट करवाया जाता है या फीस जमा करवाई जाती है। जब पीड़ित बड़ी रकम जमा कर देता है, तो ठग पैसे लेकर गायब हो जाते हैं। सवाल- साइबर ठग लोगों को गूगल रिव्यू टास्क स्कैम में कैसे फंसाते हैं? जवाब- साइबर ठग लोगों को वॉट्सएप या टेलीग्राम मैसेज भेजकर 'गूगल रिव्यू टास्क' के नाम पर पार्ट टाइम जॉब का ऑफर देते हैं। मैसेज में वे दावा करते हैं कि होटल, रेस्टोरेंट या दुकान को 5 स्टार रेटिंग देकर रोज 3-5 हजार रुपए तक कमा सकते हैं, जबकि ये सिर्फ एक फ्रॉड है। इस स्कैम का पूरा खेल ग्राफिक से समझिए- सवाल- लोग किन गलतियों के कारण इस स्कैम में फंस जाते हैं? जवाब- आसान और जल्दी पैसे कमाने का लालच और बिना जांच-पड़ताल के पैसे भेज देना इस स्कैम में फंसने की सबसे बड़ी वजह है। सभी कॉमन गलतियां ग्राफिक में देखिए- सवाल- साइबर ठग शुरुआत में पैसे क्यों देते हैं? जवाब- साइबर ठग शुरुआत में छोटे टास्क के बदले कुछ पैसे देकर लोगों का भरोसा जीतते हैं। इससे व्यक्ति को लगता है कि ऑफर असली है और कमाई हो रही है। भरोसा बनने के बाद ठग उसे ज्यादा रिटर्न, बोनस या रिफंड का लालच देकर बड़ी रकम जमा करवाते हैं और फिर पैसे लेकर गायब हो जाते हैं। सवाल- गूगल रिव्यू स्कैम में किन-किन बहानों से पैसे मांगे जाते हैं? जवाब- साइबर ठग अलग-अलग टास्क, फीस और चार्ज के नाम पर लोगों से पैसे जमा करवाते हैं। ठग इन बहानों से पैसे मांगते हैं- ध्यान रखें, नाम अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन मकसद सिर्फ पैसे निकलवाना होता है। सवाल- ठग इस स्कैम में किसे निशाना बनाते हैं? जवाब- साइबर ठग आमतौर पर ऐसे लोगों को निशाना बनाते हैं, जो घर बैठे या पार्ट टाइम कमाई के अवसर तलाश रहे होते हैं, जैसेकि- सवाल- क्या गूगल रिव्यू करने के लिए पैसे देता है? जवाब- नहीं, गूगल रिव्यू लिखने या रेटिंग देने के लिए लोगों को पैसे नहीं देता है। रिव्यू के बदले कमाई का दावा करने वाले ऑफर स्कैम हैं। सवाल- गूगल पर फेक रिव्यू लिखने के क्या रिस्क हो सकते हैं? जवाब- फेक रिव्यू लिखना गूगल की पॉलिसी का उल्लंघन है। ऐसे रिव्यू हटाए जा सकते हैं और संबंधित अकाउंट पर कार्रवाई हो सकती है। सवाल- अगर गूगल रिव्यू स्कैम में फंस गए हैं तो क्या करें? जवाब- ऐसी स्थिति में घबराएं नहीं और तुरंत ये जरूरी कदम उठाएं- सवाल- इस तरह के स्कैम से बचने के लिए क्या सावधानियां बरतें? जवाब- किसी भी ऐसे ऑफर से सावधान रहें, जिसमें बिना मेहनत के ज्यादा कमाई का दावा किया जाए। ऐसे स्कैम की जितनी जल्दी शिकायत करेंगे, पैसे रिकवर होने की संभावना उतनी ज्यादा होगी। स्कैम से बचने के लिए सभी जरूरी सावधानियां ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या फेक गूगल रिव्यू देना कानूनन सही है? कानून इस बारे में क्या कहता है? जवाब- नहीं, भारत में ऐसा कोई कानून नहीं है, जो ‘फेक गूगल रिव्यू’ को अपराध घोषित करता हो। लेकिन अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर पैसे लेकर या किसी को गुमराह करने के इरादे से झूठे रिव्यू लिखता है, तो उस पर साइबर और उपभोक्ता संरक्षण कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। सवाल- इस स्कैम की शिकायत कहां और कैसे करें? जवाब- नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके इसकी शिकायत करें। साथ ही www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। जल्दी शिकायत से कार्रवाई और पैसे रिकवरी की संभावना बढ़ जाती है। सवाल- शिकायत करते समय कौन-से जरूरी डॉक्यूमेंट्स साथ रखें? जवाब- साइबर ठगी की शिकायत दर्ज करते समय जितने ज्यादा सबूत होंगे, जांच और कार्रवाई में उतनी मदद मिलेगी। शिकायत के समय ये डॉक्यूमेंट्स अपने पास रखें- …………………………………… ग्राफिक्स- अंकुल बंसल ………………………………. ये खबर भी पढ़ें…. साइबर लिटरेसी- सोशल मीडिया पर बच्चों की फोटो न डालें:गलत इस्तेमाल का रिस्क, पुलिस की एडवाइजरी और पेरेंट्स के लिए 10 सेफ्टी टिप्स आजकल सोशल मीडिया पर बहुत से माता-पिता अपने बच्चों की तस्वीरें और वीडियो शेयर करते हैं। वे अक्सर स्कूल फंक्शन, वेकेशन, बर्थडे सेलिब्रेशन, अचीवमेंट्स या रोजमर्रा के खास पलों की झलकियां लोगों को दिखाते हैं। ये खबर भी पढ़ें…
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