Hartalika Teej 2026: पूजा की तैयारी से शाम के श्रृंगार तक, बनाएं हरतालिका तीज का पूरा दिन खास
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का दिन सिर्फ व्रत और पूजा तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसकी तैयारी भी पर्व का खास हिस्सा है। सुबह घर की साफ-सफाई से लेकर पूजा की सामग्री जुटाने, पूजन स्थान सजाने और शाम को श्रृंगार की तैयारी तक कई छोटे-बड़े काम पहले से करने पड़ते हैं।
ऐसे में अगर आप चाहती हैं कि तीज के दिन बिना किसी भागदौड़ के सारी तैयारियां पूरी हो जाएं, तो सुबह से शाम तक का यह आसान प्लान आपके काम आ सकता है।
1.पूजा स्थल और प्रतिमा की तैयारी करें
अगर घर में शिव-पार्वती की पूजा के लिए मिट्टी की प्रतिमा बनाई या रखी जाती है, तो उसे पहले से तैयार करके पूजा की जगह पर सजा दें। चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर प्रतिमा को व्यवस्थित रखें और आसपास फूलों या रंगोली से हल्की सजावट कर सकती हैं।
2. इसके बाद करें सोलह श्रृंगार की तैयारी
अब अपने तीज के आउटफिट और श्रृंगार का सामान एक जगह निकालकर रख लें। साड़ी या पारंपरिक कपड़ों के साथ चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, गहने और दूसरी जरूरी चीजें पहले से तैयार रखें।अगर मेहंदी लगानी है, तो इसे भी पहले ही लगा लें, ताकि पूजा के समय किसी तरह की जल्दबाजी न हो।
3. फिर तैयार करें पूजा की थाली
इसके बाद पूजा की थाली को व्यवस्थित करें। इसमें फूल, फल, दीपक, धूप, रोली, अक्षत, पान-सुपारी, प्रसाद और पूजा में इस्तेमाल होने वाली दूसरी चीजें रख लें। एक बार पूरी सामग्री चेक कर लेने से पूजा के समय किसी सामान के लिए उठना नहीं पड़ेगा।
सारी सामग्री तैयार होने के बाद पूजा वाली जगह को एक बार फिर देख लें। चौकी, प्रतिमा, पूजा की थाली और सजावट की चीजों को सही जगह पर रखें। अगर रंगोली या फूलों की सजावट करनी है, तो उसे भी इसी क्रम में पूरा कर लें।
4.आखिर में खुद तैयार हों
घर और पूजा की तैयारी पूरी होने के बाद आराम से अपना श्रृंगार करें और तीज के लिए तैयार हो जाएं। साड़ी के साथ पारंपरिक ज्वेलरी, चूड़ियां, बिंदी और सिंदूर आपके लुक को पूरा कर सकते हैं। इस तरह आखिरी समय में तैयार होने की भागदौड़ भी नहीं होगी।
इस तरह नहीं होगी आखिरी समय की भागदौड़
हरतालिका तीज की तैयारी को अगर सुबह, दोपहर और शाम के छोटे-छोटे हिस्सों में बांट दिया जाए, तो पूरे दिन की भागदौड़ काफी कम हो सकती है।
सुबह सफाई और पूजा सामग्री, दोपहर में सजावट और शाम से पहले श्रृंगार की तैयारी पूरी कर लेने से पूजा के समय मन को भी शांति रहेगी।
नोट: पूजा की तिथि और मुहूर्त शहर के अनुसार अलग हो सकते हैं। यहां दिए गए समय दिल्ली के पंचांग के आधार पर हैं। अपने शहर के स्थानीय पंचांग के अनुसार समय की पुष्टि करें।
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Anxiety and Overthinking: छोटी-छोटी बातों पर एंजाइटी होने लगती है? इन आसान तरीकों से पाएं इस पर काबू
Anxiety and Overthinking: कभी किसी छोटी-सी बात को लेकर बार-बार सोचना, किसी अनहोनी की आशंका से परेशान होना या बिना किसी बड़ी वजह के बेचैनी महसूस करना एंजाइटी का संकेत हो सकता है। कई बार आने वाले समय की चिंता इतनी बढ़ जाती है कि व्यक्ति का ध्यान काम पर लगना मुश्किल हो जाता है। दिल की धड़कन तेज होना, बेचैनी, चिड़चिड़ापन और नींद में परेशानी भी इसके साथ महसूस हो सकती है।
हर बार चिंता होना किसी बीमारी का संकेत नहीं होता। रोजमर्रा की जिंदगी में तनाव और परेशानियां होना सामान्य है, लेकिन जब छोटी-छोटी बातें लगातार दिमाग पर हावी रहने लगें और रोज के काम प्रभावित होने लगें, तब इस पर ध्यान देना जरूरी है। कुछ आसान आदतें मन को शांत करने और चिंता को संभालने में मदद कर सकती हैं।
एंजाइटी को काबू करने के जरूरी टिप्स
सबसे पहले समझें कि चिंता किस वजह से हो रही है
एंजाइटी को कम करने की शुरुआत उसके कारण को समझने से करें। जब भी बहुत ज्यादा चिंता महसूस हो, कुछ देर रुककर खुद से पूछें कि आखिर किस बात की चिंता हो रही है। समस्या को पहचानने से दिमाग में चल रहे विचारों को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है।
गहरी सांस लेने की आदत डालें
चिंता के समय कुछ मिनट धीमी और गहरी सांस लेना उपयोगी हो सकता है। आराम से बैठें और धीरे-धीरे सांस अंदर लें। कुछ सेकंड रुककर सांस को बाहर छोड़ें। इस प्रक्रिया को कई बार दोहराएं। इससे शरीर को रिलैक्स करने में मदद मिल सकती है और बेचैनी कुछ कम महसूस हो सकती है।
हर बात को बार-बार सोचने से बचें
किसी घटना के बारे में लगातार सोचते रहना चिंता को और बढ़ा सकता है। अगर किसी समस्या का समाधान अभी संभव नहीं है तो बार-बार उसी के बारे में सोचने के बजाय अपना ध्यान किसी दूसरे काम में लगाएं। किताब पढ़ना, संगीत सुनना, टहलना या घर का कोई आसान काम करना ध्यान को दूसरी तरफ ले जा सकता है।
रोज थोड़ा समय एक्सरसाइज के लिए निकालें
शारीरिक गतिविधि केवल शरीर के लिए ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद हो सकती है। रोज 20 से 30 मिनट पैदल चलना, हल्की एक्सरसाइज या योग जैसी गतिविधियां तनाव कम करने में मदद कर सकती हैं। शुरुआत अपनी क्षमता के अनुसार करें।
नींद और कैफीन पर भी दें ध्यान
कम नींद से चिड़चिड़ापन और तनाव बढ़ सकता है। इसलिए रोज लगभग एक ही समय पर सोने और जागने की कोशिश करें। अगर चाय या कॉफी ज्यादा लेने से बेचैनी बढ़ती महसूस हो तो इसकी मात्रा कम करना बेहतर हो सकता है।
अपनी परेशानी किसी भरोसेमंद व्यक्ति से साझा करें
चिंता को अकेले मन में दबाकर रखने के बजाय किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करना राहत दे सकता है। अपनी भावनाओं को शब्दों में व्यक्त करने से कई बार समस्या को नए नजरिए से देखने में मदद मिलती है।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
अगर चिंता लंबे समय तक बनी रहती है, बार-बार होती है या काम, पढ़ाई, रिश्तों और नींद पर असर डाल रही है, तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। अचानक बहुत ज्यादा घबराहट, सांस लेने में गंभीर परेशानी या खुद को नुकसान पहुंचाने के विचार जैसी स्थिति में तुरंत पेशेवर मदद लें।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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लेखक: (कीर्ति)
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