Chinese Military अपना अड्डा बनाने आ रही है, भारत हमारी मदद करे, Balochistan Leader Mir Yar ने Jaishankar को सीधे लिखा पत्र
इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: Jaishankar ने Pakistan और Bangladesh को एक साथ दिखा दिया आईना, वैश्विक मुद्दों पर भी खुलकर बात की
भारत आ रही है नेतन्याहू की टीम, क्या बड़ा होने जा रहा है? पाकिस्तान के उड़ जाएंगे तोते
दुनिया दो खेमों में बट रही है। एक तरफ जंग, प्रतिबंध और ट्रेड वॉर और दूसरी तरफ देश चुपचाप अपने भविष्य के आर्थिक हथियार तैयार कर रहा है। इसी गेम चज़र मोमेंट में भारत एक और बड़ा दांव खेलने जा रहा है। भारत और इजराइल अब सिर्फ रणनीतिक दोष नहीं बल्कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के जरिए आर्थिक साझेदार बनने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक जनवरी में इजराइल से अधिकारियों की एक बड़ी टीम भारत आ रही है। जहां दोनों देशों के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी कि एफटीए पर औपचारिक बातचीत शुरू होगी। यह सिर्फ एक समझौता नहीं होने वाला बल्कि यह भारत की उस ग्लोबल ट्रेड स्ट्रेटजी का हिस्सा है जिसका मकसद है चीन डिपेंडेंसी कम करना और भरोसेमंद पार्टनर्स के साथ गहरे रिश्ते बनाना।
इसे भी पढ़ें: Globmaster: जहां हर चौथा शख्स है हिंदुस्तानी, ऊंट-घोड़े बेचने वाले देश के तेल का बादशाह बनने की कहानी
अधिकारी ने बताया कि बातचीत के लिए इज़राइल के व्यापार प्रतिनिधियों के आने की उम्मीद है। 2024-25 के दौरान, भारत का इज़राइल को निर्यात 52 प्रतिशत घटकर 2.14 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया, जबकि 2023-24 में यह 4.52 अरब अमेरिकी डॉलर था। आयात में भी पिछले वित्त वर्ष में 26.2 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 1.48 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। द्विपक्षीय व्यापार 3.62 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। भारत एशिया में इज़राइल का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। हालांकि द्विपक्षीय व्यापार में मुख्य रूप से हीरे, पेट्रोलियम उत्पाद और रसायन शामिल हैं, लेकिन हाल के वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक मशीनरी और उच्च-तकनीकी उत्पादों, संचार प्रणालियों और चिकित्सा उपकरणों जैसे क्षेत्रों में व्यापार में वृद्धि देखी गई है।
इसे भी पढ़ें: भारत-इजरायल के कट्टर दुश्मन को ट्रंप थमा रहे खतरनाक F-35, भड़क गए नेतन्याहू
भारत से इज़राइल को निर्यात की जाने वाली प्रमुख वस्तुओं में मोती और कीमती पत्थर, ऑटोमोबाइल डीज़ल, रासायनिक और खनिज उत्पाद, मशीनरी और विद्युत उपकरण, प्लास्टिक, वस्त्र, परिधान, धातु और परिवहन उपकरण तथा कृषि उत्पाद शामिल हैं। आयात में मोती और कीमती पत्थर, रासायनिक और खनिज/उर्वरक उत्पाद, मशीनरी और विद्युत उपकरण, पेट्रोलियम तेल, रक्षा सामग्री, मशीनरी और परिवहन उपकरण शामिल हैं। वहीं आपको बता दें कि आज दोनों देशों के बीच व्यापार, डायमंड्स, पेट्रोलियम और केमिकल्स तक सीमित नहीं रहा है। अब इसमें शामिल है मेडिकल डिवाइसेस, इलेक्ट्रॉनिक मशीनरी, एग्रीकल्चरल टेक्नोलॉजी और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग। भारत से इजराइल जाता है पर्ल्स, प्रिशियस स्टोंस, केमिकल्स, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट्स। और इसके अलावा आपको बता दें कि इजराइल से भारत जो आता है उन सामानों में पेट्रोलियम, मशीनरी और डिफेंस इक्विपमेंट्स शामिल हैं।
इसे भी पढ़ें: सामने बैठे थे नेतन्याहू, अचानक ट्रंप करने लगे भारत की शिकायत, फिर...
अगर 2024 और 25 में भारत और इजराइल ट्रेड की बात करें तो वो 3.62 रहै है। लेकिन असली तस्वीर यह है। यह आंकड़ा छोटा है। संभावनाएं बहुत बड़ी है और कहानी यहीं खत्म नहीं होती है। भारत फरवरी में रूस के नेतृत्व वाले यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन यानी कि ईएईईयू के साथ एफडीए बातचीत का दूसरा दौर शुरू करेगा। इस ब्लॉक में है रूस, आर्मेनिया, बेलारूस, कजाकिस्तान और किरगिस्तान रहने वाले हैं। तो वहीं आपको बता दें कि इसका मकसद है 2030 तक भारत और यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन ट्रेड को 70 बिलियन से बढ़ाकर 100 बिलियन करना। और इसका सीधा फायदा भारत के छोटे व्यापारी, किसान और मछुआरों को होने वाला है।
होम
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
जॉब
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi




















