Responsive Scrollable Menu

Iran में नए साल पर हिंसक हुए प्रदर्शन, महंगाई और सत्ता के खिलाफ बढ़ता आक्रोश

नए साल की शुरुआत के साथ ही ईरान में माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया है। बीते करीब एक हफ्ते से चल रहे विरोध प्रदर्शनों ने अब हिंसक रूप ले लिया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों में अब तक कम से कम सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य प्रदर्शनकारी और सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं। यह जानकारी ईरानी मीडिया और मानवाधिकार संगठनों के हवाले से सामने आई।

बता दें कि नए साल के आगमन के साथ यह विरोध सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण इलाकों तक फैल गया है। राजधानी तेहरान से लेकर पश्चिमी और दक्षिणी प्रांतों तक सड़कों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें देखी गई हैं। इससे पहले तेहरान की यूनिवर्सिटियों के छात्र सड़कों पर उतरे थे और “तानाशाह को मौत” जैसे नारे लगाए गए थे। कई जगहों पर 1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले के शासक शाह मोहम्मद रजा पहलवी के समर्थन में भी नारे सुनाई दिए।

गौरतलब है कि अमेरिका में निर्वासन में रह रहे शाह के बेटे रजा पहलवी ने सोशल मीडिया पर इन प्रदर्शनों के समर्थन में संदेश जारी किया है। उन्होंने लिखा कि वह ईरान के लोगों के साथ हैं और उनका दावा है कि मौजूदा शासन के रहते देश की आर्थिक स्थिति और खराब होती जाएगी।

यह विरोध प्रदर्शन पिछले तीन वर्षों में सबसे बड़े माने जा रहे हैं। इसकी मुख्य वजह तेज़ी से बढ़ती महंगाई और मुद्रा की गिरती कीमत बताई जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, पश्चिमी ईरान के लोर्देगन, कुहदश्त और इस्फहान जैसे इलाकों में मौतों की खबरें सामने आई हैं। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़े मीडिया संस्थानों ने लोर्देगन में झड़पों के दौरान दो लोगों की मौत की बात कही है, जबकि मानवाधिकार समूहों का दावा है कि यहां सुरक्षाबलों की कार्रवाई में कई लोग मारे गए और घायल हुए।

कुहदश्त में बसीज स्वयंसेवी बल के एक सदस्य की मौत की पुष्टि की गई है। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारियों ने हालात का फायदा उठाया, जबकि मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि मृतक प्रदर्शन में शामिल था और उसे सुरक्षा बलों ने गोली मारी है। इस्फहान प्रांत में भी एक प्रदर्शनकारी की मौत की खबर है, हालांकि स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।

प्रदर्शन मार्वदश्त, करमानशाह, खुज़ेस्तान और हमदान जैसे इलाकों में भी फैले हैं, जहां कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। बाजार बंद हैं और व्यापारी, छात्र और आम लोग सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ सड़क पर हैं। हालात को काबू में करने के लिए सरकार ने एक ओर सख्त सुरक्षा इंतज़ाम किए हैं, तो दूसरी ओर संवाद की बात भी कही है। सरकारी प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने कहा है कि व्यापारी संगठनों और यूनियनों से बातचीत की जाएगी।

गौरतलब है कि ईरान की अर्थव्यवस्था लंबे समय से अमेरिकी और पश्चिमी प्रतिबंधों के दबाव में है। दिसंबर में महंगाई दर 42 प्रतिशत से अधिक बताई गई है और 2025 के दौरान ईरानी रियाल की कीमत डॉलर के मुकाबले करीब आधी रह गई है। जून में इज़रायल और अमेरिका के हवाई हमलों के बाद हालात और बिगड़े हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यही आर्थिक दबाव मौजूदा जनआक्रोश की सबसे बड़ी वजह बन रहा है और आने वाले दिनों में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।

Continue reading on the app

China में गहराया जनसंख्या संकट, जन्म दर बढ़ाने के लिए कंडोम और गोलियों पर लगाया टैक्स

चीन ने नए साल की शुरुआत से एक अहम फैसला लागू कर दिया है। अब देश में गर्भनिरोधक दवाओं और उपकरणों पर टैक्स छूट खत्म कर दी गई है। करीब तीन दशक से जारी यह छूट 1 जनवरी से समाप्त हो गई है और अब कंडोम व गर्भनिरोधक गोलियों पर 13 प्रतिशत वैल्यू एडेड टैक्स लगाया जा रहा है, जो सामान्य उपभोक्ता वस्तुओं पर लागू दर के बराबर है।

बता दें कि यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब चीन गंभीर जनसंख्या संकट से जूझ रहा है। लगातार तीसरे साल 2024 में भी चीन की आबादी में गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट आने वाले वर्षों में भी जारी रह सकती है। इसी चिंता के बीच सरकार जन्म दर बढ़ाने के लिए अलग-अलग नीतिगत प्रयोग कर रही है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, चीन सरकार पहले ही बच्चों की परवरिश से जुड़े खर्चों को कम करने के लिए कई कदम उठा चुकी है। हाल ही में चाइल्डकेयर सब्सिडी को इनकम टैक्स से छूट दी गई थी और वार्षिक चाइल्डकेयर सहायता योजना भी शुरू की गई। इसके अलावा, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को ‘लव एजुकेशन’ को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शादी, परिवार और बच्चों को लेकर सकारात्मक सोच विकसित की जा सके।

गौरतलब है कि हाल ही में हुई सेंट्रल इकोनॉमिक वर्क कॉन्फ्रेंस में चीन के शीर्ष नेतृत्व ने दोबारा यह दोहराया कि विवाह और संतान को लेकर सकारात्मक माहौल बनाना सरकार की प्राथमिकता है। इसका उद्देश्य गिरती जन्म दर को स्थिर करना बताया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि चीन में जनसंख्या गिरावट के पीछे सिर्फ नीतियां ही नहीं, बल्कि तेज़ शहरीकरण, महंगी शिक्षा, बच्चों की परवरिश का खर्च, नौकरी की अनिश्चितता और धीमी होती अर्थव्यवस्था भी बड़ी वजह हैं। गौरतलब है कि चीन में 1980 से 2015 तक लागू एक-संतान नीति का असर आज भी जनसांख्यिकीय ढांचे पर साफ दिखाई देता है।

Continue reading on the app

  Sports

बिहार में जनता की शिकायत सुनेंगे खुद DGP, पुलिस ने जारी किए दो हेल्पलाइन नंबर, तुरंत होगी कार्रवाई

बिहार में जब से नीतीश कुमार की नई सरकार का गठन हुआ तब से राज्य की कानून व्यवस्था पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। इस बीच, अब राज्य में अपराध पर अंकुश लगाने और लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से पुलिस महानिदेशक (DGP) नियंत्रण कक्ष के अंतर्गत 2 जनवरी 2026 शुक्रवार … Fri, 02 Jan 2026 23:38:25 GMT

  Videos
See all

ममदानी उमर खालिद की चिंता छोड़ें, New York संभालें! #shorts #anjanaomkashyap #blackandwhiteshow #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-02T18:18:36+00:00

IPL Bangladesh Controversy:'शाहरुख खान देश का गद्दार, ऐसे लोगों को भारत में रहने का हक नहीं' #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-02T18:19:35+00:00

Jaipur News: जयपुर के चौमूं में आरोपियों के घर पर एक्शन, प्रशासन ने चलाया बुलडोजर #jaipurnews #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-02T18:20:00+00:00

Indore Water Tragedy: इंदौर दूषित पानी को लेकर High Court ने Mohan Yadav सरकार को गिए आदेश #aajtak #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-02T18:18:00+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers