Responsive Scrollable Menu

Assi Ghat: गंगा पीछे हटी तो सामने आया अस्सी घाट का नया रूप, हर तरफ दिखी गाद और रेत की परत

Assi Ghat Varanasi: वाराणसी के Assi Ghat पर गंगा का पानी घटने के बाद बड़े पैमाने पर गाद की परतें उभर आईं। तट की रूपरेखा बदली दिखी और सीढ़ियों के आगे तलछट फैलने से सतह पर महीन मिट्टी-रेत की तह नजर आई।

Continue reading on the app

डीआर कांगो में इबोला का प्रकोप: अलग-अलग रूप ले रही महामारी, मृत्यु दर में तेजी ने बढ़ाई च‍िंता

किंशासा, 9 सितंबर (आईएएनएस)। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में फैला इबोला संक्रमण अब तेजी से अलग-अलग रूप लेता हुआ दिखाई दे रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ताजा बाहरी स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित प्रांतों और स्वास्थ्य क्षेत्रों में संक्रमण का फैलाव एक जैसा नहीं है। कुछ इलाकों में मामले कम हो रहे हैं, जबकि अन्य जगहों पर संक्रमण बढ़ रहा है और नए क्षेत्रों तक फैल रहा है।

मंगलवार (स्थानीय समय) को जारी रिपोर्ट में कहा गया है, यह स्थिति दिखाती है कि महामारी अब अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रुख अपना रही है। कुछ जगहों पर संक्रमण कम हो रहा है, लेकिन दूसरी जगहों पर यह तेजी से बढ़ रहा है और नए इलाकों में फैल रहा है।

रिपोर्ट में एक चिंताजनक पहलू यह बताया गया है कि अब अधिक लोग स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने से पहले ही समुदाय के भीतर अपनी जान गंवा रहे हैं।

स‍िन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, 31 अगस्त से 6 सितंबर के बीच, पुष्टि किए गए कुल मौतों में से 75 प्रतिशत मौतें समुदाय के भीतर हुईं। रिपोर्टिंग अवधि में यह सबसे अधिक साप्ताहिक अनुपात है। दो सप्ताह पहले यह आंकड़ा 56.6 प्रतिशत था।

रिपोर्ट के अनुसार, यह अंतर चिंता की बात है क्योंकि इलाज केंद्रों में होने वाली मौतों में कमी जारी रहने के बावजूद समुदाय में मौतों की संख्या बढ़ रही है। इससे पता चलता है कि कुल मृत्यु दर में पहले जो गिरावट देखी गई थी, वह अब बरकरार नहीं रह पाई है।

डब्‍ल्‍यूएचओ का कहना है कि समुदाय में लगातार अधिक मौतों के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें बीमारी की देर से पहचान होना, मामलों की जानकारी देर से मिलना, मरीजों को समय पर इलाज केंद्रों तक न पहुंचा पाना, लोगों द्वारा बीमारी की गंभीरता को न समझना, दूरदराज इलाकों और परिवहन की समस्याएं, औपचारिक स्वास्थ्य केंद्रों की बजाय अन्य जगहों पर इलाज कराना, और स्वास्थ्य सेवाओं पर लोगों का भरोसा कम होना शामिल हैं।

वैक्सीन की बात करें तो, जेरे इबोला वायरस के खिलाफ इस्तेमाल होने वाली लाइसेंस प्राप्त एर्वेबो वैक्सीन का फिलहाल अध्ययन किया जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या यह मौजूदा बुंडीबुग्यो स्ट्रेन के खिलाफ भी सुरक्षा दे सकती है।

इस बीच, विशेष मानवीय उपयोग की व्यवस्था के तहत, जिसके माध्यम से महामारी जैसी स्थिति में अभी पूरी तरह स्वीकृत न हुई या सीमित रूप से जांची गई वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा सकता है, 27 अगस्त से अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मियों और जोखिम वाले लोगों का टीकाकरण शुरू कर दिया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, 6 सितंबर तक कुल 2,007 स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों को वैक्सीन लगाई जा चुकी थी।

6 सितंबर तक इबोला के कुल 6,686 पुष्टि किए गए मामले सामने आ चुके थे और 3,226 लोगों की पुष्टि के साथ मौत हो चुकी थी। पुष्टि और संभावित मामलों को मिलाकर मृत्यु दर 48.3 प्रतिशत दर्ज की गई।

स्वास्थ्यकर्मियों में संक्रमण भी बड़ी चिंता बना हुआ है। अब तक 167 स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित पाए गए हैं, जिनमें से 47 की मौत हो चुकी है।

डब्‍ल्‍यूएचओ ने डीआरसी के भीतर संक्रमण के और फैलने का खतरा बहुत उच्च बताया है, जबकि पड़ोसी देशों के लिए खतरे का स्तर उच्च माना गया है। 18 अगस्त को हुई अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम (आईएचआर) आपात समिति की दूसरी बैठक में भी इस बात पर जोर दिया गया कि यह प्रकोप अभी नियंत्रण से बहुत दूर है और यह अब भी अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल बना हुआ है।

मई में घोषित किया गया यह प्रकोप अब देश के इतिहास का सबसे बड़ा और सबसे घातक इबोला महामारी बन चुका है। साथ ही, यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इबोला प्रकोप है। इससे बड़ा प्रकोप केवल 2014 से 2016 के बीच पश्चिम अफ्रीका में फैली इबोला महामारी थी।

--आईएएनएस

एवाई/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

ENG vs PAK: तीसरे टेस्ट में भी खाली हाथ रहेगा पाकिस्तान? बर्मिंघम में बुरे हाल होने की आशंका, ये है वजह

पाकिस्तान को टेस्ट सीरीज में पहले ही दोनों मुकाबलों में शिकस्त मिल चुकी है और अब उसके पास अपने सम्मान की लड़ाई जीतने का आखिरी मौका है. मगर क्या वो इसमें सफल हो पाएगी? Wed, 09 Sep 2026 10:06:11 +0530

  Videos
See all

ITO Robbery: कारोबारी से दिनदहाड़े लूटे ₹3 करोड़, घटना का CCTV Video आया सामने #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-09T04:54:55+00:00

Gurugram Accident: कार चालक ने घर के बाहर खेल रही 2 साल की मासूम को कुचला, हुई मौत #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-09T05:02:27+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers