मध्य प्रदेश के छोटे शहर- सिहोरा से निकला एक्टर 'मिर्जापुर- द मूवी' में धमाल मचा रहा है. यह एक्टर फिल्म में चंदू पंचर का किरदार निभा रहा है. एक्टर नाम सतेंद्र सोनी है. सतेंद्र का कद बहुत छोटा है, लेकिन अदाकारी में बड़े-बड़े अदाकारों को टक्कर देते हैं. उन्होंने 'द बंसल मर्डर्स', 'रात अकेली है' और 'हैलो बच्चों' जैसी फिल्में की हैं.
बहुत सी महिलाओं को लिपस्टिक सही तरह से लगाना नहीं आता है और वह अक्सर इसे लिप आउटलाइन से बाहर लगा लेती हैं। ऐसे में एक वायरल हैक काम का साबित हो सकता है। पतले होंठ वालों के लिए ये परफेक्ट हैक है।
Ricky Ponting ODI Cricket: दुनियाभर में लगातार बढ़ती T20 लीग्स के बीच वनडे क्रिकेट के भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग का मानना है कि आने वाले वर्षों में 50 ओवर का क्रिकेट अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर में कम हो सकता है। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट को लेकर वह पूरी तरह आश्वस्त हैं कि यह फॉर्मेट अपनी मजबूत जगह बनाए रखेगा।
पोंटिंग ने कहा कि जैसे-जैसे दुनिया में नई T20 लीग्स और फ्रेंचाइजी टूर्नामेंट बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे वनडे क्रिकेट के लिए जगह कम होती जाएगी। उन्होंने कहा कि यह स्थिति उन्हें पसंद नहीं है, क्योंकि उन्हें खुद 50 ओवर का फॉर्मेट काफी पसंद है। लेकिन क्रिकेट के बढ़ते व्यस्त कैलेंडर में किसी न किसी फॉर्मेट को नुकसान उठाना ही पड़ेगा और उनके मुताबिक इसका सबसे बड़ा असर वनडे पर पड़ सकता है।
टेस्ट क्रिकेट को लेकर पोंटिंग ने कहा कि जब तक भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और संभवतः दक्षिण अफ्रीका जैसे बड़े क्रिकेटिंग देश टेस्ट को मजबूत बनाए रखना चाहते हैं, तब तक यह फॉर्मेट चलता रहेगा। ऐसे में वनडे क्रिकेट के सामने सबसे बड़ी चुनौती T20 का बढ़ता प्रभाव है।
हालांकि, पोंटिंग ने दुनिया भर में हो रही T20 लीग्स के फायदे भी गिनाए। उनका कहना है कि इन टूर्नामेंट्स से खिलाड़ियों को कमाई के साथ करियर के आखिरी दौर में भी क्रिकेट से जुड़े रहने का मौका मिल रहा है। उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स (WCL) का उदाहरण देते हुए कहा कि डेविड वॉर्नर जैसे खिलाड़ियों के लिए ऐसी लीग्स काफी उपयोगी हैं।
इसी बीच ICC CEO संजोग गुप्ता ने भी कहा है कि बेतरतीब तरीके से आयोजित होने वाली द्विपक्षीय सीरीज का दौर खत्म होना चाहिए। हालांकि उन्होंने माना कि वनडे क्रिकेट विश्वकप से जुड़ी अपनी अहमियत के कारण आगे भी मजबूती से बना रह सकता है।
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज डेविड वॉर्नर ने क्रिकेट के लिए इंग्लिश प्रीमियर लीग जैसा मॉडल अपनाने की संभावना जताई। उनका मानना है कि भविष्य में क्रिकेट क्लब फुटबॉल की तर्ज पर आगे बढ़ सकता है, लेकिन अलग-अलग देशों में मौजूद फ्रेंचाइजी लीग्स और विदेशी खिलाड़ियों की संख्या को लेकर कई नियम बदलने पड़ेंगे।
वॉर्नर ने यह भी कहा कि T20 लीग्स की बढ़ती संख्या खिलाड़ियों के लिए चुनौती और मौका दोनों है। अगर कोई खिलाड़ी हर टूर्नामेंट खेलना चाहेगा तो उसे आराम का समय नहीं मिलेगा। वहीं, इससे एसोसिएट देशों के खिलाड़ियों को बड़े मंच पर खेलने के ज्यादा अवसर मिलेंगे।