Asian Games 2026: एशियन गेम्स में टीम इंडिया को नहीं मिलेगा 5-स्टार होटल, नागोया में इसी जगह ठहरेंगे खिलाड़ी
Asian Games 2026: भारतीय क्रिकेटरों को आमतौर पर विदेशी दौरों पर 5-स्टार होटल में ठहराया जाता है, लेकिन जापान के नागोया में होने वाले आगामी एशियन गेम्स में ऐसा नहीं होगा। भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों को आयोजकों की ओर से तय किए गए होटल में ठहराया जाएगा। BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की।
राजीव शुक्ला ने बताया कि नागोया में अच्छे होटलों की कमी के कारण यह मामला सामने आया था। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि खिलाड़ियों के लिए यह कोई बड़ी समस्या नहीं है। BCCI ने होटल की तस्वीरें और वीडियो देखे हैं और टीमों को वहां मिलने वाली सुविधाओं से संतुष्ट है।
शुक्ला ने कहा कि होटल 5-स्टार श्रेणी के नहीं हैं, लेकिन अच्छी और आरामदायक व्यवस्था है। खिलाड़ियों को ट्विन शेयरिंग रूम में नहीं रखा जाएगा, बल्कि हर खिलाड़ी के लिए अलग कमरा होगा। उन्होंने कहा- विकल्प के तौर पर खिलाड़ियों को टोक्यो या ओसाका में ठहराया जा सकता था, लेकिन दोनों शहर नागोया से काफी दूर हैं।
भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा ने भी कहा कि खिलाड़ियों के ठहरने का इंतजाम हो चुका है। उन्होंने बताया- IOA ने अन्य खिलाड़ियों के लिए होटल बुक किए हैं, जबकि क्रिकेटरों के होटल की व्यवस्था BCCI ने की है। आयोजक खिलाड़ियों के लिए होटल के अलावा छोटे विला और एक शिप में ठहरने की व्यवस्था भी कर रहे हैं।
शुक्ला ने कहा कि एशियन गेम्स में सभी टीमें एक परिवार की तरह रहती हैं। ऐसे में कुछ खिलाड़ियों को टोक्यो और कुछ को ओसाका में ठहराना सही नहीं लगता। इसलिए भारतीय क्रिकेटरों को नागोया में ही रखा जाएगा। होटल की व्यवस्था IOA, एशियन गेम्स आयोजन समिति और जापान क्रिकेट एसोसिएशन के सहयोग से की जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि असली चिंता होटल नहीं, बल्कि मैदान, पिच और ड्रेसिंग रूम को लेकर थी। एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) की टीम ने वहां जाकर इन व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अब वह मैदान, विकेट और ड्रेसिंग रूम से संतुष्ट है।
भारतीय पुरुष टीम 20 सितंबर को जापान के लिए रवाना होगी। 22 सितंबर को वह जापान के खिलाफ ऐतिहासिक एकमात्र T20I मुकाबला खेलेगी। इसके बाद 28 सितंबर को एशियन गेम्स में अपना पहला मैच खेलेगी।
अमेरिका का कनाडा के डेयरी प्रोडक्ट और शराब पर बैन:मोटरसाइकिलों पर भी रोक, कनाडा के जवाबी टैरिफ के बाद फैसला; 29 सितंबर से लागू
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा से आने वाले डेयरी प्रोडक्ट, शराब और मोटरसाइकिलों पर रोक लगाने का फैसला किया है। यह बैन 29 सितंबर से लागू होगा। ट्रम्प ने यह फैसला कनाडा की ओर से अमेरिकी सामान पर 50% तक जवाबी टैरिफ लगाने के बाद लिया है। ट्रम्प के आदेश के तहत कनाडा से आने वाली शराब, वाइन और अल्कोहल-फ्री बीयर पर रोक लगेगी। इसके अलावा दूध से बने कुछ प्रोडक्ट भी अमेरिका में नहीं आ सकेंगे। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि बैन को सीमित रखा गया है, ताकि अमेरिकी लोगों के लिए सामान की कीमतें अचानक न बढ़ें। कनाडा ने अमेरिका के सामान पर 50% तक टैरिफ लगाया ट्रम्प के नए बैन से कुछ घंटे पहले कनाडा ने कई अमेरिकी सामान पर 50% तक जवाबी टैरिफ लागू किया था। कनाडा ने ये टैरिफ अमेरिका के लगाए टैरिफ के जवाब में लगाए हैं। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने ट्रम्प की व्यापार नीति का विरोध किया है। कनाडा का कहना है कि अमेरिका जितने डॉलर के सामान पर टैरिफ लगाएगा, वह भी लगभग उतने ही मूल्य के अमेरिकी सामान पर जवाबी शुल्क लगाएगा। ट्रम्प बोले- बराबरी नहीं तो अमेरिकी बाजार में जगह नहीं ट्रम्प ने अमेरिकी सरकार की खरीद में भी कनाडाई सामान को हटाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक कनाडा अमेरिकी किसानों और कंपनियों को अपने बाजार में बराबर और उचित मौका नहीं देता, तब तक कनाडा के सामान को अमेरिकी सरकारी खरीद में जगह नहीं मिलेगी। कनाडा की सरकार ने अमेरिकी कंपनियों पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई है। हालांकि, उसने सरकारी एजेंसियों से ठेकों में कनाडाई सामान और सेवाओं को प्राथमिकता देने को कहा है। ट्रम्प ने कुछ टैरिफ बढ़ाए, कुछ हटाए ट्रम्प ने कनाडा से आने वाले कुछ सामान पर टैरिफ के नियम भी बदले हैं। कनाडा के कई एल्युमिनियम प्रोडक्ट पर अब 50% टैरिफ लगेगा। वहीं, बेडशीट, मछली पकड़ने वाली छड़ और टॉयलेट पेपर में इस्तेमाल होने वाले टिश्यू पर लगाए गए कुछ शुल्क हटा दिए गए हैं। अमेरिका-कनाडा में 18 महीने से चल रहा ट्रेड-वॉर अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार विवाद करीब 18 महीने से जारी है। जुलाई में ट्रम्प ने कनाडा पर अमेरिकी उद्योगों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया था। इसके बाद ट्रम्प ने एक पुराने कानून का इस्तेमाल करते हुए चुनिंदा कनाडाई सामान पर 50% तक टैरिफ लगाने का फैसला किया। दोनों देशों के बीच कई महीनों तक बातचीत चली, लेकिन 21 अगस्त में यह बातचीत टूट गई। इसके बाद दोनों के बीच टैरिफ वॉर बढ़ गया। खबर अपडेट हो रही है…
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