मंगलवार को ब्रिटेन के हवाई यातायात प्रबंधन में आए अचानक और बड़े तकनीकी संकट के कारण पूरे देश का हवाई नेटवर्क पूरी तरह से चरमरा गया। ब्रिटेन के मुख्य एयर ट्रैफ़िक कंट्रोल (ATC) सिस्टम में आई एक तकनीकी खराबी की वजह से देश भर में उड़ानों का परिचालन बाधित हुआ। लोकप्रिय फ़्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24 के आंकड़ों के अनुसार, इस व्यवधान के कारण पूरे यूके में 1,000 से ज़्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि सैकड़ों अन्य उड़ानों में घंटों की देरी हुई। ब्रिटेन की नेशनल एयर ट्रैफ़िक सर्विसेज़ (NATS) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की है कि यह समस्या उनके मुख्य 'फ़्लाइट डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम' से जुड़ी हुई थी। जब इस गंभीर समस्या ने यूके के लगभग सभी प्रमुख हवाई अड्डों को अपनी चपेट में लिया, तब NATS के इंजीनियरों की टीम नेटवर्क को सुरक्षित रखने और सामान्य कामकाज बहाल करने के लिए आपातकालीन स्तर पर काम में जुट गई थी। इस अप्रत्याशित संकट ने ब्रिटेन और यूरोप की प्रमुख एयरलाइंस के शेड्यूल को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया:
प्रमुख एयरलाइंस पर पड़ा व्यापक असर
इस अप्रत्याशित संकट ने ब्रिटेन और यूरोप की प्रमुख एयरलाइंस के शेड्यूल को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया:
ब्रिटिश एयरवेज़ (British Airways): एयरलाइन प्रबंधन ने बताया कि उन्हें 100 से भी ज़्यादा उड़ानें रद्द या डायवर्ट (दूसरे हवाई अड्डों की ओर मोड़ने) करने पर मजबूर होना पड़ा। ब्रिटिश एयरवेज़ के एक प्रवक्ता ने स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा: "इस तकनीकी खराबी की व्यापकता का मतलब है कि इसका व्यापक और लंबे समय तक रहने वाला असर पड़ेगा। यह घटना पूरी तरह से हमारे नियंत्रण से बाहर थी और हमारे ग्राहकों व क्रू मेंबर्स के लिए बेहद निराशाजनक रही, क्योंकि विमान और क्रू अपनी निर्धारित जगहों पर मौजूद नहीं थे।"
रायनएयर (Ryanair): बजट एयरलाइन रायनएयर ने जानकारी दी कि इस सिस्टम फेलियर के कारण उनके 65,000 से अधिक यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। कंपनी को 50 से ज़्यादा तय फ़्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं।
ईज़ीजेट (easyJet): ईज़ीजेट ने स्पष्ट किया कि ATC सिस्टम डाउन होने के कारण उनकी कई उड़ानें "नहीं चल पाईं"। कंपनी ने यात्रियों को चेतावनी दी है कि इस व्यवधान का असर केवल यूके तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका 'नॉक-ऑन प्रभाव' पूरे यूरोप में उड़ानों में देरी के रूप में देखने को मिलेगा।
लंदन हीथ्रो से स्कॉटलैंड तक हवाई अड्डे प्रभावित
इस तकनीकी खराबी का असर ब्रिटेन के लगभग हर कोने में स्थित हवाई अड्डों पर पड़ा। देश के सबसे व्यस्त लंदन हीथ्रो (Heathrow) हवाई अड्डे की आधिकारिक वेबसाइट पर कई उड़ानों के रद्द होने और अनिश्चितकालीन देरी के अपडेट दिखते रहे, जिनमें मुख्य रूप से यूरोपीय गंतव्यों के लिए छोटी दूरी (Short-haul) की उड़ानें शामिल थीं।
इसके अलावा, जिन अन्य प्रमुख हवाई अड्डों पर भारी अफरा-तफरी का माहौल देखा गया, उनमें शामिल हैं:
लंदन स्टैनस्टेड (London Stansted)
लंदन सिटी एयरपोर्ट (London City Airport)
गैटविक (Gatwick)
मैनचेस्टर (Manchester)
बर्मिंघम (Birmingham)
स्कॉटलैंड के सभी प्रमुख हवाई अड्डे (एडिनबर्ग, ग्लासगो आदि)
विमानों के भीतर फंसे रहे यात्री; सोशल मीडिया पर निकला गुस्सा
फ़्लाइट्स के अचानक रद्द और डिले होने के कारण हज़ारों यात्री रनवे और टर्मिनल पर फंसे रहे। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया (X/ट्विटर) पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए बताया कि उड़ान रद्द होने की आधिकारिक घोषणा से पहले उन्हें घंटों तक विमानों के अंदर ही बैठाकर रखा गया।
यात्रियों ने यह भी शिकायत की कि इस पूरे संकट के दौरान एयरलाइंस और हवाई अड्डा अधिकारियों की तरफ़ से संवाद (Communication) बेहद निराशाजनक और अस्पष्ट था। दूर-दराज के देशों से यात्रा कर रहे कनेक्टिंग फ़्लाइट्स वाले यात्रियों को भी टर्मिनलों पर रात बिताने के लिए मजबूर होना पड़ा।
यात्रियों के लिए सलाह
नागरिक उड्डयन अधिकारियों और एयरलाइंस ने सभी यात्रियों से सख्त अपील की है कि वे हवाई अड्डे के लिए निकलने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइंस की वेबसाइट या ऐप पर अपनी फ़्लाइट का लाइव स्टेटस (Flight Status) अवश्य जांच लें। अधिकारियों का कहना है कि हालांकि सिस्टम को ठीक करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन विमानों और क्रू मेंबर्स के असंतुलन (Displacement) के कारण उड़ानों के शेड्यूल को पूरी तरह से सामान्य होने में कुछ दिनों का समय लग सकता है।
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रतलाम प्रशासन द्वारा आने वाले त्योहारों को देखते हुए डीजे, साउंड सिस्टम और लाउड स्पीकर को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। धार्मिक स्थलों पर जितने भी तेज आवाज में बजने वाले लाउडस्पीकर लगाए गए हैं उन्हें हटाया जा रहा है। जिला और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा ये कार्रवाई की गई है।
प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई के तहत मंगलवार दोपहर से देश शाम तक पांच धार्मिक स्थलों से लगभग 18 लाउडस्पीकर हटाए गए। इनमें मंदिर तथा मस्जिद दोनों ही जगहों पर कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि अभी 7 दिनों तक यह अभियान जारी रहने वाला है।
हटाए गए लाउड स्पीकर
आने वाले त्योहारों की तैयारी और सुरक्षा की दृष्टि को लेकर हाल ही में रतलाम कलेक्टर अजय कटेसरिया ने ध्वनि विस्तारक यंत्र को लेकर कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए थे। कलेक्टर ने साफ शब्दों में अधिकारियों को यह निर्देश दिए थे की धार्मिक स्थलों की जांच कर वहां पर लगे हुए लाउडस्पीकर को हटा दें ताकि किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े। इस दौरान यह भी स्पष्ट किया गया था कि तय डेसीबल सीमा से ज्यादा आवाज में कोई भी ध्वनि विस्तारक यंत्र नहीं बजाया जाना चाहिए। इसी निर्देश के तहत अलग-अलग टीम बनाकर लाउडस्पीकर हटाए जाने की कार्रवाई की गई।
यहां हुई कार्रवाई
प्रशासन द्वारा लाउडस्पीकर हटाए जाने के लिए कार्रवाई मेहंदीकुई बालाजी मंदिर, अबु बकर मस्जिद, रजा मस्जिद, जमातखाना मदीना मस्जिद, शेरानीपुरा जमातखाना मस्जिद पर की गई। इन सभी जगह से लाउडस्पीकर हटाए गए। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि बातचीत कर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्पीकर हटाने का ये अभियान अगले 7 दिनों तक जारी रहने वाला है।
प्रशासन को मिला सहयोग
किसी भी धार्मिक स्थल से लाउडस्पीकर हटाने के दौरान प्रशासन को वाद विवाद या विरोध का सामना नहीं करना पड़ा। एडीएम तरुण जैन, तहसीलदार कुलभूषण शर्मा आशीष उपाध्याय और संबंधित पुलिस थाना की टीम में धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर वहां की जांच की। टीम द्वारा अनावश्यक रूप से लगे हुए लाउडस्पीकर को हटाने के लिए संचालकों, मंदिर समिति और मस्जिद कमेटियों से बातचीत की। ऐसे में प्रशासन का सहयोग करते हुए संस्थाओं और कमेटियों द्वारा खुद ही लाउडस्पीकर हटा दिए गए।
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