भारत 20 साल बाद AFC U20 एशियन कप में पहुंचा:बांग्लादेश को 3-0 से हराया, सीरिया की हार से मिली मुख्य टूर्नामेंट में जगह
भारत ने 20 साल बाद AFC U-20 एशियन कप के लिए क्वालीफाई किया: बांग्लादेश को 3-0 से हराया; सीरिया की हार से मिला टिकट, मार्च में चीन में टूर्नामेंट भारतीय अंडर-20 फुटबॉल टीम ने 20 साल बाद AFC U-20 एशियन कप के मुख्य टूर्नामेंट में जगह बना ली है। ब्लू कोल्ट्स ने रविवार को ताशकंद में खेले गए ग्रुप-B के आखिरी क्वालीफायर में बांग्लादेश को 3-0 से हराया। इसके बाद उज्बेकिस्तान ने सीरिया को 3-0 से हरा दिया, जिससे भारत 6 अंक के साथ ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहा और आठ ग्रुप की सात सर्वश्रेष्ठ रनर-अप टीमों में शामिल होकर मुख्य टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई कर गया। भारत ने आखिरी बार 2006 में इस टूर्नामेंट के मुख्य चरण में खेला था। भारत ने 3 मैच में 2 जीत हासिल कीं भारत ने क्वालीफाइंग राउंड में तीन मुकाबले खेले। टीम ने पहला मैच सीरिया के खिलाफ 1-0 से जीता था। इसके बाद उज्बेकिस्तान के खिलाफ उसे 0-4 से हार मिली। बांग्लादेश के खिलाफ आखिरी मैच भारत के लिए करो या मरो जैसा था। जीत के साथ टीम के खाते में 6 अंक पहुंचे, लेकिन ग्रुप से क्वालीफिकेशन तभी पक्का होना था जब सीरिया, उज्बेकिस्तान के खिलाफ जीत दर्ज न करे। उज्बेकिस्तान ने सीरिया को हराया, भारत का टिकट पक्का भारत की जीत के बाद सभी की नजर सीरिया और उज्बेकिस्तान के मुकाबले पर थी। उज्बेकिस्तान ने सीरिया को 3-0 से हरा दिया। इस नतीजे के बाद उज्बेकिस्तान 9 अंक के साथ ग्रुप-B में पहले स्थान पर रहा। भारत 6 अंक के साथ दूसरे, सीरिया 3 अंक के साथ तीसरे और बांग्लादेश बिना अंक के चौथे स्थान पर रहा। भारत ने सात सर्वश्रेष्ठ उपविजेता टीमों में जगह बनाकर मुख्य टूर्नामेंट में प्रवेश किया। बांग्लादेश अपने तीनों मैच हारने के बाद डेवलपमेंट फेज में चला गया। डेनी ने बढ़त दिलाई, विशाल ने एक्रोबेटिक गोल किया बांग्लादेश के खिलाफ भारत ने शुरुआती मिनटों में धीरे-धीरे दबाव बनाना शुरू किया। 25वें मिनट में डेनी मैतेई लैशराम ने भारत को बढ़त दिलाई। भारत के हमले के दौरान डेनी ने बांग्लादेश के डिफेंडर पर दबाव बनाया, जिससे गेंद भारतीय खिलाड़ियों के कब्जे में आई। इसके बाद बॉक्स के अंदर मिले मौके को डेनी ने गोल में बदलकर टीम को 1-0 से आगे कर दिया। 34वें मिनट में डेनी के फ्री-किक से भारत को दूसरा गोल करने का मौका मिला, लेकिन बांग्लादेश के गोलकीपर राज चौधरी ने गेंद को रोक लिया। 60वें मिनट में विशाल का शानदार फिनिश दूसरे हाफ में भारत ने दबाव बनाए रखा। 60वें मिनट में टीम को दूसरा गोल मिला। लंबे थ्रो के बाद गेंद रिषिकांत के जरिए विशाल यादव तक पहुंची। विशाल ने एक्रोबेटिक फिनिश करते हुए गेंद को गोल में पहुंचा दिया। 2-0 से पिछड़ने के बाद बांग्लादेश ने आक्रामक होकर वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय डिफेंस ने उसे ज्यादा मौके नहीं दिए। स्थानापन्न अरबाश ने 79वें मिनट में स्कोर 3-0 किया भारत के मुख्य कोच महेश गवली ने 72वें मिनट में डेनी और विशाल को हटाकर मोहम्मद अरबाश और प्रशान जाजो को मैदान पर उतारा। सात मिनट बाद ही यह बदलाव काम कर गया। याइफारेम्बा चिंगाकहम ने मूव की शुरुआत की और भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार पास के जरिए बांग्लादेश की डिफेंस को खोला। अरबाश ने बाएं पैर से ताकतवर शॉट लगाकर गेंद को गोल के ऊपरी हिस्से में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ भारत ने 3-0 की बढ़त बना ली और बाकी समय आसानी से निकालते हुए मुकाबला अपने नाम किया। 20 साल बाद एशियन कप के मुख्य टूर्नामेंट में वापसी भारत ने आखिरी बार 2006 में AFC U-20 एशियन कप के मुख्य टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था। इसके बाद टीम इस स्तर पर मुख्य टूर्नामेंट में जगह नहीं बना सकी थी। अब भारत के पास एशिया की शीर्ष युवा टीमों के खिलाफ खेलने का मौका होगा। यह खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव हासिल करने का अहम अवसर भी होगा। चीन में 24 मार्च से शुरू होगा मुख्य टूर्नामेंट AFC U-20 एशियन कप का मुख्य टूर्नामेंट चीन में 24 मार्च से 10 अप्रैल 2027 तक खेला जाएगा। भारत ने क्वालीफिकेशन के साथ टूर्नामेंट में अपनी जगह बना ली है। क्वालीफाइंग राउंड में भारत ने सीरिया और बांग्लादेश के खिलाफ जीत दर्ज की, जबकि उज्बेकिस्तान के खिलाफ उसे हार मिली। अब टीम मैनेजमेंट के सामने मुख्य टूर्नामेंट के लिए खिलाड़ियों को तैयार करने की चुनौती होगी। क्वालीफिकेशन के बाद होटल के बाहर जश्न मुख्य टूर्नामेंट में जगह पक्की होने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने टीम होटल के बाहर डांस करके जश्न मनाया। ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) ने भी खिलाड़ियों के सेलिब्रेशन का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। यह उपलब्धि भारतीय युवा फुटबॉल के लिए इसलिए भी अहम है, क्योंकि टीम ने दो दशक के इंतजार के बाद एशिया के इस बड़े युवा टूर्नामेंट में वापसी की है।
शोएब अख्तर बोले- मौजूदा टीम से कोई उम्मीद नहीं:2 साल में संभलेगा सेटअप, क्रिकेट वेंटिलेटर पर; मिस्बाह ने भी सिस्टम पर सवाल उठाए
इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान के खराब प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने टीम में बदलाव शुरू कर दिए हैं। इंग्लैंड तीन टेस्ट की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त ले चुका है और तीसरा मुकाबला बाकी है। इसी बीच पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने कहा है कि PCB को मौजूदा टीम से कोई उम्मीद नहीं है। उनके मुताबिक, बोर्ड युवा खिलाड़ियों की नई टीम तैयार करने पर ध्यान दे रहा है। वहीं पूर्व टेस्ट कप्तान मिस्बाह-उल-हक ने स्थानीय और विदेशी कोचों के साथ अलग-अलग व्यवहार किए जाने पर सवाल उठाए हैं। मिस्बाह ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट में विदेशी कोचों को ज्यादा अधिकार और ताकत दी जाती है, जबकि स्थानीय कोचों को ज्यादा आलोचना और निगरानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान को बार-बार जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय लंबे समय की योजना पर काम करना चाहिए। इंग्लैंड ने दोनों टेस्ट बड़े अंतर से जीते इंग्लैंड ने हेडिंग्ले में पहला टेस्ट पारी और 103 रन से जीता था। इसके बाद लॉर्ड्स में पाकिस्तान को 194 रन से हराया। इन दोनों हार के बाद PCB ने कोचिंग स्टाफ और खिलाड़ियों के स्तर पर बदलाव किए। सरफराज अहमद और उमर गुल को कोचिंग सेटअप से हटा दिया गया है। माइक हेसन ने टीम की जिम्मेदारी संभाल ली है, जबकि ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज एश्ले नॉफ्के उनके सहायक के तौर पर जुड़े हैं। तीसरे और आखिरी टेस्ट के लिए पाकिस्तान के स्क्वॉड से 7 खिलाड़ियों को बाहर किया गया है। इनमें मोहम्मद रिजवान, इमाम-उल-हक और सलमान अली आगा जैसे सीनियर खिलाड़ी शामिल हैं। शोएब बोले- PCB अब नई टीम तैयार कर रहा शोएब अख्तर ने ‘OutSide EDGE’ शो में कहा कि PCB सिर्फ इंग्लैंड के खिलाफ मिली हार पर प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है। उनके मुताबिक, बोर्ड इस दौरे को टीम के बड़े पुनर्निर्माण की शुरुआत के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है। अख्तर ने कहा, “PCB इन खिलाड़ियों से बहुत निराश था और उसे पाकिस्तान की इस टीम से कोई उम्मीद नहीं है। प्लान इस टीम को हटाकर युवा और नए खिलाड़ियों को लाने का है। ऐसे खिलाड़ी जो सिर्फ पाकिस्तान के लिए खेलना चाहते हैं। वे अब भविष्य पर ध्यान दे रहे हैं और सही तरीके से काम कर रहे हैं।” उन्होंने हालांकि शाहीन शाह अफरीदी, नसीम शाह और हारिस रऊफ जैसे तेज गेंदबाजों के करियर को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी। अख्तर के मुताबिक, इन खिलाड़ियों के करियर में अभी काफी क्रिकेट बाकी है। PCB अधिकारी ने कहा- ‘कुछ नहीं’ की उम्मीद अख्तर ने PCB के एक अधिकारी से हुई बातचीत का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, उन्होंने अधिकारी से पूछा था कि इंग्लैंड दौरे पर मौजूदा टीम से बोर्ड को क्या उम्मीद है। अख्तर ने अधिकारी के हवाले से कहा, “कुछ नहीं। हमारी उम्मीदें उन खिलाड़ियों की अगली पीढ़ी से हैं, जिन्हें हम बड़े मंच के लिए तैयार कर रहे हैं।” अख्तर ने दावा किया कि इसी अधिकारी ने पाकिस्तान क्रिकेट की स्थिति को ‘वेंटिलेटर पर’ बताया था। उनके मुताबिक, राष्ट्रीय क्रिकेट सेटअप को दोबारा मजबूत करने में करीब दो साल लग सकते हैं। मिस्बाह बोले- विदेशी और स्थानीय कोचों के साथ अलग व्यवहार हाल ही में राष्ट्रीय चयनकर्ता पद से हटे पूर्व टेस्ट कप्तान मिस्बाह-उल-हक ने भी पाकिस्तान क्रिकेट सिस्टम पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय और विदेशी कोचों के साथ समान व्यवहार नहीं किया जाता। मिस्बाह ने एक टीवी शो पर कहा, “यह तथ्य है कि पाकिस्तान क्रिकेट में स्थानीय और विदेशी कोचों के साथ अलग व्यवहार किया जाता है। स्थानीय कोचों को विदेशी कोचों की तुलना में ज्यादा जांच और आलोचना का सामना करना पड़ता है।” उन्होंने कहा कि उन्हें विदेशी कोच रखने में कोई परेशानी नहीं है, लेकिन विदेशी कोचों के प्रति PCB, मीडिया, आलोचकों और प्रशंसकों का रवैया ज्यादा नरम रहता है। मिस्बाह के मुताबिक, विदेशी कोचों को ज्यादा अधिकार और ताकत दी जाती है। टीम के खराब प्रदर्शन पर भी उन्हें स्थानीय कोचों की तुलना में कम जिम्मेदार ठहराया जाता है। ‘खराब प्रदर्शन के बाद खिलाड़ियों को मानसिक रूप से कमजोर करते हैं’ मिस्बाह ने खिलाड़ियों के खराब प्रदर्शन के बाद उन्हें लगातार निशाना बनाने की प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि किसी खराब प्रदर्शन के बाद खिलाड़ी को बार-बार आलोचना का सामना करना पड़ता है, जिससे उसके लिए फॉर्म और आत्मविश्वास हासिल करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट की मुख्य समस्या के तौर पर निरंतरता, धैर्य और लंबे समय की योजना की जरूरत बताई। मिस्बाह ने कहा कि दबाव में आकर बार-बार तुरंत फैसले लेने के बजाय प्रदर्शन और परिस्थितियों का विश्लेषण करके आगे की रणनीति बनानी चाहिए। उन्होंने कहा, “हमें दबाव में आकर कॉस्मेटिक सर्जरी नहीं करनी चाहिए। हमें प्रदर्शन और स्थिति का विश्लेषण करना चाहिए और फिर तय करना चाहिए कि आगे कैसे बढ़ना है।” मिस्बाह बोले- पाकिस्तान में फैसले अक्सर प्रतिक्रिया में लिए जाते हैं मिस्बाह के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट में अक्सर फैसले समस्या सामने आने के बाद प्रतिक्रिया के तौर पर लिए जाते हैं। उनका मानना है कि सिस्टम को लंबे समय की योजना के साथ चलाने की जरूरत है। उन्होंने भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय क्रिकेट आगे इसलिए बढ़ा क्योंकि वहां घबराकर फैसले लेने के बजाय योजनाओं पर काम किया गया। उन्होंने रोहित शर्मा और विराट कोहली का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय क्रिकेट सिस्टम ने खिलाड़ियों को समय देकर तैयार किया। मिस्बाह के मुताबिक, भारत ने 1990 के दशक के बाद अपने क्रिकेट सिस्टम में धीरे-धीरे निवेश किया और उसका असर अब दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के सिस्टम को बदलने का कोई ‘क्विक फिक्स’ नहीं होता। ‘हमारे युवा ज्यादा व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेल रहे’ मिस्बाह ने पाकिस्तान के युवा खिलाड़ियों की तैयारी को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि युवा क्रिकेटर्स ज्यादा व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेल रहे हैं और रेड-बॉल क्रिकेट में उनका अनुभव सीमित है। उनके मुताबिक, चार दिवसीय क्रिकेट पर्याप्त नहीं खेलने से खिलाड़ियों को टेस्ट क्रिकेट के दबाव का अनुभव कम मिलता है। इससे बड़े मंच पर दबाव झेलना उनके लिए मुश्किल हो सकता है। उन्होंने कहा कि भारत के खिलाड़ियों को भी सिस्टम तैयार करने में समय लगा था। पाकिस्तान को भी धैर्य के साथ घरेलू और रेड-बॉल क्रिकेट को मजबूत करना होगा। तीसरे टेस्ट में क्लीन स्वीप से बचने की चुनौती पाकिस्तान अब एजबेस्टन में तीसरा टेस्ट खेलेगा। टीम के सामने सीरीज में 3-0 की हार से बचने की चुनौती है। हालांकि, इस दौरे के दौरान लिए गए फैसले और पूर्व खिलाड़ियों की टिप्पणियां बताती हैं कि पाकिस्तान क्रिकेट के सामने चुनौती सिर्फ इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज का नतीजा नहीं है। PCB को अब टीम चयन, कोचिंग, युवा खिलाड़ियों की तैयारी और पूरे क्रिकेट सिस्टम को लेकर लंबे समय की रणनीति बनाने की जरूरत है।
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