WhatsApp पर आएंगे थर्ड-पार्टी AI Agents, अलग चैट में कर सकेंगे बात, जानें कैसे करेगा काम
WhatsApp जल्द थर्ड-पार्टी AI एजेंट्स को प्लेटफॉर्म से जोड़ने का फीचर ला सकता है. यूजर्स अलग-अलग चैट में इन AI एजेंट्स से बात कर सकेंगे और उन्हें सेटिंग्स से मैनेज कर पाएंगे.
The post WhatsApp पर आएंगे थर्ड-पार्टी AI Agents, अलग चैट में कर सकेंगे बात, जानें कैसे करेगा काम appeared first on Prabhat Khabar.
कौन हैं फरमान हसन खान? इलाज से शिक्षा तक सेवा के जरिए हजारों जिंदगियों में किया बदलाव
समाज में बदलाव केवल बड़े भाषणों से नहीं आता. इसके लिए जमीन पर उतरकर लोगों की जरूरतों को समझना और उनके समाधान के लिए लगातार काम करना पड़ता है. बरेली के भारत गौरव रत्न से सम्मानित युवा सामाजिक कार्यकर्ता फरमान हसन खान इसी सोच के साथ लंबे समय से स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सद्भाव के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. उनकी पहल का उद्देश्य जरूरतमंदों को केवल तत्काल सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर और आत्मनिर्भर जीवन का अवसर उपलब्ध कराना है.
फरमान हसन खान की सामाजिक पहल के तहत अब तक 6,000 से अधिक जरूरतमंद मरीजों की मुफ्त शल्य चिकित्सा करवाया गया है. इसके अलावा हज़ारो की संख्या में गरीब और जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षा संबंधी सहायता, प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त तैयारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया है. नीट जैसी कठिन चिकित्सा प्रवेश परीक्षा की मुफ्त तैयारी के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है. इस साल उनकी मुफ्त नीट कोचिंग से तकरीबन 30 बच्चों ने क्वालीफाई किया.
इलाज के खर्च से मिली राहत
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए गंभीर बीमारी का इलाज अक्सर बड़ी चुनौती बन जाता है. ऐसे परिवारों को ध्यान में रखते हुए मुफ्त चिकित्सा सहायता और शल्य चिकित्सा की व्यवस्था की गई. मोतियाबिंद, गुर्दे, पित्त की पथरी, हर्निया सहित विभिन्न बीमारियों से पीड़ित जरूरतमंद मरीजों को इसका लाभ मिला है.
एक मरीज के लिए मुफ्त ऑपरेशन का अर्थ केवल इलाज मिलना नहीं, बल्कि परिवार पर पड़ने वाले बड़े आर्थिक बोझ से राहत भी है. इसी सोच के साथ स्वास्थ्य सेवा को सामाजिक कार्यों का प्रमुख हिस्सा बनाया गया है.
गरीब बच्चों के सपनों को मिला सहारा
फरमान हसन खान का मानना है कि आर्थिक कमजोरी किसी बच्चे की प्रतिभा के रास्ते में बाधा नहीं बननी चाहिए. इसी उद्देश्य से जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए मुफ्त शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की व्यवस्था की जा रही है. विशेष रूप से नीट,यूपीएससी,कक्षा 6 से 12 की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को मुफ्त कोचिंग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की पहल ने उन परिवारों के बच्चों के लिए उम्मीद पैदा की है, जो महंगी कोचिंग का खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं. इस पहल से कई विद्यार्थी चिकित्सा शिक्षा की दिशा में आगे बढ़े हैं.
कंप्यूटर शिक्षा से आत्मनिर्भरता की ओर
आज के दौर में शिक्षा के साथ तकनीकी ज्ञान भी जरूरी है. इसे ध्यान में रखते हुए युवाओं और महिलाओं के लिए मुफ्त कंप्यूटर प्रशिक्षण की पहल की गई है. कंप्यूटर शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के साथ रोजगार के लिए जरूरी कौशल विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है. खास तौर पर लड़कियों को कंप्यूटर शिक्षा से जोड़ना इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है. फरमान हसन खान की सोच है कि किसी जरूरतमंद को केवल सहायता देने के बजाय उसे ऐसा हुनर दिया जाए, जिससे वह भविष्य में स्वयं अपने पैरों पर खड़ा हो सके.
पौधारोपण का संदेश पहुंचा देश-दुनिया तक
सेवा का दायरा केवल स्वास्थ्य और शिक्षा तक सीमित नहीं है. पर्यावरण संरक्षण को भी सामाजिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है. फरमान हसन खान के आह्वान पर देश के विभिन्न हिस्सों के साथ दुनिया के अलग-अलग स्थानों पर लाखों पौधे लगाए जाने का अभियान चलाया जा रहा है. लोगों को अपने बुजुर्गों की याद में पौधे लगाने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित किया गया. इस पहल का उद्देश्य केवल पौधारोपण की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि समाज में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा करना है.
बच्चों को शिक्षा सामग्री से लेकर जरूरतमंदों तक भोजन
फरमान हसन खान की सामाजिक पहल में जरूरतमंद बच्चों को शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की सहायता जैसे कार्य भी शामिल हैं. किताबें, कॉपियां और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराकर बच्चों को पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है. जरूरतमंद और गरीब लोगों तक भोजन पहुंचाने के प्रयास भी किए जाते हैं, ताकि किसी व्यक्ति को भूखे पेट न सोना पड़े.
महिलाओं और युवाओं को आगे बढ़ाने पर जोर
समाज के विकास के लिए महिलाओं और युवाओं की भागीदारी को जरूरी मानते हुए कौशल विकास और शिक्षा से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है. कंप्यूटर प्रशिक्षण, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और शिक्षा के माध्यम से युवाओं और महिलाओं को अधिक सक्षम बनाने की कोशिश की जा रही है. उनका मानना है कि जब युवा अपने पैरों पर खड़े होंगे और महिलाएं आर्थिक व सामाजिक रूप से मजबूत होंगी, तभी समाज वास्तविक अर्थों में आगे बढ़ेगा.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation








