‘दायरा’ के ट्रेलर ने बढ़ाई एक्साइटमेंट, क्षिती जोग से जितेंद्र जोशी तक इन चेहरों ने जीता दिल
‘दायरा’ का ट्रेलर रिलीज हुए अभी ज्यादा वक्त भी नहीं हुआ है और ऑडियंस पहले ही डिटेक्टिव मोड में आ गई है. हर कोई यह जानने की कोशिश कर रहा है कि फिल्म की इस इंटरेस्टिंग एन्सेम्बल कास्ट में आखिर और कौन-कौन शामिल है. करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन की जोड़ी फिलहाल टॉक ऑफ द टाउन बनी हुई है, वहीं ईगल-आइड दर्शकों ने कुछ जाने-पहचाने मराठी चेहरों को भी स्पॉट कर लिया है, जिन्होंने चुपचाप लेकिन दमदार तरीके से अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है और जैसे-जैसे कास्ट को लेकर एक्साइटमेंट बढ़ रही है, वैसे-वैसे लोगों की नजरें इन कलाकारों पर भी टिक रही हैं. क्षिती जोग के दिल छू लेने वाले इमोशनल ब्रेकडाउन से लेकर जितेंद्र जोशी के इंटेंस कॉप अवतार तक, इन कलाकारों की झलक भले ही कुछ सेकंड की हो, लेकिन ट्रेलर में इमोशन, इंट्रीग और ऑथेंटिसिटी जोड़ने के लिए ये पल काफी हैं.
‘राजी’ और ‘तलवार’ से लेकर ‘सैम बहादुर’ तक, नेशनल अवॉर्ड विनिंग फिल्ममेकर मेघना गुलजार ने हमेशा अपनी फिल्मों में बेहतरीन कलाकारों को कास्ट किया है. ‘दायरा’ के साथ ऐसा लगता है कि उन्होंने इस ग्राफ को एक कदम और ऊपर ले जाने की कोशिश की है। फिल्म में करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन लीड रोल्स में हैं. यहां उन मराठी एक्टर्स पर नजर डालते हैं, जिन्होंने हमारा ध्यान खींचा और अपने-अपने अंदाज में ‘दायरा’ के ट्रेलर को और दमदार बना दिया.
क्षिती जोग की दर्दभरी चीख ने खड़े किए रोंगटे
कभी-कभी कुछ सेकंड ही अपनी छाप छोड़ने के लिए काफी होते हैं. ‘दायरा’ के ट्रेलर में क्षिती जोग की इमोशनल झलक कुछ ऐसा ही पल है. फिल्म में विक्टिम की मां का किरदार निभा रहीं क्षिती की कच्ची और दर्द से भरी चीख उस पैरेंट का बेशुमार दर्द बयां करती है, जो एक ऐसी अनहोनी त्रासदी के बाद जवाब तलाश रहा है, जिसकी कल्पना भी करना मुश्किल है. उनकी यह छोटी सी झलक सीधे क्राइम की ह्यूमन कॉस्ट पर फोकस करती है. स्क्रीन पर उनका मोमेंट भले ही छोटा हो, लेकिन उसके पीछे छिपा इमोशन बिल्कुल छोटा नहीं है. यह एक ऐसे ट्रेलर में दर्द और टूटे हुए दिल की गहरी परत जोड़ता है, जो पहले से ही टेंशन और इन्वेस्टिगेशन से भरपूर है. साथ ही, यह सवाल भी छोड़ जाता है कि फिल्म में उनके किरदार की कहानी आखिर कितनी गहरी है.
इंस्पेक्टर बनकर जितेंद्र जोशी ने दिखाया अपना दमदार अंदाज
जितेंद्र जोशी भी ट्रेलर में एक ऐसे जाने-पहचाने चेहरे के तौर पर नजर आते हैं, जिन्होंने तुरंत ध्यान खींच लिया है। इंस्पेक्टर के रोल में नजर आ रहे जितेंद्र ने अपने खास इंटेंस अंदाज से ‘दायरा’ की इन्वेस्टिगेटिव दुनिया में एक ग्राउंडेड और हल्की-सी विट्टी एनर्जी जोड़ी है. ट्रेलर में उनकी झलक इशारा करती है कि उनका कॉप कैरेक्टर इस केस से काफी गहराई से जुड़ा हुआ है और वह उस पजल का एक अहम हिस्सा हो सकता है, जिसे ऑडियंस अभी से जोड़ने में लगी हुई है. शायद यही उनके किरदार को इतना इंटरेस्टिंग बनाता है. ट्रेलर जितना जितेंद्र को दिखाता है, उतना ही हमें उनके किरदार के बारे में और जानने की उत्सुकता बढ़ जाती है. जब ऑडियंस पहले ही फिल्म की एन्सेम्बल कास्ट को लेकर तरह-तरह के कयास लगा रही है, तो जितेंद्र की मौजूदगी इस क्यूरियोसिटी को और बढ़ा देती है.
जितना गौर से देखेंगे, उतने ही चेहरे नजर आएंगे!
करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन की जोड़ी ट्रेलर के बाद से भले ही टॉक ऑफ द टाउन बनी हुई है, लेकिन सपोर्टिंग कास्ट यह साबित कर रही है कि ‘दायरा’ में अभी बहुत कुछ डिस्कवर करना बाकी है और जब ऑडियंस पहले ही पूछ रही है, “दायरा में और कौन-कौन है?”, तो फिल्म की एन्सेम्बल कास्ट को लेकर एक्साइटमेंट लगातार बढ़ती जा रही है.
डीसीपी रमन की टीम में शामिल हुए संदेश कुलकर्णी
ट्रेलर में नजर आए एक और जाने-पहचाने मराठी चेहरे हैं संदेश कुलकर्णी, जो ‘दायरा’ में एक पुलिस ऑफिसर के किरदार में दिखाई देंगे. भले ही उनकी झलक काफी छोटी है, लेकिन उनकी मौजूदगी फिल्म के स्ट्रॉन्ग पुलिस बैकड्रॉप को और मजबूत करती है. कहानी एक ग्रिपिंग क्राइम इन्वेस्टिगेशन के इर्द-गिर्द घूमती है, ऐसे में पुलिस टीम इस मिस्ट्री को सुलझाने में अहम भूमिका निभाती नजर आ सकती है. ट्रेलर में संदेश की झलक उन कई ऑफिसर्स की तरफ इशारा करती है, जो इस केस के पीछे काम कर रहे हैं. उनकी मौजूदगी फिल्म की इम्प्रेसिव कास्ट में एक और सीज़न्ड मराठी परफॉर्मर को जोड़ती है.
पुलिस टीम का हिस्सा बनकर ट्रुप्ती खामकर ने भी खींचा ध्यान
ट्रुप्ती खामकर भी ‘दायरा’ के ट्रेलर में नजर आने वाली एक और मराठी एक्टर हैं. वह फिल्म में एक पुलिस ऑफिसर के रोल में दिखाई देंगी. हालांकि ट्रेलर में उनके किरदार के बारे में ज्यादा कुछ रिवील नहीं किया गया है, लेकिन उनकी छोटी सी झलक ने ऑडियंस का ध्यान जरूर खींचा है. जिस तरह से फिल्म में पुलिस टीम को इस केस की इन्वेस्टिगेशन में अहम भूमिका निभाते हुए दिखाया गया है, ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि ट्रुप्ती का किरदार इस पूरी कहानी में किस तरह फिट बैठता है और मिस्ट्री को आगे बढ़ाने में उसका क्या रोल रहता है. मेघना गुलजार के डायरेक्शन में बनी ‘दायरा’ में करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन लीड रोल्स में हैं. फिल्म को जंगली पिक्चर्स और डॉ. जयंतीलाल गड़ा (पेन स्टूडियोज) ने प्रोड्यूस किया है. पेन मरुधर द्वारा डिस्ट्रीब्यूट की जा रही यह फिल्म 18 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.
UN की पाकिस्तान को फटकार, अहमदिया समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील, अहमदिया समुदाय के उत्पीड़न पर जताई गंभीर चिंता
संयुक्त राष्ट्र (UN) ने पाकिस्तान में अहमदिया मुस्लिम समुदाय के खिलाफ भेदभाव, हिंसा और कानूनी प्रतिबंधों पर गंभीर चिंता जताई है. विशेषज्ञों ने पाकिस्तान सरकार से सभी नागरिकों की धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है. UN विशेषज्ञों के अनुसार, अहमदिया समुदाय के सदस्यों को उनकी धार्मिक पहचान के कारण कथित रूप से उत्पीड़न, आपराधिक मुकदमों, हिंसा और सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को विचार, अंतरात्मा और धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार है और किसी भी व्यक्ति के साथ उसके धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए.
घटनाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए
यूएन की रिपोर्ट में अहमदिया इबादतगाहों पर हमलों, कब्रों के अपमान, धार्मिक आयोजनों में कथित हस्तक्षेप, धार्मिक पहचान के आधार पर गिरफ्तारियों और नफरत फैलाने वाले भाषणों की रिपोर्टों का उल्लेख किया गया है. विशेषज्ञों ने कहा कि ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कार्रवाई की जानी चाहिए.
आपराधिक कार्रवाई का सामना नहीं करना चाहिए
विशेषज्ञों ने कहा कि पाकिस्तान को हिंसा और धार्मिक घृणा फैलाने वालों के खिलाफ दंडहीनता की प्रवृत्ति समाप्त करनी चाहिए. उनका कहना है कि धार्मिक त्योहार मनाने या धार्मिक आस्था का पालन करने के कारण किसी व्यक्ति को गिरफ्तारी, निगरानी या आपराधिक कार्रवाई का सामना नहीं करना चाहिए.
सम्मानजनक माहौल सुनिश्चित करने की आवश्यकता
UN विशेषज्ञों ने पाकिस्तान सरकार से आग्रह किया कि वह ऐसे कानूनों और प्रशासनिक प्रावधानों की समीक्षा करे जो अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दायित्वों, विशेषकर धर्म की स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण सभा और समानता के अधिकारों के अनुरूप नहीं हैं. विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि धार्मिक असहिष्णुता से निपटने के लिए केवल अलग-अलग घटनाओं पर प्रतिक्रिया देना पर्याप्त नहीं है. इसके लिए विविधता के सम्मान, नफरत फैलाने वाली गतिविधियों पर रोक और सभी धार्मिक समुदायों के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक माहौल सुनिश्चित करने की आवश्यकता है.
UN ने बताया कि इस मुद्दे पर पाकिस्तान सरकार के साथ उसका संवाद जारी है और वह रचनात्मक सहयोग के माध्यम से धार्मिक स्वतंत्रता तथा अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए तैयार है.
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