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Weather Update IMD: देश में फिर बदला मौसम का मिजाज; 19 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

दक्षिण-पश्चिम मानसून के दोबारा सक्रिय होने से देश के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों से लेकर ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर के राज्यों तक मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरस रही है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 7 सितंबर तक देश के 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की है।

​उत्तराखंड और असम में भारी तबाही, 15 से अधिक की मौत 
बारिश और भूस्खलन से सबसे ज्यादा नुकसान उत्तराखंड और असम में देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड में अलग-अलग हादसों और बरसाती नालों के उफान में बहने से 3 बच्चों समेत 11 लोगों की जान चली गई।

अल्मोड़ा जिले के वडयूड़ा गांव में मलबे में दबने से एक महिला और उसके दो बच्चों की मौत हुई, जबकि देहरादून और कोटद्वार में नदियां व रपटे उफान पर आने से कई लोग बह गए। उधर असम के गुवाहाटी में भूस्खलन की चपेट में आने से एक ही परिवार के 3 सदस्यों समेत 4 लोग जिंदा दफन हो गए।

​नदियां और नाले उफान पर, कई इलाकों में चला बचाव अभियान 
उत्तराखंड के नैनीताल में शिप्रा नदी और ऊधमसिंह नगर में प्रमुख नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच चुकी हैं। उधर जम्मू-कश्मीर के राजोरी में जमौला नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से 6 बच्चों समेत 10 लोग नदी के बीच फंस गए थे, जिन्हें एसडीआरएफ (SDRF) और पुलिस की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। पुंछ जिले में भी मंगनाड़ नाला उफान पर आने से पुंछ-मेंढर मार्ग घंटों बाधित रहा।

​हिमाचल में कालका-शिमला रेलवे ट्रैक बाधित, 13 सितंबर तक ट्रेनें रद्द 
पहाड़ी इलाकों में हो रही तेज बारिश का असर रेल और सड़क यातायात पर बुरी तरह पड़ा है। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर ब्रिज नंबर 57 के पास पहाड़ी की मिट्टी बह गई, जिससे नैरो गेज ट्रैक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने इस ऐतिहासिक रूट पर चलने वाली सभी ट्रेनों को 13 सितंबर तक के लिए रद्द कर दिया है।

​हरियाणा से लेकर पूर्वोत्तर तक इस हफ्ते बना रहेगा बारिश का दौर 
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, इस पूरे सप्ताह 19 राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और मध्य प्रदेश समेत पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय और नागालैंड जैसे राज्यों में तेज बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन ने निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

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JBL Cove Speakers Launch: Dolby Atmos और Wi-Fi कनेक्टिविटी से लैस 3 नए स्पीकर लॉन्च, जानें कीमत

JBL ने होम ऑडियो एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए अपनी नई Cove सीरीज Wi-Fi स्पीकर्स लॉन्च की है। इस लाइनअप में JBL Cove M1, Cove P1 और Cove X1 शामिल हैं। इन स्पीकर्स को JBL One ऐप के जरिए Wi-Fi से कनेक्ट कर एक साथ कई कमरों में म्यूजिक चलाया जा सकता है। खास बात यह है कि हर बार स्पीकर्स को दोबारा ग्रुप या रीसेट करने की जरूरत नहीं होगी।

Cove सीरीज के स्पीकर्स को JBL Bar Series MK2 साउंडबार के साथ भी पेयर किया जा सकता है। इसके बाद Cove स्पीकर को रियर सराउंड स्पीकर की तरह इस्तेमाल कर लिविंग रूम में होम थिएटर सेटअप तैयार किया जा सकता है।

JBL Cove M1, P1 और X1 के फीचर्स
नई Cove सीरीज में तीन मॉडल पेश किए गए हैं। JBL Cove M1 इस सीरीज का एंट्री-लेवल मॉडल है। इसे रोजाना म्यूजिक सुनने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें तीन ट्वीटर और एक वूफर के साथ AI-बेस्ड साउंड एन्हांसमेंट फीचर दिया गया है। इसकी कीमत $230 है।

JBL Cove P1 एक पोर्टेबल स्पीकर है, जिसमें बिल्ट-इन बैटरी दी गई है। कंपनी के अनुसार इसकी बैटरी 14 घंटे तक चल सकती है। यह स्पीकर Dolby Atmos को भी सपोर्ट करता है और इसकी कीमत $400 रखी गई है। वहीं, JBL Cove X1 सीरीज का सबसे बड़ा मॉडल है। इसमें चार ट्वीटर और दो वूफर दिए गए हैं। यह भी Dolby Atmos सपोर्ट के साथ आता है। इसकी कीमत $450 है। तीनों स्पीकर्स को Black और White कलर ऑप्शन में पेश किया गया है और इनकी बिक्री 13 सितंबर से शुरू होगी।

एक स्पीकर से शुरू कर सकते हैं सेटअप
JBL ने Cove सीरीज को मॉड्यूलर सिस्टम के तौर पर डिजाइन किया है। यानी यूजर्स को शुरुआत में पूरी सीरीज के सभी स्पीकर खरीदने की जरूरत नहीं है। एक स्पीकर से शुरुआत करके बाद में जरूरत और बजट के हिसाब से दूसरे स्पीकर्स जोड़े जा सकते हैं। पूरे होम ऑडियो सिस्टम को JBL One ऐप खोले बिना भी कंट्रोल किया जा सकता है। वहीं, शुरुआती सेटअप के लिए केवल तीन स्टेप्स की जरूरत होती है। ऐप के जरिए कस्टम साउंड प्रीसेट और बिल्ट-इन म्यूजिक सर्विसेज का एक्सेस भी मिलता है।

कमरे के हिसाब से खुद एडजस्ट होगा साउंड
Cove सीरीज के हर स्पीकर में डुअल-चैनल डिजाइन दिया गया है। ये स्पीकर कमरे के हिसाब से अपनी ट्यूनिंग को ऑटोमैटिक तरीके से एडजस्ट कर सकते हैं।

JBL इसे “Constant Field Sound” कहता है। इसका उद्देश्य कमरे के अलग-अलग हिस्सों में ऑडियो को ज्यादा समान रूप से पहुंचाना है। इसके अलावा AI साउंड एन्हांसमेंट फीचर ज्यादा वॉल्यूम पर म्यूजिक सुनने के दौरान डिस्टॉर्शन को कम करने में मदद करता है।

कई स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म का सपोर्ट
कनेक्टिविटी के मामले में JBL Cove सीरीज में Wi-Fi और Bluetooth के अलावा AirPlay 2, Google Cast, Roon Ready, Spotify Connect, Tidal Connect और Qobuz Connect का सपोर्ट मिलता है।

Spotify यूजर्स को Moment बटन के जरिए Spotify Tap का वन-टैप एक्सेस भी मिलता है। स्पीकर्स में वॉयस कंट्रोल की सुविधा भी दी गई है। JBL ने बताया है कि इस साल के अंत में Alexa+ सपोर्ट भी जोड़ा जाएगा।

JBL Cove सीरीज की कीमत

  • JBL Cove M1: $230
  • JBL Cove P1: $400
  • JBL Cove X1: $450

तीनों मॉडल Black और White कलर में उपलब्ध होंगे और 13 सितंबर से बिक्री शुरू होगी।

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  Sports

Vaibhav Suryavanshi ने Duleep Trophy Final में मचाया गदर, Tilak Varma के माइंड गेम को किया फेल

दलीप ट्रॉफी के फाइनल में पहले ही दिन युवा वैभव सूर्यवंशी ने अपने आक्रामक अंदाज से दक्षिण क्षेत्र के गेंदबाजों को दबाव में डाल दिया। पूर्व क्षेत्र की ओर से पारी की शुरुआत करने उतरे वैभव और अभिमन्यु ईश्वरन ने शुरुआती 15 ओवर में ही 100 रन जोड़कर मुकाबले का रुख बदल दिया। इस दौरान साउथ ज़ोन  के कप्तान तिलक वर्मा भी काफी परेशान नजर आए और उन्होंने वैभव का ध्यान भटकाने की कोशिश में उनसे कुछ कहासुनी की।

करीब 10वें ओवर के आसपास तिलक वैभव के पास पहुंचे और उन्हें उकसाने की कोशिश की। उस समय वैभव कुछ ओवर पहले ही मोहम्मद सिराज के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी कर चुके थे। दक्षिण क्षेत्र के तेज गेंदबाज पूर्व क्षेत्र के दोनों सलामी बल्लेबाजों पर अपेक्षित दबाव नहीं बना पा रहे थे। ऐसे में तिलक ने खुद मोर्चा संभालने की कोशिश की।

हालांकि उनकी तरफ से की गई टिप्पणी भी ज्यादा लंबी नहीं चली। वैभव के पास जाकर तिलक ने कहा, "क्या रे, ये उपकप्तान?" और इसके बाद वहां से हट गए। वैभव पर इस बात का कोई खास असर दिखाई नहीं दिया और पूर्व क्षेत्र की बल्लेबाजी उसी गति से आगे बढ़ती रही।

बता दें कि दलीप ट्रॉफी भारतीय घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट की प्रमुख प्रतियोगिताओं में से एक है। इसमें देश के अलग-अलग क्षेत्रों की टीमें हिस्सा लेती हैं और युवा खिलाड़ियों के साथ अनुभवी क्रिकेटरों को भी खुद को साबित करने का मौका मिलता है। ऐसे मुकाबलों में प्रदर्शन खिलाड़ियों के आगे के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय अवसरों के लिए काफी अहम माना जाता है।

फाइनल में पूर्व ज़ोन के कप्तान ईशान किशन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। उन्हें उम्मीद थी कि शुरुआती घंटे में तेज गेंदबाजों को पिच से मदद मिल सकती है। मोहम्मद सिराज के पहले ओवर में गेंद ने सीम और उछाल भी दिखाया, लेकिन वैभव और ईश्वरन ने जल्द ही गेंदबाजी आक्रमण की रणनीति को समझ लिया।

वैभव ने खास तौर पर ऑफ साइड में शानदार शॉट लगाए, जबकि ईश्वरन ने लेग साइड पर गेंदबाजों को निशाना बनाया। दोनों ने बिना अनावश्यक जोखिम लिए तेजी से रन बनाए। उनकी बल्लेबाजी का दबाव इतना बढ़ गया कि तिलक वर्मा को आठवें ओवर से ही सीमा रेखा के पास पांच क्षेत्ररक्षकों को लगाना पड़ा। लाल गेंद के क्रिकेट में इतनी जल्दी इतने ज्यादा सीमा क्षेत्ररक्षकों को लगाना आम रणनीति नहीं मानी जाती, लेकिन उस समय दक्षिण क्षेत्र को रन रोकने के लिए यह बदलाव करना पड़ा।

ईश्वरन ने अपनी शानदार लय जारी रखते हुए 14वें ओवर में ही अर्धशतक पूरा कर लिया। उन्होंने केवल 46 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की। दूसरी तरफ वैभव भी अर्धशतक की ओर बढ़ रहे थे और उनकी बल्लेबाजी में वही आक्रामकता दिखाई दे रही थी जिसके लिए वह कम उम्र में चर्चा में आए हैं।

हालांकि 16वें ओवर में दक्षिण क्षेत्र को बड़ी सफलता मिली। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज सीवी मिलिंद ने छोटी गेंद फेंकी, जिस पर वैभव अपना विकेट गंवा बैठे। उनकी पारी भले ही अर्धशतक तक नहीं पहुंच सकी, लेकिन उन्होंने शुरुआती चरण में अपनी टीम को जिस स्थिति में पहुंचाया, उसने मैच की दिशा तय कर दी थी।

इसके बाद पूर्व ज़ोन को एक और झटका लगा। अभिमन्यु ईश्वरन और एस मोहन के बीच मैदान पर हुई गलतफहमी के कारण ईश्वरन रन आउट हो गए। इस तरह साउथ ज़ोन क्षेत्र ने पहले सत्र में दोनों सलामी बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया।

पहले सत्र की समाप्ति तक पूर्व क्षेत्र का स्कोर दो विकेट पर 133 रन था। शुरुआती घंटे में तेज गेंदबाजों को मिलने वाली संभावित मदद के बावजूद पूर्व ज़ोन के बल्लेबाजों ने जिस तरह दक्षिण क्षेत्र के आक्रमण का सामना किया, उससे उनकी तैयारी और आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया। खासकर वैभव सूर्यवंशी ने कम उम्र में बड़े मंच पर जिस बेखौफ अंदाज का प्रदर्शन किया, उसने दलीप ट्रॉफी फाइनल के पहले ही सत्र को चर्चा में ला दिया हैं।
Sun, 06 Sep 2026 19:54:00 +0530

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