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Krishna Janmashtami 2026: तनाव और चिंता से राहत दिलाती हैं श्रीकृष्ण द्वारा बताई गई गीता की ये सीख, Psychology भी मानती है असरदार

Krishna Janmashtami 2026: इस साल कृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर 2026 को मनाई जाने वाली है. जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था. हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी के दिन यह पर्व मनाया जाता है. भगवान कृष्ण का खास संबंध गीता और महाभारत काव्य से है. श्रीमद भगवद् गीत में भगवान कृष्ण ने लोगों के लिए ऐसे कई उपदेश दिए हैं, जो आज की जनरेशन में लोगों के बहुत काम आते हैं. उन्होंने गीता में आध्यात्मिक मार्गदर्शक और दार्शनिक ज्ञान दिया है. इससे व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता में मजबूती आती है. भगवद् गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने ओवरथिंकिंग से बचने के लिए 5 सीख दी हैं. आइए कृष्ण जन्माष्टमी पर जानते हैं इन शिक्षाओं के बारे में.

कृष्ण जन्माष्टी पर दी ये 5 सीख

1.गीता का श्लोक- कर्मण्य वाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन

परिणाम की जगह कार्रवाई पर ध्यान दें

भगवान कृष्ण ने गीता में बताया है कि हमें परिणामों से ज्यादा आस रखने की जगह अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए. ज्यादा सोचने से अक्सर उन परिणामों की चिंता पैदी होती है तो जो हमारे नियंत्रण से बाहर होती है. परिणामों के बारे में ज्यादा सोचने की बजाय आपको निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए. हम अपनी ऊर्जा को उत्पादक रूप से लगा सकते हैं और मानसिक उलझन कम होती है.

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2.गीता श्लोक- सम: सिद्धवसिद्धौ च कृत्वापि न निबध्यते

अनासक्ति को पहले अपनाएं

अनासक्ति का अर्थ होता है उदासीनता नहीं है, बल्कि यह सफलता या असफलता में ज्यादा भावनात्मक जुड़ाव से मुक्ति पाने का प्रतीक होता है. ज्यादा चिंतन तब होती है, जब हम अपनी इच्छाओं या डर को अपने ऊपर हावी होने दे देते हैं. अनासक्ति का अभ्यास हमें संतुलन और शांत मन से जीवन जीने में सक्षम बनाता है.

3.गीता श्लोक- दु:खेष्वनुद्विग्नमना:सुखेषु विगतस्पृह:

स्थिर मन का विकास करें

भगवत गीता में भगवान कृष्ण ने मन को शांत और स्थिर रखने के लिए कहा है. उन्होंने बताया है कि जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव से अप्रभावित हो रहे हैं. ज्यादा सोचना इंसान की भावनात्मक उथल-पुथल को बढ़ावा देने का काम करता है. वहीं, यदि स्थिर मन चुनौतियों का सामना सहजता से करता है और संयम से करने में सहायक है. इससे सीख मिलती है कि प्रतिक्रिया न दें और चिंतन करें. अराजकता के बीच में भी अपने मन को एकाग्र रखना चाहिए.

4.गीता श्लोक- सर्वधर्मान् परित्यज्य माम एकम् शरणम् व्रज

ईश्वर की सर्वोच्च शक्ति पर विश्वास रखें

गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि हमें ईश्वर की इच्छा या किसी उच्च शक्ति के प्रति समर्पण रखना हमारे अंदर आस्था की भावना को बढ़ाती है. इससे फैसले लेने में मानसिक बोझ कम महसूस होता है. वहीं, ज्यादा सोचना अक्सर खुद को एकमात्र जिम्मेदार समझने के भ्रम से उत्पन्न होता है. इसलिए, हमें ब्रह्मांड पर भरोसा रखना चाहिए और अपनी चिंताओं को त्याग देना अपार राहत प्रदान कर सकता है.

5.गीता श्लोक- असतोमा सद्गमय, तमसोमा ज्योतिर्गमय

अनित्यता को स्वीकार करना सीखें

भगवद गीता में भगवान कृष्ण ने जीवन की चुनौतियों और खुशियों की अस्थायी प्रकृति पर जोर देती है. अधिक सोचना से समस्याएं स्थायी होने लगती हैं और बढ़ने लग जाती है. इसलिए, हमें यह समझना होगा कि सब कुछ अस्थायी है, चिंताओं को सही परिप्रेक्ष्य में रखने में मदद करता है और सहनशीलता को बढ़ावा देती है.

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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ईरान ‘मौत के भंवर’ में फंसा, अमेरिकी वित्त मंत्री बोले- जल्द बातचीत की मेज पर आएगा

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि ईरान आर्थिक रूप से ‘मौत के भंवर’ में फंस गया है. उन्होंने कहा कि आर्थिक दबाव और सैन्य कार्रवाई का असर अंततः ईरान को फिर से बातचीत की मेज पर आने के लिए मजबूर करेगा. जी20 वित्त मंत्रियों की बैठक के बाद एशविल में पत्रकारों से बात करते हुए बेसेंट ने कहा कि अमेरिका का होर्मुज स्‍ट्रेट पर नियंत्रण है और उन्होंने इस दावे को खारिज किया कि ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को सफलतापूर्वक बंद कर दिया है.

उन्होंने कहा क‍ि ईरान का होर्मुज स्‍ट्रेट पर नियंत्रण नहीं है और वह आर्थिक रूप से गंभीर संकट में है. होर्मुज स्‍ट्रेट पर हमारा नियंत्रण है. बेसेंट ने कहा कि अमेरिकी सेना के सीमित हमलों में उन रडार प्रणालियों को निशाना बनाया गया जिन्हें ईरान होर्मुज स्‍ट्रेट के आसपास दोबारा स्थापित करने की कोशिश कर रहा था. उन्होंने दावा किया कि पिछले 24 घंटों में लगभग 17 मिलियन बैरल कच्चा तेल इस जलमार्ग से होकर गुजरा. बेसेंट का कहना था कि आर्थिक प्रतिबंधों के कारण ईरानी सरकार पर लगातार दबाव बढ़ रहा है और इसी वजह से वह सैन्य कदम उठा रही है. वे घबराए हुए हैं. आर्थिक दबाव बढ़ने के कारण वे सैन्य कार्रवाई का सहारा ले रहे हैं.

उन्होंने ईरान में ईंधन की कमी और लंबी कतारों का भी जिक्र किया और कहा कि दुनिया के बड़े ऊर्जा संसाधनों वाले देशों में शामिल होने के बावजूद ईरान कठिनाइयों का सामना कर रहा है. बेसेंट ने कहा कि ईरानी नेतृत्व पर दबाव तीन में से एक नतीजा दे सकता है: इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के भीतर फूट, जनता का विरोध या वाशिंगटन के साथ बातचीत. उन्होंने कहा क‍ि किसी समय ऐसा होगा जब या तो आईआरजीसी के लोग आपस में बंट जाएंगे या जनता उनके खिलाफ हो जाएगी, या वे बातचीत की मेज पर आकर ऐसा समझौता करना चाहेंगे जिसका पालन किया जा सके. बेसेंट ने कहा कि अमेरिका ईरान की डॉलर तक पहुंच सीमित करने और उन वित्तीय रास्तों को रोकने की कोशिश कर रहा है जिनके जरिए ईरान चीनी मुद्रा रेनमिनबी (आरएमबी) में प्राप्त भुगतान को दूसरी मुद्राओं में बदलता है।

उन्होंने कहा क‍ि चीन ईरान को आरएमबी में भुगतान करता है और यह राशि खाड़ी क्षेत्र के वित्तीय नेटवर्क के जरिए वापस आती है. उनके अनुसार, अमेरिका उन बैंकों, नकद लेनदेन केंद्रों और आपूर्ति नेटवर्क को निशाना बना रहा है जिनका इस्तेमाल इन पैसों को बदलने या स्थानांतरित करने के लिए किया जाता है. उन्होंने बताया कि पिछले शुक्रवार दुबई के एक बैंक के खिलाफ भी कार्रवाई की गई थी, हालांकि उन्होंने उसका नाम नहीं बताया. उन्होंने कहा, "जब यह पैसा डॉलर में नहीं बदला जा सकेगा, तब यह शासन आर्थिक रूप से और कमजोर हो जाएगा. बेसेंट ने कहा कि ईरानी मुद्रा के मूल्य में आई तेज गिरावट भी इस बात का संकेत है कि देश की विदेशी मुद्रा तक पहुंच कमजोर पड़ रही है. लगभग 16 महीने पहले जहां एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ईरानी मुद्रा की कीमत करीब 8 लाख डॉलर थी, वहीं अब यह गिरकर 2.10 लाख प्रति डॉलर के आसपास पहुंच गई है. इसका मतलब है कि उन्हें डॉलर तक पहुंच नहीं मिल रही है और वे गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं." बेसेंट ने माना कि बढ़ते दबाव के बीच ईरान आगे और सैन्य कार्रवाइयां कर सकता है. हालांकि उन्होंने कहा कि अंततः आर्थिक हालात ईरानी सरकार को अपने फैसलों पर फिर से विचार करने के लिए मजबूर करेंगे. 

INPUT: IANS

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Video: वैभव सूर्यवंशी ऑल फॉर्मेट बल्लेबाज बनने के लिए कितनी करते हैं रेड बॉल से तैयारी जानिए

वैभव सूर्यवंशी ऑल फॉर्मेट बल्लेबाज बनने के लिए कितनी करते हैं रेड बॉल से तैयारी जानिए. वैभव ने कहा कि मैं रेड बॉल (लाल गेंद) से काफी प्रैक्टिस करता हूँ और अपने राज्य के लिए भी खेलता हूँ. मैं अपनी बल्लेबाजी को फॉर्मेट के अनुसार बदलता हूँ. मेरा सपना है कि मैं तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे, टी20) खेलूं. आगे क्या होगा, वो भगवान ही जानता है. Wed, 2 Sep 2026 19:47:56 +0530

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