Vivo T5 5G की धमाकेदार एंट्री! 7,050mAh बैटरी और 144Hz डिस्प्ले के साथ हुआ लॉन्च
Vivo T5 5G: वीवो ने अपनी लोकप्रिय टी-सीरीज का नया स्मार्टफोन Vivo T5 5G भारत में आधिकारिक तौर पर पेश कर दिया है. यह स्मार्टफोन प्रीमियम फीचर्स और दमदार प्रोसेसर के साथ आता है, जिसे कंपनी ने दो खूबसूरत रंगों 'रॉयल ब्रॉन्ज' और 'सिल्वर ग्रीन' में बाजार में उतारा है. इस फोन को खास तौर पर उन यूजर्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जो बेहतर बैटरी बैकअप, शानदार डिस्प्ले और स्मूथ परफॉर्मेंस की तलाश में हैं.
जानें कितनी होगी स्मार्टफोन की कीमत
कंपनी ने इस स्मार्टफोन को चार अलग-अलग स्टोरेज वेरिएंट्स में पेश किया है. इसके 6GB रैम और 128GB स्टोरेज वाले बेस वेरिएंट की शुरुआती कीमत 34,999 रुपये तय की गई है. वहीं 8GB रैम + 128GB स्टोरेज मॉडल की कीमत 39,999 रुपये और 8GB रैम + 256GB मॉडल की कीमत 44,999 रुपये है. इस फोन का सबसे टॉप वेरिएंट 12GB रैम और 256GB स्टोरेज के साथ आता है, जिसकी कीमत 49,999 रुपये रखी गई है. इस फोन की पहली बिक्री ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट पर 9 सितंबर से शुरू होगी. लॉन्च ऑफर के तहत एक्सिस बैंक, एसबीआई और एचडीएफसी बैंक के क्रेडिट या डेबिट कार्ड से खरीदारी करने वाले ग्राहकों को 4,000 रुपये का इंस्टेंट डिस्काउंट भी दिया जाएगा.
वीवो के इस फोन में मिलेगी कर्व्ड एमोलेड डिस्प्ले दी
स्मार्टफोन में 6.83-इंच की 1.5K 3D कर्व्ड एमोलेड डिस्प्ले दी गई है, जो देखने में काफी आकर्षक लगती है. यह डिस्प्ले 144Hz रिफ्रेश रेट, 300Hz टच सैंपलिंग रेट और HDR10+ सपोर्ट के साथ आती है, जिससे गेमिंग और वीडियो देखने का अनुभव बेहद स्मूथ हो जाता है. इसमें 2,000 निट्स की पीक ब्राइटनेस मिलती है, जिससे तेज धूप में भी स्क्रीन आसानी से दिखती है. इसके अलावा, फोन को पानी और धूल से पूरी सुरक्षा देने के लिए इसमें IP68 और IP69 की रेटिंग दी गई है.
जानें स्मार्टफोन में और क्या रहेंगे फीचर्स
बेहतर परफॉर्मेंस के लिए Vivo T5 5G में 4nm तकनीक पर आधारित ऑक्टा-कोर MediaTek Dimensity 7500 Turbo चिपसेट का इस्तेमाल किया गया है. इसके साथ ही फोन में MediaTek NPU 850, LPDDR4x रैम और तेज यूएफएस 3.1 स्टोरेज का सपोर्ट मिलता है. यह स्मार्टफोन लेटेस्ट एंड्रॉइड 16 पर आधारित OriginOS 6 पर काम करता है. कंपनी ने ग्राहकों को भरोसा दिया है कि इस हैंडसेट को तीन प्रमुख ओएस अपग्रेड और पांच साल तक सिक्योरिटी अपडेट मिलते रहेंगे.
दमदार कैमरा सेटअप और 7,050mAh की जंबो बैटरी
फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए इसके रियर में डुअल कैमरा सेटअप दिया गया है. इसमें ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन (OIS) सपोर्ट के साथ 50-मेगापिक्सल का मुख्य Sony IMX882 सेंसर और 8-मेगापिक्सल का सेकेंडरी लेंस शामिल है. वहीं सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 32-मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है, जो 4K वीडियो रिकॉर्डिंग को सपोर्ट करता है. इस डिवाइस की सबसे बड़ी खासियत इसकी 7,050mAh की पावरफुल बैटरी है, जो एक बार फुल चार्ज करने पर लगभग 22 घंटे का बैकअप देती है. इसे तेजी से चार्ज करने के लिए 44W फास्ट चार्जिंग और बायोमेट्रिक सुरक्षा के लिए इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है.
EXPLAINER: दलीप ट्रॉफी में किस टीम ने जीती हैं सबसे ज्यादा ट्रॉफी? फाइनल से पहले जान लीजिए इस टूर्नामेंट का पूरा इतिहास
Duleep Trophy: दलीप ट्रॉफी 2026 रोमांचक अंदाज में आगे बढ़ते हुए अब फाइनल मुकाबले तक आ पहुंचा है. सेमीफाइनल मैच में सेंट्रल जोन को धूल चटाकर ईस्ट जोन ने फाइनल में जगह पक्की कर ली है. ईशान किशन की कप्तानी वाली इस टीम में वैभव सूर्यवंशी भी शामिल हैं, जिन्होंने सेमीफाइनल में अच्छा प्रदर्शन किया. 6 सितंबर से टूर्नामेंट का फाइनल मैच खेला जाने वाला है. मगर, क्या आपको मालूम है कि दलीप ट्रॉफी पर किसका राज है? कौन सी टीम है, जिसने सबसे अधिक बार ट्रॉफीज उठाई हैं? तो आइए इस आर्टिकल में जान लेते हैं कि टूर्नामेंट कब शुरू हुआ, इसकी पहली विनर टीम कौन सी है.
किसके नाम पर रखा गया दलीप ट्रॉफी का नाम?
दलीप ट्रॉफी भारत की प्रतिष्ठित घरेलू फर्स्ट क्लास क्रिकेट प्रतियोगिताओं में से एक है. इस टूर्नामेंट का नाम कुमार श्री दलीपसिंहजी के सम्मान में रखा गया है, जो भारतीय मूल के महान क्रिकेटर थे और उन्होंने 1929 से 1931 के बीच इंग्लैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट खेला था. दलीपसिंहजी अपनी शानदार बल्लेबाजी शैली और तकनीक के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध थे. वे महान क्रिकेटर कुमार श्री रणजीतसिंहजी के भतीजे थे, जिनके नाम पर रणजी ट्रॉफी खेली जाती है.
दलीपसिंहजी भारतीय क्रिकेट की शुरुआती महान हस्तियों में गिने जाते हैं. उनके खेल कौशल, भारतीय क्रिकेट में योगदान और प्रेरणादायक विरासत को सम्मान देने के लिए बीसीसीआई ने घरेलू प्रथम श्रेणी के इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का नाम उनके नाम पर रखा. आपको बता दें, बीसीसीआई ने 1961-62 सीजन में इस टूर्नामेंट की शुरुआत की. इसका उद्देश्य देश के अलग-अलग जोन के बेस्ट खिलाड़ियों को एक मंच पर लाकर उच्च स्तर का प्रतिस्पर्धी क्रिकेट कराना था, ताकि राष्ट्रीय टीम के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान की जा सके.
दलीप ट्रॉफी का पहला संस्करण किसने जीता?
दलीप ट्रॉफी का पहला संस्करण 1961-62 में खेला गया था और इसका खिताब वेस्ट जोन ने अपने नाम किया था. फाइनल मुकाबले में वेस्ट जोन का सामना साउथ जोन से हुआ. मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में वेस्ट जोन ने साउथ जोन को 10 विकेट से हराकर ऐतिहासिक खिताब जीता. साउथ जोन ने पहली पारी में 175 रन बनाए, जिसके जवाब में वेस्ट जोन ने 234/9 घोषित किए. दूसरी पारी में साउथ जोन सिर्फ 139 रन बना सका और वेस्ट जोन को जीत के लिए 81 रन का लक्ष्य मिला, जिसे उसने बिना विकेट गंवाए हासिल कर लिया.
किस टीम ने जीता है सबसे अधिक बार खिताब?
दलीप ट्रॉफी के खिताब की बात करें, तो नॉर्थ जोन की टीम ने सबसे अधिक बार ट्रॉफी उठाई है. जी हां, वेस्ट जोन की टीम अब तक 19 बार खिताबी जीत दर्ज कर चुकी है. वहीं, नॉर्थ जोन की टीम ने 18 ट्रॉफी उठाई हैं. साउथ जोन ने 13, सेंट्रल जोन ने 7 और ईस्ट जोन की टीम ने 2 बार खिताबी जीत दर्ज की है.
| टीम | खिताब |
|---|---|
| वेस्ट जोन | 19 |
| नॉर्थ जोन | 18 |
| साउथ जोन | 13 |
| सेंट्रल जोन | 7 |
| ईस्ट जोन | 2 |
फाइनल मैच 6 सितंबर से होगा शुरू
दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल मुकाबला 6 सितंबर से शुरू होने वाला है. इस मैच पर सभी की नजरें टिकी होंगी, क्योंकि ईस्ट जोन की ओर से एक बार फिर वैभव सूर्यवंशी मैदान पर उतरने वाले हैं. ईशान किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन की टीम ने सेमीफाइनल मैच में रजत पाटीदार की सेंट्रल जोन टीम को 4 विकेट से हराकर जीत दर्ज की और फाइनल में पहुंच गई. हालांकि, अभी दूसरा सेमीफाइनल नॉर्थ जोन और साउथ जोन के बीच खेला जा रहा है, जिसके बाद ही फैसला होगा कि फाइनल मैच में ईस्ट जोन का सामना किस टीम से होने वाला है.
ऐसे होता है 28 राज्यों से 6 टीमों का चुनाव
दलीप ट्रॉफी में सिर्फ 6 टीमें इसलिए खेलती हैं क्योंकि यह राज्य आधारित नहीं, बल्कि जोन आधारित टूर्नामेंट है. इसका उद्देश्य रणजी ट्रॉफी के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को एक ही टीम में शामिल करके प्रतियोगिता का स्तर बढ़ाना और भारतीय टीम के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का आकलन करना है.
आपको बता दें, पूरे देश को 6 क्रिकेट जोन में बांटा गया है और हर जोन की एक टीम टूर्नामेंट में हिस्सा लेती है. यह फॉर्मेट घरेलू क्रिकेट के बेस्ट खिलाड़ियों को एक-दूसरे के खिलाफ खेलने का मौका देता है, जिससे सिलेक्टर्स को खिलाड़ियों का बेहतर मूल्यांकन करने में मदद मिलती है.
वैभव सूर्यवंशी पर टिकी होंगी नजरें
4⃣,6⃣,4⃣,4⃣, ????
— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) September 1, 2026
Vaibhav Sooryavanshi ???? Yash Thakur battle part 2⃣ ????#DuleepTrophy | #CZvEZ
Scorecard ▶️ https://t.co/kyExeix2VY pic.twitter.com/wX8L5AHdTB
सेंट्रल जोन के खिलाफ खेले गए दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल मैच में वैभव सूर्यवंशी ने शानदार बल्लेबाजी की थी. उन्होंने पहली पारी में 81 गेंदों पर 92 रनों की धाकड़ पारी खेली थी, जिसमें 7 चौके और 7 छक्के लगाए थे. भले ही वह शतक लगाने से चूक गए हो, लेकिन उस मैच में अर्धशतक लगाने के साथ ही वैभव दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाने वाले सबसे युवा क्रिकेटर बन गए. दूसरी पारी में वैभव ने अच्छी शुरुआत की.
मगर, वह 43 गेंद पर 40 रनों की पारी खेलकर आउट हो गए. अपनी पारी में वैभव ने 3 चौके और 2 छक्के भी लगाए. इस तरह सेमीफाइनल मैच में वैभव सूर्यवंशी अपनी ईस्ट जोन की टीम की ओर से सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे. ऐसे में अब सभी की नजरें उनपर टिकी होंगी और उनकी टीम को उनसे बड़ी पारी की उम्मीद रहेगी.
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